भगोड़े अपराधियों की तलाश में खंगाले जा रहे दिल्ली के कैमरे

खबर सार :-

देश की राजधानी में पिछले सप्ताह नीट परीक्षा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफा की मांग भी की गई थी। इस दौरान हिंसात्मक प्रदर्शन में कुछ छात्र और पुलिस वाले जख्मी भी हुए थे।
भगोड़े अपराधियों की तलाश में खंगाले जा रहे दिल्ली के कैमरे

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली ; देश की राजधानी में पिछले सप्ताह नीट परीक्षा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफा की मांग भी की गई थी। इस दौरान हिंसात्मक प्रदर्शन में कुछ छात्र और पुलिस वाले जख्मी भी हुए थे। इस प्रदर्शन के जरिए पूरे देश में राजनीतिक माहौल गर्माने के कारण इसका असर संसद भवन तक पहुंच चुका है। संसद की कार्यवाही नहीं चल पा रही है, लेकिन इसी बीच दिल्ली पुलिस के एक सूत्र ने इस बात का खुलासा किया है कि 20 से 25 जुलाई के बीच जंतर मंतर पर छात्रों का जहां पर प्रदर्शन हो रहा था, वहां पर करीब ढाई हजार से ज्यादा लोग अपराधिक पृष्ठभूमि वाले पहुंचे थे। आखिर यह लोग कौन है?

प्रदर्शन में शामिल होने की है आशका

इसकी पड़ताल अभी चल रही है। दूसरी ओर विपक्ष के नेता और छात्र नेता मांग कर रहे हैं कि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष के साथ कई समाजसेवी मांग कर रहे हैं कि देश में कानून व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए कुचक्र रचा गया था। वह लोग कौन हैं कि प्रदर्शन के बहाने देश को अस्थिर करने का प्रयास चल रहा था। आखिर उन पर मुकदमा क्यों ना हा?े उन पर कड़ी कार्रवाई कर जेल भेजने की मांग की जा रही है। एक  पुलिस अधिकारी के माध्यम से जानकारी मिली है कि इन अपराधियों की पहचान चेहरे की पहचान प्रणाली और तकनीकी संसाधनों के माध्यम से की गई है।

कई बड़े अपराधों में हैं इनके नाम

अभी तक पहचाने गए लोगों में ज्यादातर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर चंाद बाग, जाफराबाद और दिल्ली पूर्वी कुछ कॉलोनी जैसे जामिया शहर  ओखला आदि क्षेत्र में नजर आए हैंै। यह लोग उस दिन प्रदर्षन के दौरान वहां पर पहुंचे हुए थे? धरना स्थल पर यूं ही उपद्रव नहीं हुआ? इसके लिए पुलिस का दावा है की पूरी तैयारी करके लोग पहुंचे हुए थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह लोग 20 जुलाई को जंतर मंतर और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में हुई हिंसा में शामिल थे। यद्यपि एक ओर कुछ पुलिस के माध्यम से यह बात कही जा रही है कि यह लोग वहां पर थे, दूसरी ओर अभी जांच का विषय भी बना हुआ है।

कुछ कुख्यात अपराधियों के रिकॉर्ड में शामिल

बताया जा रहा है कि अपराधी कई गंभीर दर्ज मामलों के हो सकते हैं। इनमें हत्या, नाबालिकों से जुड़े अपराध, यौन उत्पीड़न और डकैती आदि में शामिल रहे हैं। इनमें से कुछ कथित अपराधी बार-बार कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध स्थल पर लौट कर आए थे। इस बात की अब जांच की जाएगी कि इन अपराधियों का कॉकरोच पार्टी से क्या लेना देना है? और यह लोग बार-बार वहां क्यों आ रहे थे। अपराधी रिकॉर्ड वाले करीब 2873 हैं। कम से कम 989 प्रदर्शनकारियों के जघन्य अपराधों में शामिल होने का संदेह जताया गया है।

अभी तक कैमरे के आधुनिक प्रणाली से दिल्ली पुलिस हाई रिेजोल्यूशन कैमरे देख रही है। जंतर मंतर प्रदर्शन स्थल के प्रवेश और निकास बिंदुओं के साथ-साथ शहर में लगे हुए सीमावर्ती क्षेत्र में स्थापित कैमरा निगरानी का हिस्सा हैं। जानकारी तो यह भी है और उन्हें प्रदर्शनकारी छात्रों के वेष में देखा गया था। पुलिस के डेटाबेस में जो तस्वीर गई है उनमें विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज मुकदमेें वाले अपराधियों से कुछ उनकी तस्वीर मिलती हैं। यह लोग भगोड़े आपराधिक रिकार्ड वाले व्यक्तियों और कुछ कुख्यात अपराधियों के रिकॉर्ड में शामिल हो सकते हैं।

बिहार में 694 लोग हिरासत में

पटना, दूसरी ओर बिहार पुलिस मुख्यालय ने 25 जुलाई को विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के छात्र प्रदर्शनों, रैलियों और मार्चों के दौरान कई जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति बताई। पुलिस ने बताया कि राज्यव्यापी आंदोलन के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनके सत्यापन के बाद 339 नाबालिगों और छात्रों को रिहा कर दिया गया। तमाम स्थानों में हिंसक घटनाओं में कथित रूप से शामिल 355 व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया के अनुसार अदालत में पेश किया गया। रिपोर्ट कहती है कि पत्थरबाजी, पुलिस पर हमले, सरकारी संपत्ति को नुकसान और हिंसा की अन्य घटनाओं में 91 पुलिस के लोग घायल हुए।

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