Kaithal: गेहूं के MSP में 25 रुपये की हुई बढ़ोतरी; JJP ने PM को पत्र लिखकर जताई नाराजगी
खबर सार :-
पार्टी सदस्यों ने केंद्र सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसमें 2027-28 रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में केवल ₹25 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने बताया कि यह प्रति किलोग्राम के हिसाब से महज 25 पैसे बैठता है।
खबर विस्तार : -
कैथल: गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। जननायक जनता पार्टी (JJP) ने इस फैसले पर अपनी नाराजगी जताई है। बुधवार को, पार्टी की कैथल इकाई ने उपायुक्त (DC) के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र सौंपा, जिसमें केंद्र सरकार के इस कदम पर पार्टी की असंतुष्टि जाहिर की गई है। पत्र में मांग की गई है कि गेहूं के MSP में कम से कम 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की जाए।
समर्थन मूल्य में हुई इस मामूली बढ़ोतरी से खुश नहीं
विरोध जताने के लिए, पार्टी ने सरकार को 25 रुपये का बैंक ड्राफ्ट भी भेजा है। पत्र में बताया गया है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि सरकार की ओर से दी गई राहत न के बराबर है। किसान समर्थन मूल्य में हुई इस मामूली बढ़ोतरी से खुश नहीं हैं। पार्टी नेताओं, जिनमें प्रदेश उपाध्यक्ष धूप सिंह माजरा, सचिव बलवान कोटरा, जिला अध्यक्ष अवतार सिंह चीका, सेवा सिंह बालू, बालकिशन और रामभज शामिल हैं । प्रधानमंत्री को जमीनी हकीकत से अवगत कराया है।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने 2027-28 विपणन वर्ष के लिए गेहूं का MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो कि 25 रुपये की बढ़ोतरी है। पार्टी इस फैसले को एक अनुचित कदम मानती है। हर साल खेती की लागत बढ़ रही है, ऐसे में किसान खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि मशीनरी और अन्य जरूरी चीजों का खर्च कैसे उठाएंगे? JJP का मानना है कि 25 रुपये की यह बढ़ोतरी केवल दिखावटी है।
पार्टी नेताओं का तर्क है कि सरकार को यह समझना चाहिए कि इतने मामूली कदम से किसानों की कड़ी मेहनत का कोई उचित सम्मान नहीं होता। वहीं, गुरुग्राम में JJP ने गेहूं के MSP में हुई 25 रुपये की इस बढ़ोतरी को किसानों के साथ एक मजाक बताया है। जननायक जनता पार्टी (JJP) की गुरुग्राम जिला इकाई ने बुधवार को उपायुक्त को दो ज्ञापन सौंपे, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लिखे गए थे। जिला अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकरान के नेतृत्व में, पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मिनी सचिवालय पहुंचे। वहां उन्होंने बढ़ती महंगाई के असर और मदद की जरूरत पर जोर दिया।
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पदाधिकारियों ने इसे किसानों का मजाक करार दिया
ठाकरान की अगुवाई में, पार्टी सदस्यों ने केंद्र सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसमें 2027-28 रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में केवल ₹25 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने बताया कि यह प्रति किलोग्राम के हिसाब से महज 25 पैसे बैठता है। पार्टी पदाधिकारियों ने इसे देश के किसानों का मजाक उड़ाना करार दिया।
उन्होंने अधिकारियों को चुनौती दी कि वे कोई ऐसा क्षेत्र बताएं, चाहे वह महंगाई हो, प्राकृतिक आपदाओं का असर हो, या फिर खाद, बीज, कीटनाशक और डीजल की लागत हो, जहां कोई राहत मिली हो। इसके उलट, उन्होंने कहा कि हर चीज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। किसानों ने इसे सरकार की ओर से अपना अपमान माना है, जिसके चलते यह विरोध प्रदर्शन किया गया। विरोध जताने के तरीके के तौर पर, JJP कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के साथ ₹25 का एक बैंक ड्राफ्ट भी संलग्न किया।
फसलों की खरीद के लिए कानूनी गारंटी की मांग
किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग की है। उनकी मांग है कि दर 150 रुपये तय की जाए; अन्यथा, MSP में हाल ही में किए गए बदलावों को वापस लिया जाए। उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर फसलों की खरीद के लिए कानूनी गारंटी की भी मांग की है।
एक अलग ज्ञापन में, पार्टी ने देश भर में चल रहे मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर चिंता जताई है और मतदाता सूचियों में मौजूद उन खामियों की ओर इशारा किया है जिन्हें ठीक करने की जरूरत है। पार्टी नेताओं ने बताया कि पूरे देश में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम, जिसमें हरियाणा के करीब 37 लाख मतदाता शामिल हैं । सूची से गायब हो गए हैं या हटा दिए गए हैं, हालांकि उन्होंने इन आंकड़ों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं दी है। जिला अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकरान, दीपचंद , नरेंद्र दहिया, डॉ. सौरभ गुप्ता, संतोष धारीवाल , संदीप कुंडू, मुकेश लक्कर, सनी कटारिया और समुद्र धनखड़ मौजूद थे।
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