एलओसी पार करते समय पाकिस्तानी घुसपैठिया गिरफ्तार, पकड़े जाने पर बोला ‘प्रेमिका से मिलने आया हूं’
खबर सार :-
जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना ने एलओसी पार करते हुए एक पाकिस्तानी घुसपैठिए और तीन संदिग्धों को पकड़ा है। सभी से पूछताछ जारी है आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः जम्मू और कश्मीर के उरी सेक्टर में सतर्क चिनार वॉरियर्स ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करने की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया है। सेना के सूत्रों के अनुसार, सैनिकों ने घुसपैठिए को चुनौती दी, लेकिन संयम बरतते हुए कुशलतापूर्वक उसे नियंत्रण में ले लिया। पकड़े गए घुसपैठिए को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया गया।
गिरफ्तार सभी संदिग्धों की हुई पहचान
अधिकारियों ने बताया कि घुसपैठिए की पहचान जीशान मीर, पुत्र लाल मीर, निवासी पाकिस्तान के रूप में हुई है। मीर ने दावा किया कि वह उरी सेक्टर के तिलाई में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए एलओसी पार करके कश्मीर में आया था। फिलहाल सुरक्षा बल उसकी और लड़की की अलग-अलग पूछताछ कर रही हैं और आगे की जानकारी का इंतजार कर रही हैं।
इससे पहले उरी सेक्टर में तीन अन्य लोगों को पकड़ने की घटना भी सामने आई थी। रविवार की सुबह सेना ने तीन लोगों को एलओसी पार करके पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जाने की कोशिश करते हुए रोका। अधिकारियों के अनुसार ये तीनों बारामूला जिले के सोपोर इलाके के रहने वाले हैं और शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात को हथलंगा-नांबला इलाके से पीओके में घुसने की कोशिश कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए तीनों लोगों की पहचान आदिल हुसैन डार, इश्फाक अहमद और जफर अहमद के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से डार टीए (टेरिटोरियल आर्मी)-161 का सस्पेंडेड जवान है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ये तीनों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद कुछ हैंडलर्स के संपर्क में थे।
पूछताछ में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
सिक्योरिटी एजेंसियां फिलहाल इन तीनों से पूछताछ कर रही हैं और उनके द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं एलओसी की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं और नियंत्रण रेखा पर सतत निगरानी बनाए रखना जरूरी है।
जम्मू और कश्मीर में एलओसी लगभग 740 किलोमीटर लंबी है, जो घाटी के बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा जिलों और जम्मू डिविजन के पुंछ, राजौरी और जम्मू जिले के कुछ हिस्सों में फैली हुई है। यह क्षेत्र सुरक्षा बलों के लिए हमेशा संवेदनशील रहा है, और घुसपैठ की कोशिशें अक्सर एलओसी पार करने वाले संदिग्धों के माध्यम से सामने आती हैं।
सुरक्षा अधिकारी बताते हैं कि नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ रोकने के लिए सतत पैट्रोलिंग और निगरानी जारी है। उरी सेक्टर में पकड़े गए घुसपैठियों और संदिग्धों के मामले यह दिखाते हैं कि सुरक्षा बल लगातार चौकस हैं और किसी भी संभावित खतरे का तुरंत मुकाबला कर सकते हैं।
इन घटनाओं के मद्देनजर सेना और पुलिस दोनों ही सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल एलओसी के साथ-साथ ग्रामीण और संवेदनशील इलाकों में भी सतर्क रहेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
अन्य प्रमुख खबरें
-
2026-07-17
-
2026-07-17
-
बेंगलुरु से अहमदाबाद जा रही IndiGo फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप
2026-07-17
-
गोरक्षा कानून और राम मंदिर प्रबंधन को लेकर शंकराचार्य का केंद्र पर निशाना, बोले- देना होगा जवाब
2026-07-17
-
आसाराम की अंतरिम जमानत पर SC सख्त, राजस्थान सरकार से मांगा जवाब
2026-07-17
-
2026-07-17
-
गुजरात एटीएस की बड़ी कार्रवाई: जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पांच और आरोपी गिरफ्तार, साजिश की जांच तेज
2026-07-17
-
2026-07-17
-
बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में, AI कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
2026-07-17
-
‘सोनम वांगचुक को दें शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी’, जंतर-मंतर में बोले अरविंद केजरीवाल
2026-07-16
-
2026-07-16
-
2026-07-16
-
पुरी रथ यात्रा में कथित भगदड़ जैसी स्थिति, एक श्रद्धालु की मौत का दावा; आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
2026-07-16
-
2026-07-16
-
2026-07-16