आयुर्वेद दिवस पर CM रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने दीं शुभकामनाएं, बताया स्वस्थ जीवनशैली का आधार

खबर सार :-

बुधवार को आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने इसे स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया। उन्होंने नागरिकों को आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं दीं।
सीएम रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने आयुर्वेद दिवस की दीं शुभकामनाएं

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के मौके पर देशभर के नेताओं ने आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा को नमन किया और सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर नेताओं ने आयुर्वेद को सिर्फ इलाज का तरीका नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'X' पर लिखा, "आयुर्वेद भारत की हजारों साल पुरानी ज्ञान की परंपरा है, जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई पहचान मिली है और यह दुनियाभर में फैला है।"

उन्होंने आगे कहा, "11वें आयुर्वेद दिवस पर, 'स्वास्थ्य-वर्धक भविष्य के लिए आयुर्वेद' का संकल्प हमें इस विरासत को आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के लिए और भी मजबूत आधार बनाने के लिए प्रेरित करता है। दिल्ली सरकार आयुर्वेद और आयुष सेवाओं को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि भारत के इस अनमोल ज्ञान को हर नागरिक की सेहत से जोड़ा जा सके।"

समग्र स्वास्थ्य के भारतीय नजरिए को दर्शाता है आयुर्वेद

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के लोगों को बधाई देते हुए कहा, "राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर राज्य के सभी लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। आयुर्वेद सिर्फ हमारी प्राचीन चिकित्सा परंपरा नहीं है; यह रोग-मुक्त जीवन, प्रकृति के साथ संतुलन और समग्र स्वास्थ्य के भारतीय नजरिए को दर्शाता है।" केंद्र सरकार की कोशिशों का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आयुष्मान आरोग्य मंदिर, राष्ट्रीय आयुष मिशन, आयुर्वेद शिक्षा और अनुसंधान, और 'देश का प्रकृति परीक्षण अभियान' जैसी पहलों के जरिए आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है। आइए, इस मौके पर हम आयुर्वेद की समृद्ध विरासत को आधुनिक वैज्ञानिक नजरिए से आगे बढ़ाने और एक स्वस्थ, रोग-मुक्त और मजबूत उत्तराखंड बनाने में योगदान देने का संकल्प लें।"

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आयुर्वेद चिकित्सा और ज्ञान की समृद्ध परंपरा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "आयुर्वेद चिकित्सा और ज्ञान की भारत की समृद्ध परंपरा है, जो स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित दिनचर्या और प्रकृति के साथ तालमेल का रास्ता दिखाती है। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर इस प्राचीन विरासत को नमन करते हुए, आइए हम अपने रोजमर्रा के जीवन में आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाने और एक स्वस्थ समाज बनाने के अपने संकल्प को मजबूत करने का प्रण लें।" 

स्वस्थ जीवन शैली का आधार भी है आयुर्वेद

राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने लिखा, "राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आप सभी को हार्दिक बधाई। आयुर्वेद न केवल हमारी प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा परंपरा है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन शैली का आधार भी है। आइए, हम अपने दैनिक जीवन में आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाकर एक स्वस्थ, रोग-मुक्त और संतुलित जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।" राजस्थान के डिप्टी सीएम डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने भी एक संस्कृत श्लोक साझा करते हुए बधाई दी। उन्होंने लिखा, "जो जीवन के हितकारी और अहितकारी, सुखद और दुखद पहलुओं के साथ-साथ स्वयं जीवन के स्वरूप और उसकी अवधि के बारे में बताता है, उसे आयुर्वेद कहा जाता है। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर राज्य के सभी लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।"

भारत की समृद्ध परंपरा को वैश्विक पहचान मिल रही

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "आयुर्वेद दिवस पर आप सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में, आयुर्वेद ज्ञान की भारत की समृद्ध परंपरा को वैश्विक पहचान मिल रही है। आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के साथ जोड़कर अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। आइए, आयुर्वेद के सिद्धांतों और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाकर 'स्वस्थ भारत' के संकल्प को पूरा करने में योगदान दें और अपनी गौरवशाली चिकित्सा परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।"

FAQ

1- आयुर्वेद दिवस कब मनाया जाता है?

आयुर्वेद दिवस हर साल 23 सितंबर को मनाया जाता है।

2- आयुर्वेद दिवस क्यों मनाया जाता है?

आयुर्वेद चिकित्सा की प्राचीन भारतीय पद्धति को बढ़ावा देने और इसके समग्र स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है।

3- इस साल आयुर्वेद दिवस की थीम क्या है?

इस साल 11वें आयुर्वेद दिवस की थीम "स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद" है।

4- पहले आयुर्वेद दिवस कब मनाया जाता था?

पहले आयुर्वेद दिवस धनतेरस (धन्वंतरि जयंती) के दिन मनाया जाता था। भारत सरकार ने इसे वैश्विक स्तर पर एक समान पहचान दिलाने के लिए हर साल 23 सितंबर को मनाने का फैसला किया है।

5- आयुर्वेद का जनक किसे माना गया है?

चरक संहिता ग्रंथ के रचनाकार महर्षि चरक को मुख्य रूप से आयुर्वेद का जनक माना जाता है। ग्रंथों के अनुसार, भगवान धन्वंतरि को भी आयुर्वेद का जनक माना जाता है। इन्हें देवताओं का वैद्य भी कहा जाता है। 

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