CJI के इस्तीफे की मांग पर SCBA सख्त, सोशल मीडिया बयानों को न्यायपालिका की गरिमा पर हमला बताया

खबर सार :-

कांग्रेस और विपक्षी दल अब लक्ष्मण रेखा लांघ रहे हैं। वह निर्वाचन कार्यालय से मुख्य न्यायाधीश पर कार्रवाई या इस्तीफा चाह रहे हैं। उनकी मांग पूरी नहीं हो पा रही है, इसलिए अब मुख्य न्यायाधीश का  त्यागपत्र मांग रहे हैं।
विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग लेकर गए थे मिलने, न्यायाधीश ने हस्तक्षेप करने से किया इंकार

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के इस्तीफे की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे बयानों की कड़ी निंदा की है। इस स्थिति तक गिरावट विपक्ष की मांग पर आई है। सत्ता तक नहीं पहुंच पाने से इतनी नाराजगी बढ़ी है कि वह संवैधानिक व्यवस्था को नहीं मान रहे हैं। मुख्य निर्वाचन को हटाने का प्रण कर चुके हेैं। देश में जेनजी ले आए हैं।

जहां-जहां काम नहीं बना, वहां-वहां भ्रष्टाचार दिख रहा

इसीलिए उनको उम्मीद थी कि वह मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी अपने पाले में कर लेंगे। यद्यपि उनको राष्ट्रपति से मिलकर कोई लाभ नहीं मिल सका है। जहां-जहां काम नहीं बना, वहां वहां उनको भ्रष्टाचार दिख रहा है। जहां चुनाव नहीं नहीं जीते, चुनावी सिस्टम खराब है। एसोसिएशन ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित करते हुए इसे न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला और न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप का प्रयास बताया है।एससीबीए द्वारा जारी प्रस्ताव में कहा गया है, “सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन सोशल मीडिया पर प्रसारित उन बयानों की निंदा करता है, जिनमें भारत के मुख्य न्यायाधीश से इस्तीफे की मांग की जा रही है।

न्यायाधीश के साथ हजारों वकील हैं। कानून की पूरी जानकार है। लेकिन विपक्ष को अब कुछ भी नहीं सुनाई या दिखाई दे रहा है। जो कह रहें, वही सही समझ भी रहे हैं। हर व्यक्ति को कानून के अनुसार अदालतों का दरवाजा खटखटाने और उपचार मांगने का अवसर प्राप्त है। इस तरह के बयान न्यायपालिका संस्था को छोटा करते हैं और न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप करने का प्रयास है। न्यायाधीश ने कहा भी था कि आदालत में सभी की याचिकाओं का स्वागत है। अब उनके अब उनके इस्तीफे की मंाग की जा रही है। मीडिया में पोस्ट करने वाले की निेदा की जा रही हैै।

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एससीबीए अपने सभी सदस्यों और अन्य सभी व्यक्तियों से भारत के सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने का आह्वान करता है। यह प्रस्ताव एससीबीए की मानद सचिव प्रज्ञा बघेल द्वारा 12 अक्टूबर को जारी किया गया। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा सीजेआई के इस्तीफे की मांग को लेकर पोस्ट प्रसारित की जा रही थीं। यह मामला उस समय सामने आया जब विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेताओं की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में तकनीकी खामियां पाए जाने के बाद रजिस्ट्री ने उसे लिस्ट नहीं किया था।

राहुल गांधी ने ऐसे ही कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया

इसके बाद सोशल मीडिया पर न्यायपालिका को लेकर कई तरह की टिप्पणियां की जाने लगीं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि हमारी कुछ मयादाएं हैं, इसलिए हम वहां नहीं आ सकते हैं। इस संबंध मंे एक गोपनीय पत्र भी लिखा गया था।अदालत में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी कांग्रेस वालों ने ही की है। इससे पहले भी विदेश में जाकर राहुल गांधी ने ऐसे ही कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कई बार कहा है कि देश की न्यायालय सत्ता के कब्जे में है। सरकार जिस तरह से चाहती हैं।

वह ऐसी वह फैसला दे रहे है।ं वहीं पिछले दिनों के मामले पर अगर गौर किया जाए तो सुप्रीम कोर्ट की गैर मौजूदगी में पत्र दिया गया था। बाद में पत्र मिलने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने उसका जवाब भी दिया। पत्र देने के साथ नहीं पहुंचने का हवाला भी दिया। उन्होंने कहा यह गोपनीय है, लेकिन इसमें एक बात है कि मेरे वहां पहुंचने से विभागों में टकराव होगा। मैं कार्रवाई नहीं कर सकता। मेरे अधिकारों की सीमाएं हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त संवैधानिक पद पर बैठे हुए हैं। इसलिए आप एक याचिका के माध्यम से अपनी बात रखें आपका अदालत में स्वागत हैं।

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