संसद में गतिरोध, लोकसभा अध्यक्ष ने दी कार्रवाई की चेतावनी

खबर सार :-

कई विपक्षी सांसदों ने आज सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर चर्चा की मांग की थी। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर बल प्रयोग किया था।
संसद में गतिरोध, लोकसभा अध्यक्ष ने दी कार्रवाई की चेतावनी

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: कई विपक्षी सांसदों ने आज सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर चर्चा की मांग की थी। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर बल प्रयोग किया था।  नोटिस 20 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित बड़े पैमाने पर संसद चलो प्रदर्शन के बाद की हैं। इस प्रदर्शन के दौरन कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा मामलों को लेकर अनियमितताओं का विरोध कर रहा था। इसमें सैकड़ों छात्रों ने हिस्सा लिया था।

सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया था

प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बाद प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रदर्षन के दौरान इतना हंगामा हुआ, जिससे हालात बिगड़ गए। इस दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आईं। इसमें कई लोग चोटिल हो गए थे। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया था। प्रदर्षन करने वालों ने भी पुलिसकर्मी पर पत्थर बंरसाए थे। पुलिस वाले भी गंभीर रूप से घायल हो गए। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, मणिकम टैगोर, हिबी ईडन और विजयकुमार उर्फ विजय वसंत ने लोकसभा में अलग-अलग स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया था।

विपक्ष के हंगामा के बाद लोकसभा और राज्यसभा में भी कार्यवाही रोक दी

प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग पर तत्काल चर्चा की मांग की थी। नोटिस में आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हथियारों का इस्तेमाल किया। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने नियम 267 के तहत मामला उठाने की बात की। कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया गया था। वहीं, डीएमके सांसद टीआर बालू ने भी लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया था। नोटिस देकर नीट पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का मामला पहले भी उठाया था। संसद के बाहर आज छात्रों के खिलाफ कथित रूप से घातक हथियारों का मामला उठाते हुए जांच की मांग की जा रही है।

राज्यों से लोग किस सूचना के आधार पर आए

इसी मामले पर आज सदन में भी हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष के हंगामा के बाद लोकसभा और राज्यसभा में भी कार्यवाही रोक दी गई। यह कार्यवाही रोेकते समय लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संसद में इस तरह का व्यवहार नहीं चलेगा। भाजपा के एक सांसद ने मांग की है कि आखिर किन लोगों ने कॉकरोच पार्टी के लिए प्रदर्शन के दौरान फंडिंग की थी, कहां से तमाम तरह के खर्चे उठाए जा रहे थे। इसकी जांच होनी चाहिए की कहीं अराजकता का उद्देश्य तो नहीं था। यह भी मांग की कितने दिनों से तैयारी हो रही थी और दूसरे राज्यों से लोग किस सूचना के आधार पर आए, उनका और क्या इरादा था?

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