नई दिल्ली: इंसान की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, थकान और स्वास्थ्य समस्याएं आम हो चली हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए योग और प्राणायाम एक आदर्श उपाय साबित हो सकते हैं। प्राचीन भारतीय अभ्यासों में से एक, प्राणायाम न केवल शारीरिक तंदुरुस्ती में मदद करता है, बल्कि मानसिक शांति और संतुलन भी लाता है।
प्राणायाम का अभ्यास शरीर और मन के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। यह न केवल शारीरिक ताकत बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता और शांति को भी बढ़ाता है। यह श्वसन तंत्र को सुधारने के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, खासकर उन लोगों के लिए जो अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, या अन्य श्वसन समस्याओं से पीड़ित हैं।
अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, प्राणायाम श्वसन रोगों से जूझ रहे लोगों के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में कार्य करता है। यह हृदय रोगों और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में भी सहायक पाया गया है। हालांकि, प्राणायाम के प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले शोध की आवश्यकता है, जैसा कि विशेषज्ञों का कहना है।
प्राणायाम का नियमित अभ्यास रक्तचाप और दिल की धड़कन को नियंत्रित करता है, जिससे हृदय पर दबाव कम पड़ता है। इसके अलावा, यह शरीर को अधिक ऑक्सीजन प्रदान करता है, जिससे ताजगी और ऊर्जा का अहसास होता है। प्राणायाम शरीर की कोशिकाओं में शुद्धि लाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
प्राणायाम हमारे शरीर को आंतरिक मजबूती प्रदान करता है। फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाना भी प्राणायाम के प्रमुख लाभों में से एक है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति अधिक होती है, जो हर अंग तक ऊर्जा पहुंचाती है। इसी तरह, प्राणायाम पाचन तंत्र को सुधारने, नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने, और तनाव कम करने में भी मदद करता है।
प्राणायाम का अभ्यास मानसिक शांति लाने का एक साधन भी है। यह आत्मनियंत्रण और मानसिक स्पष्टता के लिए एक प्रभावी तरीका है। अनुलोम-विलोम, कपालभाति, और भस्त्रिका जैसे प्राणायाम विशेष रूप से तनाव कम करने और मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। यह त्वचा की चमक को बढ़ाता है, और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्राणायाम का नियमित अभ्यास मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अनिद्रा जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में भी कारगर है। आजकल के तनावपूर्ण जीवन में यह एक सरल और प्रभावी उपाय साबित हो सकता है। 10-15 मिनट का रोज़ाना अभ्यास भी आपके जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकता है। यह आपके शरीर और मन को संतुलित रखने का एक शक्तिशाली तरीका हो सकता है। अगर आप एक स्वस्थ, सुखी और संतुलित जीवन जीने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहते हैं, तो प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
अन्य प्रमुख खबरें
हेल्थ टिप्स : गाजर और चुकंदर का मिक्स जूस पीने के क्या हैं फायदें? सेवन से पहले जान लें सावधानियां
Happy Kiss Day 2026 : क्यों खास है किस डे, अपने पार्टनर को Kiss डे पर भेजे रोमांटिक शायरी-मैजेस
Teddy Day 2026: हर टेडी बियर कुछ कहता है....जानें पार्टनर को कौन से रंग का देना चाहिए टेडी
डिजिटल युग में चुनौती बनी पेरेंटिंग: बच्चों को गेमिंग की लत से छुटकारा दिलाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
Propose Day 2026 Wishes: प्रपोज डे पर इस अंदाज में करें अपने प्यार का इजहार, बन जाएगी बात
Propose Day 2026: वैलेंटाइन वीक में 'प्रपोज़ डे' क्यों है खास ? जानें इतिहास और कैसे हुई शुरुआत
Happy Rose Day Wishes: गुलाब कहेंगे दिल की बात...रोज डे पर अपने पार्टनर को इस अंदाज में करें विश
Happy Lohri 2026 Wishes: लोहड़ी पर इन खास कोट्स और मैसेज से अपने प्रियजनों को भेजें बधाई
बिना धूप के सर्दियों में कैसे करें विटामिन डी की कमी पूरी? जानें असरदार तरीके
सर्दियों की संजीवनी है कुलथी की दाल, पथरी से मोटापे तक कई रोगों की दुश्मन
गर्भावस्था में हीमोग्लोबिन की कमी: मां और शिशु दोनों के लिए बड़ा खतरा, अपनाएं ये जरूरी उपाय
बदलते मौसम में इम्युनिटी बढ़ाने का योगिक उपाय: सूर्यभेदन प्राणायाम