TMC को एक और बड़ा झटका! अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव ने दिया इस्तीफा, अभिषेक बनर्जी बने वजह?
खबर सार :-
विधानसभा के चुनाव हारने के बाद से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की चुनौतियां कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पार्टी के कई पुराने नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़ दिया है। जिसकी वजह से पार्टी में असंतोष बढ़ता जा है।
खबर विस्तार : -
कोलकाताः ममता बनर्जी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। शनिवार को पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने अपने सभी पदों के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। उनके इस कदम को पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के रूप में देखा जा रहा है।
पत्र में लिखी स्पष्ट वजह
अजमल सिद्दीकी ने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को लिखे अपने पत्र में स्पष्ट किया कि यह निर्णय उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद लिया है। उन्होंने लिखा कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए अपनी ऊर्जा, समय और प्रतिबद्धता दी है, लेकिन अब वे संगठन के साथ आगे जुड़ाव जारी रखने की स्थिति में नहीं हैं।
पत्र में उन्होंने कहा कि आपके नेतृत्व में काम करना और पार्टी के विस्तार एवं जनसंपर्क में योगदान देना उनके लिए सम्मान की बात रही है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने उन्हें यह कठिन निर्णय लेने पर मजबूर किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पार्टी के वर्तमान कार्य वातावरण से वे गहरी असंतुष्टि महसूस कर रहे हैं।
अपने इस्तीफे में सिद्दीकी ने यह आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई जमीनी कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिला है और उन्हें किनारे किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि संगठन में लोकतांत्रिक संवाद और सामूहिक निर्णय लेने की परंपरा कमजोर हुई है, जिससे कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ रही है।
अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
उन्होंने अपने पत्र में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। सिद्दीकी ने कहा कि उनके अनुभव में संगठनात्मक मामलों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के तरीके ने ऐसा माहौल बनाया है, जिसमें लंबे समय से काम कर रहे कई सदस्य खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी लिखा कि संगठन में सत्ता का केंद्रीकरण और कार्यकर्ताओं से पर्याप्त परामर्श की कमी के कारण वे अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से निभाने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया।
सिद्दीकी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव के रूप में कार्य करते हुए उन्हें जो जिम्मेदारियां और भरोसा दिया गया, उसके लिए वे आभारी हैं। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों के चलते उन्होंने अपने सभी पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने अंत में पार्टी और नेतृत्व को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस इस्तीफे के बाद टीएमसी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और इसे आगामी समय में पार्टी संगठन पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की ओर से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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