Rajya Sabha : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए चार लोगों को नामित किया है। इनमें केरल के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सी. सदानंदन मस्ते, सरकारी वकील उज्जवल देवराव निकम, प्रख्यात इतिहासकार एवं शिक्षाविद् मीनाक्षी जैन और भारत के पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला के नाम शामिल हैं। ये नामांकन पूर्व में नामित सदस्यों के सेवानिवृत्त होने के कारण रिक्त हुई सीटों को देखते हुए किए गए हैं।
दरअसल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (1) की उपधारा (क) और खंड (3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यसभा के लिए 4 नए सदस्यों को नामित किया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना (एस.ओ. 3196 (ई) के अनुसार, इसकी घोषणा 12 जुलाई 2025 को की गई थी।
बता दें कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य संविधान के अनुसार, राज्यसभा में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत, राष्ट्रपति को कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा आदि क्षेत्रों में विशेष योगदान देने वाले व्यक्तियों को राज्यसभा में मनोनीत करने का अधिकार है। संसद के उच्च सदन में विविध दृष्टिकोणों और विशेषज्ञता को शामिल करने के लिए इन नियुक्तियों को काफी अहम माना गया है।
उज्ज्वल देवराव निकम, सी. सदानंदन मास्टर, हर्षवर्धन श्रृंगला और डॉ. मीनाक्षी जैन अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य के लिए जाने जाते हैं। डॉ. मीनाक्षी जैन संस्कृति और इतिहास के क्षेत्र में अपने सराहनीय योगदान के लिए जानी जाती हैं। वहीं हर्षवर्धन श्रृंगला की नियुक्ति उनके राजनयिक अनुभव के आधार पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इसके अलावा उज्ज्वल निकम जो मुंबई हमले के गुनहगार अजमल कसाब को फांसी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। निकम 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले में पकड़े गए आतंकी कसाब को मौत की सजा दिलाई जाने की पुरजोर वकालत की थी। इन नव मनोनीत सदस्यों से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी विशेषज्ञता के साथ संसद में सकारात्मक योगदान देने की उम्मीद है। यह कदम विधायी प्रक्रिया में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करने की सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
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