Israel Iran War Khomeini Death: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायली और अमेरिकी हमले में मौत हो गई। खामेनेई की मौत की खबर से हंगामा मच गया। नतीजतन, दुनिया भर के शिया मुसलमानों ने इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया है। इसका असर भारत में भी महसूस किया जा रहा है। लखनऊ से लेकर जम्मू-कश्मीर तक लोग सड़कों पर उतर आए हैं। खामेनेई पर हमले के खिलाफ हर जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर से गुस्सा और गुस्से की लहर फैल गई है। श्रीनगर और बडगाम समेत कई शहरों में लोगों ने नारे लगाए और मार्च निकाला, जिससे कई मेन सड़कों पर ट्रैफिक रुक गया। हालात को कंट्रोल करने के लिए, अधिकारियों ने कुछ इलाकों में ट्रैफिक डायवर्ट किया।
रविवार को श्रीनगर में भी विरोध प्रदर्शन हुए। स्थानीय लोग खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या के कारण, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। हालांकि विरोध प्रदर्शन शांति से चल रहे हैं, लेकिन किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
लखनऊ में शिया मुसलमानों ने भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। वे सड़कों पर उतर आए और "खामेनेई अमर रहें" के नारे लगाए। "अमेरिका और इज़राइल मुर्दाबाद" के नारे गूंजे। महिलाएं रोईं और छाती पीटीं। एक औरत ने ज़ोर से कहा, "नस्लों में धोखा और गद्दारी है, उन्होंने ही खामेनेई को धोखे से मारा है।" खामेनेई मेरा शेर था, कयामत तक रहेगा। एक मरेगा, हजार खामेनेई पैदा होंगे। लानत है अमेरिका और इजरायल पर। इनकी नस्लें गद्दार और धोखेबाज हैं। वहीं शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ने अपनी मौत का वारंट साइन कर लिया है। उन्होंने तीन दिनों का शोक मनाने और शाम को कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया।
गौरतलब है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजरायल के एक बड़े हमले (Israel-US Attacks Iran) में मारे गए थे। ईरानी मीडिया ने 1 मार्च को इसकी पुष्टि की। सूत्रों की माने तो जब हमला हुआ तब खामेनेई अपने ऑफिस थे और मिटिंग करने वाले थे। वह 86 साल के थे। ईरान ने इसे शहादत बताते हुए 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। इस घटना से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। वहीं ईरान अपने सुप्रीम लीडर की मौत का इंतकाम लेने के लिए लगातार जवाबी हमले कर रहा है।
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह पुष्टि करते हुए कहा ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि US की कार्रवाई पूरे हफ़्ते या जब तक ज़रूरी होगा, जारी रहेगी। खामेनेई को "इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक" कहते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी मौत ईरान के लोगों के लिए इंसाफ़ है। यह उन सभी अमेरिकी नागरिकों और दुनिया भर के कई दूसरे देशों के लोगों के लिए भी इंसाफ़ है, जिन्हें खामेनेई और उनके साथियों ने मारा या घायल किया। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद, ईरान की सरकारी मीडिया ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि की। हालाँकि, इस खबर ने इंटरनेशनल लेवल पर विरोध और चिंता दोनों पैदा कर दी है।
अन्य प्रमुख खबरें
सरकार ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर देशवासियों को दिया भरोसा, विपक्ष ने किया ये दावा
केंद्र सरकार ने कहा- पैनिक बुकिंग से बचें लोग, वैकल्पिक ईंधन विकल्पों पर काम जारी
“ईंधन को लेकर न फैलाएं अफवाहें”: हरदीप सिंह पुरी बोले-देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कोई कमी नहीं
एलपीजी संकट पर संसद में संग्राम: 'नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब' के नारों से गूंजा परिसर
Jammu and Kashmir: आतंक के खिलाफ पुंछ में NIA की बड़ी कार्रवाई, कई जगहों पर की छापेमारी
LPG Gas Cylinder Crisis: दिल्ली हाई कोर्ट की कैंटीन में गहराया LPG गैस संकट, वकीलों का लंच बंद