पाकिस्तानः ‘हमारे लिए पानी की हर बूंद लाल रेखा है और...’ सिंधु जल संधि पर शहबाज शरीफ ने भारत को दी धमकी
खबर सार :-
पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भाषण देने के दौरान सिंधु जल समझौते को लेकर उन्होंने भारत को धमकी दे डाली।
खबर विस्तार : -
इस्लामाबाद: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है। 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामना भाषण देने के दौरान उन्होंने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को धमकी दे डाली।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तानी उन लोगों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान की और वे एक "ऐतिहासिक जीत" का सम्मान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित एक समारोह को संबोधित किया।
क्या कहा शहबाज शरीफ ने?
शहबाज शरीफ ने कहा कि देश आज अपनी शुरुआती पीढ़ी की कुर्बानियों को याद कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “हमारे लिए पानी की हर बूंद लाल रेखा है और अगर भारत सही रास्ते पर नहीं चलता है, तो हम उसे सीधा जवाब देंगे। पानी की हर एक बूंद पाकिस्तान के लिए बहुत जरूरी है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत पानी से जुड़े मामलों में दखल देता है, तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। शहबाज ने आगे कहा कि उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता युवा पीढ़ी को विकास के नए मौके देना है।
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क्या है सिंधु जल संधि?
सिंधु जल संधि, भारत और पाकिस्तान के बीच 19 सितंबर, 1960 को सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर हुई एक संधि है। वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में सिंधु जल संधि के तहत छह नदियों के पानी का बंटवारा किया गया था। इस संधि की शर्तों के अनुसार, भारत को पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास और सतलुज) पर पूरा नियंत्रण दिया गया, जबकि पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चिनाब) के पानी का लगभग 80% हिस्सा मिला।
सिंधु जल संधि पर भारत का रुख
अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद, भारत ने सीमा पार आतंकवाद के विरोध में सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म नहीं करता, तब तक यह संधि निलंबित रहेगी और इस समझौते में नए सिरे से संशोधन की आवश्यकता है। भारत का मानना है कि कोई भी संधि आपसी सद्भावना और भरोसे पर टिकी होती है, फिर भी पाकिस्तान भारत के खिलाफ सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देता रहता है। भारत ने पाकिस्तान को साफ-साफ कह दिया है कि आतंकवाद के रहते पानी की संधि संभव नहीं है।
संधि निलंबित होने से पाकिस्तान को नुकसान
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा सिंधु बेसिन के पानी पर निर्भर है। सीमा पार आतंकवाद के जवाब में भारत द्वारा सिंधु जल संधि को अनिश्चित काल के लिए निलंबित किए जाने के कारण, पाकिस्तान को गंभीर कृषि संकट, पनबिजली परियोजनाओं को लेकर अनिश्चितता और भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं और चावल की सिंचाई में रुकावट से देश में गंभीर खाद्य संकट पैदा हो सकता है।
क्यों तिलमिलाए हुए हैं शहबाज शरीफ?
सिंधु जल संधि निलंबित हो जाने के बाद पाकिस्तान में जल और खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस संधि को लेकर प्रधानमंत्री को रणनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिसे लेकर उनमें गुस्सा साफ तौर पर देखा जा सकता है। अपनी खामियों को नजरअंदाज करने के लिए वे भारत के खिलाफ आक्रामक तेवर अपन रहे हैं।
जश्न और आतिशबाजी के दौरान महिला की मौत
इस बीच, सिंध प्रांत की राजधानी कराची में 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के जश्न और आतिशबाजी के दौरान बंदूकें और पिस्तौलें लहराई गईं और हवा में गोलियां चलाई गईं। अलग-अलग जगहों पर हुई ऐसी घटनाओं में एक महिला की मौत हो गई और कम से कम 94 लोग घायल हो गए; एधी फाउंडेशन के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की। शुक्रवार सुबह प्रवक्ता ने बताया कि घायलों में 10 महिलाएं और 17 बच्चे शामिल थे। घायलों को इलाज के लिए जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर, सिविल अस्पताल और अब्बासी शहीद अस्पताल ले जाया गया।
पहले भी हो चुकी हैं गोलीबारी की घटनाएं
हाल के वर्षों में, स्वतंत्रता दिवस के जश्न के दौरान हवा में गोलीबारी के कारण कराची में कई लोग हताहत हुए हैं। 2025 में, ऐसी ही घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और कम से कम 75 लोग घायल हो गए। 2024 में, स्वतंत्रता दिवस के जश्न के दौरान हवा में गोलीबारी की घटनाओं में लगभग 95 लोग घायल हुए थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही आधी रात हुई और 14 अगस्त की शुरुआत हुई, कराची के लोग 14 अगस्त, 1947 को मिली आजादी की सालगिरह मनाने के लिए सड़कों और छतों पर उतर आए। जश्न के दौरान हवा में गोलियां भी चलाई गईं।
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