Spokespersons of Cockroach Janta Party : देश की चरमराती शिक्षा व्यवस्था और लगातार लीक होते प्रश्नपत्रों के खिलाफ युवाओं का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने को बेताब है। सोशल मीडिया पर युवाओं और छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई ऑनलाइन सनसनी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आगामी 6 जून को देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़े और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का बिगुल फूंक दिया है।
इस प्रदर्शन की गूंज सड़क से लेकर संसद तक पहुंचाने के लिए संगठन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में सीजेपी ने अपनी कोर टीम का विस्तार करते हुए बुधवार को तीन बेहद कद्दावर और अपने-अपने क्षेत्रों के दिग्गजों को बतौर आधिकारिक प्रवक्ता मैदान में उतारा है। संगठन का दावा है कि ये नियुक्तियां शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं के खिलाफ लड़ाई को एक नई और धारदार दिशा देंगी।
कॉकरोच जनता पार्टी के 3 प्रवक्ता कौन हैं, इस बात को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर कयासों का दौर जारी था। संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर इन चेहरों से पर्दा उठा दिया है।
सीजेपी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, देश के जाने-माने स्वतंत्र खोजी पत्रकार सौरव दास को संगठन का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। उनके साथ ही, राजनीतिक शोधकर्ता व चर्चित फिल्ममेकर विजेता दहिया और आईआईटी-एलएसई के पूर्व छात्र व मैकिंसे के पूर्व कंसल्टेंट आशुतोष रंका को भी प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्य प्रवक्ता बनाए गए सौरव दास किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। कानूनी, न्यायिक और सामाजिक मुद्दों पर पैनी नजर रखने वाले सौरव एक बेहद निर्भीक स्वतंत्र खोजी पत्रकार के रूप में जाने जाते हैं। द कारवां, आर्टिकल 14, अल जज़ीरा और द हिंदू जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में उनकी खोजी रिपोर्टें अक्सर सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा करती रही हैं।
चाहे एक्स्ट्रा जूडिशियल एनकाउंटर का मामला हो या मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों का दुरुपयोग, सौरव ने हमेशा जनता के अधिकारों की बात की है। सूचना के अधिकार (RTI) कानून का बेहतरीन इस्तेमाल कर सरकारी विसंगतियों को सामने लाने में उन्हें महारत हासिल है। कोविड-19 महामारी के दौरान आरोग्य सेतु ऐप के विकास और उसके संचालन से जुड़ी गुप्त जानकारियां आरटीआई के जरिए देश के सामने लाने का श्रेय सौरव को ही जाता है। नवंबर 2025 में इंडिया गेट पर हुए बड़े प्रदूषण विरोधी आंदोलन में भी उनकी भूमिका बेहद अहम थी।
पार्टी की दूसरी प्रवक्ता विजेता दहिया एक बहुमुखी प्रतिभा की धनी सर्जनात्मक हस्ती हैं। वह भारतीय फिल्ममेकर, लेखक, कवि और एक प्रखर राजनीतिक शोधकर्ता हैं। स्वतंत्र और हरियाणवी सिनेमा में 'टेक केयर' (2018), 'दरारें' (2021) और टीवी सीरीज 'ओपरी पराई' (2022) जैसी कृतियों के जरिए उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
इसके साथ ही, विजेता दहिया सोशल मीडिया की दुनिया और खासकर यूट्यूब के सबसे बड़े चेहरों में से एक, ध्रुव राठी की वीडियोज के लिए मुख्य रिसर्च और स्क्रिप्ट राइटिंग का काम संभालती हैं। तथ्यों पर आधारित उनकी राजनीतिक और सामाजिक टिप्पणियां युवाओं को बेहद प्रभावित करती हैं। 'भाड़ में जाए वो नौकरी' और 'पावर ऑफ यूनिवर्स' जैसी किताबों के लेखक विजेता का झुकाव हमेशा से सत्ता विरोधी और आलोचनात्मक विश्लेषण की तरफ रहा है। वे भगत सिंह, स्वामी विवेकानंद और बुद्ध के विचारों को अपनी ताकत मानते हैं।
सीजेपी के तीसरे प्रवक्ता आशुतोष रंका की कहानी देश के लाखों युवाओं को प्रेरित करने वाली है। आईआईटी कानपुर से बीटेक (मटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग) करने वाले आशुतोष वहां स्टूडेंट्स जिमखाना के प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक 'लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स' (LSE) से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
लंदन में मैकिंसे एंड कंपनी जैसी शीर्ष वैश्विक फर्म में मैनेजमेंट कंसल्टेंट के रूप में काम करने और गावी (Gavi, the Vaccine Alliance) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़े रहने के बाद आशुतोष सब कुछ छोड़कर भारत लौट आए। देश में उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ जुड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और पब्लिक पॉलिसी पर काम किया। फिलहाल वे जयपुर में 'परिवर्तन' नामक मंच के जरिए सामाजिक और वैचारिक बदलाव की अलख जगा रहे हैं। नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर वे लंबे समय से जमीनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
इन तीनों प्रवक्ताओं की घोषणा ऐसे समय में की गई है जब कॉकरोच जनता पार्टी के 3 प्रवक्ता कौन हैं और इनका आगामी एजेंडा क्या होगा, इसे लेकर छात्र वर्ग में उत्सुकता चरम पर थी। दरअसल, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को विदेश से भारत लौट रहे हैं। उनके भारत पैर रखते ही दिल्ली में एक अभूतपूर्व और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की तैयारी है।
संगठन की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है। सीजेपी का आरोप है कि नीट (NEET) पेपर लीक मामला और सीबीएसई (CBSE) की प्रशासनिक व्यवस्था में लगातार सामने आ रही लापरवाहियां देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। महज एक महीना पहले वजूद में आई इस पार्टी ने जिस तरह से सोशल मीडिया पर युवाओं को गोलबंद किया है, उसने मुख्यधारा के राजनीतिक दलों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि 6 जून का यह प्रदर्शन देश की शिक्षा नीति और राजनीतिक विमर्श को किस करवट लेकर जाता है।
अन्य प्रमुख खबरें
2026-06-04
2026-06-03
2026-06-03
2026-06-03
2026-06-03
2026-06-03
2026-06-02
2026-06-02
सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए न्यायाधीश: CJI सूर्यकांत ने दिलाई शपथ, न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर हुई 37
2026-06-02
2026-06-02
Weather Update: तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
2026-06-02
2026-06-02
International Yoga Day 2026: बढ़ती उम्र में योग से निरोग रहेगा स्वास्थ्य, जानें इस साल की थीम
2026-06-02
2026-06-01
बिना टिकट यात्रा पर सख्ती का असर: झांसी मंडल ने टिकट चेकिंग से कमाए 5.55 करोड़ रुपये
2026-06-01