मुख्यमंत्री ने नगरोटा में दिया बयान, बोले चार वर्षों में सरकारी स्कूलों का स्वरूप बदल जाएगा

खबर सार :-

प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक सुधार कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कही है। साथ ही कहा कि अगले दो से चार वर्षों में सरकारी स्कूलों का स्वरूप बदल जाएगा।
मुख्यमंत्री ने नगरोटा में दिया बयान, बोले चार वर्षों में सरकारी स्कूलों का स्वरूप बदल जाएगा

खबर विस्तार : -

धर्मशाला; प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक सुधार कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कही है। साथ ही कहा कि अगले दो से चार वर्षों में सरकारी स्कूलों का स्वरूप बदल जाएगा। सरकार इन्हें आधुनिक सुविधाओं और उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था से सुसज्जित कर रही है। इसलिए अधिक से अधिक अभिभावक इन विद्यालयों में ही अपने बच्चों को प्रवेश दिलवायेंगे। मुख्यमंत्री ने नगरोटा में बाल मेले के दौरान यह बात कही।यहां सीएम ने बताया कि माॅडल पुलिस स्टेशन, पुलिस आवास, ओल्ड ऐज होम ऑडिटोरियम आदि की आधारशिला भी रखी जा चुकी है।

 सरकार मेडिकल काॅलेजों में सीटों की संख्या बढ़ा रही

इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार मेडिकल काॅलेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों की संख्या बढ़ा रही है। टांडा मेडिकल काॅलेज में ही 100 पीजी सीटों की बढ़ोत्तरी होगी। प्रदेश के मेडिकल काॅलेजों में 330 नई पीजी सीटें बढ़ाने की दिशा में कार्य का ही यह नतीजा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकारी क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी शुरू है। यह ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। सरकारी अस्पतालों के संबंध में कहा कि इनको विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। वहीं जिला एवं क्षेत्रीय अस्पतालों में 1.5 टेस्ला एमआरआई, पीईटी स्कैन, सीटी स्कैन के अलावा आधुनिक कैंसर उपचार प्रणाली स्थापित की जा रही है।

पिछली सरकार के कार्यकाल में काम नहीं हुए

पुरानी व्यवस्था बदल रहे हैं। 16 से 20 वर्ष पुराने चिकित्सा उपकरणों को भी बदल देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में काम नहीं हुए। भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्तियों के मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बड़ोह में मिनी सचिवालय खोलने की बात कही। जबकि बड़ोह पुलिस चैकी को पुलिस थाना तथा सेराथाना में पीएचसी की घोषणा की। उन्होंने दिवंगत जी.एस. बाली को याद करते हुए कहा कि प्रदेश, विशेषकर नगरोटा बगवां के सर्वांगीण विकास में उनका योगदान रहा है। नगरोटा बगवां के बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्र को नई पहचान दिलाई जाएगी। इसमें उनकी दूरदर्शी सोच और प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्थान दिया जाएगा।

हमारी सरकार राज्य में विकास पर ध्यान दे रही

वह नीट पेपर लीक मामले पर बोलने से बचते रहे। बता दें कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेपर लीक विरोधी बिल पेश किया। यह कदम नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है। नारेबाजी और हंगामा राज्य में भी देखा गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र है, जहां सबके मत और विचार आएं। हमारी सरकार राज्य में विकास पर ध्यान दे रही है। जहां बुनियादी चीजें नहीे हैं, वहां की समस्याएं जल्द दूर की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षंेत्र पहुंचकर सर्वे भी करते हैं। पूर्व की सरकार की निंदा करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के कारण विकास पर ध्यान नहीं दिया गया।

सरकार उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था वाले काम बता रही

हम आरोपियों पर कार्रवाई भी करते हैं। सरकार अपने आधुनिक सुविधाओं और उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था वाले काम बता रही है। वहीं खुद मुख्यमंत्री ने नगरोटा में बाल मेले के दौरान राज्य में किए वादों कह याद दिला दी। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री स्वर्गीय जी.एस. बाली की 72वीं जयंती के अवसर पर बाल मेला समिति द्वारा गांधी ग्राउंड, नगरोटा बगवां में आयोजित 24वें बाल मेले में शामिल हुए।   कहा कि उन्होंने नगरोटा बगवां सहित पूरे क्षेत्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और जी.एस. बाली दोनों ही विकास और जनकल्याण की राजनीति के प्रतीक थे।

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