पंजाब में कथित पेपर लीक पर सियासत तेज, विपक्ष ने भगवंत मान सरकार से की इस्तीफे मांग

खबर सार :-

कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बाद 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब पंजाब की सियासत में कुछ ऐसे ही माहौल देखने को मिल रहा है। विपक्षी दल पंजाब सीएम भगवंत मान को घेरते हुए नजर आ रही है।
पंजाब में कथित पेपर लीक पर सियासत तेज, विपक्ष ने भगवंत मान सरकार से की इस्तीफे मांग

खबर विस्तार : -

Punjab Paper Leak: सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब ऐसा ही घमासान पंजाब में देखने को मिल रही है। दरअसल, राज्य में विपक्षी दल मुख्यमंत्री भगवंत मान पर हमलावर होते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दलों ने मिलकर पंजाब में हुए कथित पेपर लीक मामले को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोल रही है। इस समय पंजाब में दो मंत्रियों को लेकर सियासत गरमाई हुई नजर आ रही है। 

आप ने किया इंकार

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब पंजाब में भी सियासी माहौल गर्मा गई है। दरअसल, 19 जुलाई 2026 को फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा के दौरान उच्च-तकनीकी नकल और गड़बड़ी का मामला सामने आया है, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने पेपर लीक होने का दावा कर सरकार को घेरने की कोशिश की है। हालांकि सरकार का कहना है कि परीक्षा शुरु होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए की गई नकल थी। इस मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की है। वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह कोई पेपर लीक नहीं बल्कि परीक्षा केंद्र के अंदर नकल का मामला था, जिसमें त्वरित सख्त कार्रवाई की गई। बता दें कि विपक्षी दल ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग कर रही है। इस इस्तीफे पर जोर देने का एक बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है कि क्योंकि हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया है। 

अंग्रेजी विषय, ग्रुप-बी सहित प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक

पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत पहले से ही गर्म है। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने इसे अपना आधार बना लिया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने केंद्रिय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर इसे युवाओं की लड़ाई की जीत बताया। उन्होंने काफी कठोर शब्दों में कहा कि नेशनल लेवल पर पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ, यही रुख अपनाते हुए पंजाब में भी मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को भी अपने पद का त्याग कर देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आप की सरकार में पंजाब में फार्मेसी भर्ती परीक्षा, 12वीं कक्षा का अंग्रेजी विषय और ग्रुप-बी के पेपर सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के द्वारा आयोजित फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा के लीक होने का आरोप लगाया। 

दिल्ली की तरह पंजाब की सड़कों पर होगा विरोध प्रदर्शन 

राजा वडिंग ने यह भी कहा कि पंजाब में पेपर लीक के खिलाफ युवाओं ने विरोध किया तो भगवंत मान द्वारा उन पर लाठियां चलाई गईं। उन्होंने कहा धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे सकते हैं तो पंजाब के शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा क्यों नहीं दे सकते हैं। उन्होंने आम आदमी पर हमलावर होते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी मनीष सिसोदिया ने दावा किया था कि अगर पंजाब में पेपर लीक होता है तो उससे संबंधित मंत्री को इस्तीफा देना होगा। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब ग्रुप-बी का पेपर लीक हुए छह महीने हो चुके हैं, लेकिन इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा हुए प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया तो पंजाब की सड़कों पर दिल्ली की तरह आंदोलन होगा। 

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