नीमच : पीएम स्वनिधि योजनाः बदल रही जिंदगी, लाभार्थियों ने कहा-स्वनिधि ने बनाया आत्मनिर्भर

खबर सार :-

पीएम स्वनिधि का लाभ लेकर छोटे-छोटे रोजगार किए गए हैं। उद्यमी बनकर महिलाएं काम कर रही हैं। यह योजना इतनी सफल रही कि भाजपा के विकास कार्याें में इसको भी गिनाया जा रहा है।
नीमच : महिलाओं ने बनाए मिट्टी के बर्तन, मसाले की पैकिंग में भी लाभ कमाया

खबर विस्तार : -

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 7 अक्टूबर को सार्वजनिक जीवन में उनके 25 साल पूरे कर रहे हैं। उन्होंने 1 जून 2020 को पीएम सम्मान निधि योजना शुरू की थी। भारतीय जनता पार्टी पीएम के 25 साल सार्वजनिक जीवन में बिताने के लिए उत्सव मना रही है। पीएम सम्मान निधि को प्रधानमंत्री के कार्याें में गिनाकर उसका श्रेय ले रही है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब, जम्मू कश्मीर के अलावा भी राज्यों में लोग इसका लाभ ले रहे हैं। 

पीएम स्वनिधि योजना ने हर जगह लोगों को लाभ पहुंचाया है। इस योजना के जरिए वेंडर्स ने भी काम करना सीखा है। आर्थिक मदद के रूप में पीएम सम्मान निधि योजना उनके लिए बहुत सही साबित हुई। छोटे कारोबार के लिए इसे लोगों ने बेहतर माना है। जिन लोगों के पास रोजगार करने के लिए संसाधन और धन नहीं था, उन्होंने नए उद्यमी के रूप में इस योजना पर भरोसा जताया है। छोटा कारोबार करने के लिए इस योजना का लाभ महत्वपूर्ण हो गया। इसका लाभ लेने के लिए आज भी लोग उत्साहित हैं। 

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जमीनी स्तर पर आया बदलाव

योजना ने जमीनी स्तर पर लोगों को लाभ पहुंचाया है। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर इस योजना के तहत व्यापारियों ने खुशी जताई है। नगर पालिका क्षेत्र में योजना को क्रियान्वयन कर जमीनी स्तर पर उतर गया है। इसमें फंड की कमी से जूझने वाले छोटे व्यापारियों को जिनमें रेहड़ी पटरी पर काम करने वाले, ठेला खोमचा लगाने वाले, सब्जी का व्यापार करने वाले और भी बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं, जिनके लिए यह योजना सार्थक रही है। इस योजना में छोटे दुकानदार को बिना किसी परेशानी के लोन मिला है।

महिलाओं को खासकर इसमें तबज्जो दिया गया है। जिन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की जिज्ञासा थी, वह योजनाओं का लाभ ले रही हैं। कोरोना काल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर बनने के लिए लोगों से अपील की थी, इसके बाद विदेशों में या दूसरे राज्यों में काम करने वाले जब घरों को लौटे, उनमें हजारों ने अपना रोजगार शुरू किया। इस योजना के तहत लगभग 15000 का लक्ष्य था। इसके बाद अलग-अलग तरीके से राज्यों में इसे बढ़ाया गया है। इस योजना के तहत पहले चरण में 15000 दूसरे चरण में 25000 और तीसरे चरण में 50000 का लोन दिया जाता है। समय पर लोन चुकाने के बाद अब इसमें क्रेडिट कार्ड का विकल्प भी आया है। 

नीमच में बनाए जा रहे हैं क्रेडिट कार्ड

नीमच नगर पालिका मध्य प्रदेश के अंतर्गत आता है। यहां अब तक लगभग 40 क्रेडिट कार्ड बनाए जा चुके हैं। सीएमओ, मुख्य नगर पालिका अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार लक्ष्य के अनुसार, इन्होंने स्थित वेंडरों को लाभ दे दिया है। इसी तरह नीमच के लाभार्थियों ने अगरबत्ती का व्यवसाय शुरू किया और उसमें जब फायदा हुआ, व्यवसाय को बढ़ा दिया। उद्यमी रेखा प्रजापति ने बताया कि वह ग्वालटोली नीमच की रहने वाली है।

पीएम सम्मान निधि योजना के तहत 10000 का लोन लिया था। उन्होंने व्यवसाय बढ़ाया और मिट्टी के बर्तन बेचकर उस रकम को चुका भी दिया। करवे, कलश, माटी की मूर्तियां, दीपक बनाना उनके रोजगार में शामिल है। पहले इनका समय इधर-उधर बैठकर बीतता था, लेकिन अब अपने व्यवसाय को बढ़ा रही हैं। इसी तरह कई ऐसे व्यवसायी हैं, जिन्होंने मसाले का काम शुरू किया। अपने आसपास की छोटी दुकानों से कच्चा माल लाकर घरों में उसे पीसकर पैकिंग करती हैं। 

3100 निकालने के बाद भी 15 हजार की बचत

लॉकडाउन से पहले मजदूरी करने वाले गोविंद भी नीमच के रहने वाले हैं। इन्होंने बताया कि योजना के तहत 10000 उसके बाद 20000 और बाद में 50000 लोन लिए हैं। उन्होंने बताया कि सुबह उनकी कब शुरू होती है, पता नहीं चलता है। 3 बजे से रात 10 तक रेहडी लगाते हैं। सभी खर्च निकालने के बाद 15000 महीना बच भी जाता है। उन्होंने बताया कि लोन पर इससे उनका पैसा निकल आता है। करीब 3100 रुपए वह किस्त के लिए पहले ही निकाल लेते हैं। योजना का लाभ लेने वाले इसी तरह छोटे उद्यमी लगभग देश के कई राज्यों में हैं। उनके लिए रोटी रोजी लेकर आई योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहते हैं।

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