तिरुवनंतपुरमः केरल के पलक्कड़ जिले में निपाह वायरस के एक नए मामले ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जो निरंतर वायरस की रोकथाम को लेकर प्रयासरत हैं। राज्य में नया मामला कुमारमपुथुर का है। जहां 58 वर्षीय व्यक्ति की शनिवार रात को मौत हो गई थी। जब उसकी मृत्यु के बाद टेस्ट कराया गया तो पता चला कि वह निपाह वायरस से संक्रमित था। इस व्यक्ति का बुखार और अन्य संबंधित लक्षणों के आधार पर इलाज चल रहा था, तभी उसकी हालत बिगड़ गई। पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) को भेजे गए उसके नमूनों में बाद में निपाह वायरस की पुष्टि हुई, जिससे यह जिले में दूसरा पुष्ट मामला बन गया।
एनआईवी से आधिकारिक पुष्टि मिलने से पहले ही, पलक्कड़ और मलप्पुरम के स्वास्थ्य अधिकारियों ने संपर्कों का पता लगाने और रोकथाम के उपायों को सख्ती से लागू कर दिया था। अब तक, पिछले तीन हफ्तों में मृतक के संपर्क में आए 46 लोगों की पहचान कर उन्हें निगरानी में रखा गया है। इस संबंध में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि वायरस की वजह से मरने वाले व्यक्ति की विस्तृत संपर्क सूची और रूट मैप पहले ही तैयार कर लिया गया है। एनआईवी की पुष्टि के बाद औपचारिक रूप से सूचना जारी कर दी गई है। मरीज की मृत्यु से पूर्व की सभी गतिविधियों और बातचीत का पता लगाने में सहायता के लिए निगरानी फुटेज की भी जांच की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कुमारमपुथुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। हेल्थ वर्कर्स की कई टीमें घर-घर जाकर लक्षणों को चेक कर रही हैं और निवासियों को निवारक उपायों के बारे में जानकारी दे रही हैं। जॉर्ज ने कहा कि हम अपने रिस्पॉन्स का दायरा बढ़ा रहे हैं। राज्य में निपाह वायरस के किसी भी संभावित प्रसार को रोकने के लिए अपनी स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी टीमों को और अधिक शक्तिशाली बनाने में जुटे हैं। सुरक्षा से जुड़े सभी छोटे-बड़े पहलुओं का ध्यान दिया जा रहा है। मंत्री ने जनता को सतर्क रहने और वायरस से बचाव के लिए सावधानी बरने की सलाह दी है। इसमें विशेष रूप से पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों में रहने वाले लोगों को घरों से बाहर कम निकलने और अनावश्यक अस्पताल जाने से बचने की सलाह दी गई है। अस्पतालों को आसपास खड़े लोगों की संख्या सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं, अस्पताल में आने वाले मरीजों, देखभाल करने वालों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए फेस मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक केरल में वर्तमान में कुल 543 व्यक्तियों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। इनमें पलक्कड़ क्षेत्र में 219 व्यक्ति, मलप्पुरम में 208 व्यक्ति, कोझीकोड में 114 और एर्नाकुलम में दो व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एहतियात के तौर पर कोझीकोड, त्रिशूर, कन्नूर और वायनाड जिलों को भी हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। गौरतलब है कि, पिछले एक साल में केरल में निपाह का यह छठा मामला सामने आया है। पिछले मामलों पर गौर करें, तो जुलाई 2024 में पांडिक्कड़ में एक 14 वर्षीय लड़का और सितंबर 2024 में वंडूर में एक 24 वर्षीय व्यक्ति की निपाह वायरस के कारण मृत्यु हुई थी। इसके बाद अब कुमारमपुथुर में एक 58 वर्षीय व्यक्ति की वायरस से संक्रमित होने के कारण मृत्यु की पुष्टि हुई है।
अन्य प्रमुख खबरें
Nitin Nabin: भाजपा में आज से नबीन 'चैप्टर' का आगाज, नितिन नबीन बने बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष
BJP president Nitin Nabin : नितिन नबीन के रूप में पार्टी ने युवा नेतृत्व को दी कमान
आम बजट 2026-27 : व्यापार में आसानी पर हो फोकस, महिलाओं के लिए बढ़ें अवसर
Chhattisgarh: सुरक्षा बलों का बड़ा एक्शन, 4 महिला माओवादी समेत 6 ढेर, ऑटोमैटिक हथियार बरामद
Latehar bus accident: अब तक 10 की मौत, 80 लोगों का इलाज जारी
प्रतीक यादव के ऐलान से मची खलबली, मुलायम सिंह यादव के परिवार में फिर मचा बवाल
Noida Engineer Death Case: दो बिल्डर कंपनियों पर FIR दर्ज, खड़े हुए गंभीर सवाल
करूर भगदड़ मामला: अभिनेता विजय से पूछताछ करेगी CBI, बुलाया दिल्ली
IndiGo की फ्लाइट में बम की सूचना से मचा हड़कंप, लखनऊ में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
Iran Protest: हर तरफ खूनखराबा और दहशत....ईरान से लौटे भारतीयों ने बताया कितना खौफनाक था मंजर
उत्तर भारत में मौसम का कहर, घना कोहरा बना हवाई सफर की चुनौती