झांसी। पारंपरिक पोस्टल पिन कोड अब जल्द ही इतिहास बनने वाले हैं। डाक विभाग ने हर पते को एक विशिष्ट डिजिटल पिन आईडी प्रदान करने की योजना शुरू की है, जो आधार कार्ड की तरह ही प्रत्येक स्थान की डिजिटल पहचान बनेगी। इस नई प्रणाली को 'डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर' (डिजिपिन) नाम दिया गया है।
क्या होगा फायदा?
झांसी के प्रभारी डाक अधीक्षक वरुण मिश्रा के अनुसार, यह सिस्टम डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पतों का डिजिटलीकरण, सेवा वितरण में सुधार और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) जैसी योजनाओं को भी लाभ मिलेगा। अभी यह योजना प्रायोगिक चरण में है और जल्द ही इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। इसके सफल होने के बाद भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जहां हर पता डिजिटल रूप से सत्यापित होगा।
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