देहरादून: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 के आगाज से पहले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। बदरी-केदार मंदिर समिति इस बार बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में आयोजित होने वाली विशेष पूजाओं के शुल्क में संशोधन करने की तैयारी में है। मंदिर समिति आगामी बोर्ड बैठक में शुल्क वृद्धि का प्रस्ताव रखने जा रही है, जिस पर मुहर लगते ही विशेष अनुष्ठानों के लिए भक्तों को अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है।
बीकेटीसी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, धामों के रख-रखाव और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विशेष पूजाओं के वर्तमान शुल्क ढांचे में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है। हालांकि, समिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सामान्य दर्शन की व्यवस्था पहले की तरह ही पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। शुल्क वृद्धि का प्रस्ताव केवल उन भक्तों के लिए होगा जो व्यक्तिगत या विशेष अनुष्ठान करवाते हैं।
बाबा केदार के दरबार में हाजिरी लगाने वाले भक्तों के लिए वर्तमान में विशेष पूजाओं का एक विस्तृत शुल्क ढांचा लागू है। केदारनाथ धाम में मुख्य रूप से आयोजित होने वाली रुद्राभिषेक पूजा के लिए अभी पांच श्रद्धालुओं के समूह से 7,200 रुपये का शुल्क लिया जाता है। वहीं, मंदिर की सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली अभिषेक पूजा के लिए श्रद्धालुओं को 9,500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों की श्रेणी में लघु रुद्राभिषेक के लिए 6,100 रुपये और षोडशोपचार पूजा के लिए 5,500 रुपये की राशि निर्धारित है। साधारण पूजाओं की बात करें तो अष्टोपचार पूजा के लिए पांच लोगों के समूह को 950 रुपये देने होते हैं, जबकि जो श्रद्धालु पूरे दिन की विशेष पूजा का संकल्प लेते हैं, उन्हें वर्तमान दरों के अनुसार 28,600 रुपये का भुगतान करना पड़ता है। बीकेटीसी की आगामी बोर्ड बैठक में इन्हीं दरों को संशोधित कर बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
भगवान विष्णु के आठवें वैकुंठ यानी बदरीनाथ धाम में भी पूजा-अर्चना के लिए एक सुव्यवस्थित शुल्क प्रणाली पहले से ही संचालित है। यहाँ महाभिषेक पूजा के लिए प्रति श्रद्धालु 4,700 रुपये का शुल्क तय है, जबकि साधारण अभिषेक पूजा के लिए भक्तों को 4,500 रुपये देने होते हैं। जो श्रद्धालु धाम में आध्यात्मिक शांति के लिए श्रीमद्भागवत पाठ का आयोजन करवाते हैं, उन्हें वर्तमान में 51,000 रुपये का शुल्क जमा करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, धाम में संपूर्ण दिन की विशेष पूजा के लिए 12,000 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। माना जा रहा है कि चारधाम यात्रा 2026 के औपचारिक शुभारंभ से पहले मंदिर समिति इन सभी दरों में वृद्धि कर आय के संसाधनों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है।
साल 2026 की चारधाम यात्रा का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इस वर्ष यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा। इसके पश्चात 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ के द्वार खुलेंगे और 24 अप्रैल को भगवान बदरी विशाल के दर्शन शुरू हो जाएंगे। बीकेटीसी के इस कदम का उद्देश्य मंदिर की आय बढ़ाना और सुविधाओं का विस्तार करना बताया जा रहा है। अब सबकी निगाहें आगामी बोर्ड बैठक पर टिकी हैं, जहाँ यह तय होगा कि श्रद्धालुओं पर कितना अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। यदि आप भी इस वर्ष विशेष पूजा की योजना बना रहे हैं, तो आधिकारिक घोषणा के बाद ही अपनी बुकिंग सुनिश्चित करें।
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