असम में चलेगा राहुल गांधी के खिलाफ अभियान, हिमंता ने कहा-इनके झूठ से सावधान रहें

खबर सार :-

भाजपा ने इंडिया गठबंधन को घेरना शुरू कर दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कई रैलियां करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संवैधानिक प्रक्रिया का अपमान कर रहे हैं। उनका न्यायालय पर भी भरोसा नहीं है। क्रेदीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी को ललकार लगाई है। उन्होंने कहा कि जहां से चुनाव जीते, वहां भी गलत नतीजे आए। इस्तीफा दें।
विपक्ष के प्रदर्शनों पर हिमंता और गिरिराज का वार, कहा-रैलियों में खोलेंगे कांग्रेस का झूठ

खबर विस्तार : -

नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी के असम में मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा शर्मा ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने राहुल गांधी के कैंपेन को जवाब देने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को उठ खड़े होने का ऐलान किया है। हिमंत ने कहा है कि यह वक्त सावधान करने का है। उन्होंने कहा कि 13 से 31 अक्टूबर तक राज्य भर के जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण रैलियां की जाएंगी। राहुल गांधी इन दिनों भारत के मुख्य निर्वाचन आयोग की आलोचना कर रहे हैं।

हिमंता ने उन पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भाजपा की असम यूनिट रैलियां करके इनका जवाब देगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने लिखा है की जो रैलियां हम करेंगे, उनमें कोशिश होगी की संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश ना करें। लोकतांत्रिक जनादेश को कमजोर करने की कोशिश कांग्रेस कर रही है। इसलिए अब सावधान हो जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को जागरूक करना हमारी जिम्मेदारी है।

राहुल गांधी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे

यह घोषणा तब हुई, जब राहुल गांधी दिल्ली में चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस पर चुनावी नतीजे को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप है। कांग्रेस पार्टी जहां से चुनाव जीत जाती है वहां के बारे में प्रतिक्रिया नहीं करती है। चुनाव आयोग को वहां पर जीतने के लिए कभी भी दोषी नहीं ठहरती है, लेकिन चुनाव हारने के बाद वह सीधे चुनाव आयोग को भ्रष्ट बताने लगती है। भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाती है।

चुनाव हारने या जीतने के बाद वह कभी अपनी पार्टी में समीक्षा नहीं करते हैं। इस बार तो हद कर दी है कि संवैधानिक संस्था के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जनता का विश्वास तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह भारत के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में अराजकता का माहौल पैदा किया जा रहा है। राहुल गांधी चुनाव के परिणामों को हेर फेर कह रहे हैं। विपक्ष के नेता के तौर पर वह किस हक से संसद में बने हुए हैं।

केरल में नतीजे आते हैं तो वह उनका स्वागत करते

उनका यह दोहरा मापदंड जनता के सामने है। जब केरल में नतीजे आते हैं तो वह उनका स्वागत करते हैं और जब असम में नतीजा आते हैं तो वह उसे स्वीकार नहीं करते हैं। यह लोकतंत्र तभी सही है, जब कांग्रेस की जीत हो? ऐसा कुछ राहुल गांधी कहते और करते रहते हैं। असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलने की इच्छा जताई थी। उन्होंने 13 अक्टूबर को बहस का हवाला दिया और कहां की यह हमारे अधिकारों से बाहर है। संविधान हमें इस बात की इजाजत नहीं देता है।

 संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई का दबाव देना उचित नहीं है। हिमंता ने कहा कि उनके अनुरोध को ठुकराए जाने के बाद भी राहुल गांधी प्रदर्शन और मार्च कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी न्यायपालिका पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग लोगों को ब्लैकमेल करेंगे, एसआइआर के बारे में गलत भ्रम पैदा करेंगे। लोकतंत्र को खतरा बता कर अपने आप को जिम्मेदार होने का संदेश देंगे। इसलिए कांग्रेस पार्टी के मंसूबे कामयाब नहीं होंगे और उन्होंने राज्य की जनता से अपील की है कि वह उनके कारनामे पर ध्यान रखें।

झूठ फैलाने का जिम्मा राहुल गांधी ने उठा रखा

दूसरी ओर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से की गई प्रेस वार्ता को लेकर केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने जवाब दिया है। सिंह ने कहा है कि वह एक हाथ में संविधान पकड़े हुए हैं और उसे खत्म करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा की बिहार के चुनाव आयोग ने सबूत मांगे थे। उन्होंने क्यों नहीं दिया? राहुल गांधी के बारे में गिरिराज सिंह ने कहा कि झूठ फैलाने का जिम्मा राहुल गांधी ने उठा रखा है।

उन्होंने दावा किया है कि उनके साथ 300 सांसद हैं तो फिर वह अविश्वास प्रस्ताव क्यों नहीं ले आते?  अब वह कह रहे हैं कि 200 अधिकारी उनके साथ हैं। मैं कह रहा हूं कि उनके पास अपने शशि थरूर भी नहीं हैं। गिरिराज सिंह ने कहा, जहां पर चुनाव हारे हैं, वहां-वहां के मसले उठा रहे हैं, लेकिन यह लोग कहीं का भी सबूत नहीं दे पाए।

झूठ फैलाने और कन्फ्यूजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम लेते हुए कहा कि मुझे उन पर दया आ रही है, क्योंकि इस उम्र में वह इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं और राहुल गांधी जैसे लोगों की चापलूसी करने में किस हद तक पहुंच रहे हैं? भारत को बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल बनाने की इच्छा रखते हैं।

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