Rajasthan विधानसभा पहुंचीं 500 छात्राएं, लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को करीब से जाना

खबर सार :-

राजस्थान की एक हजार छात्राओं को विधानसभा की कार्यप्रणाली से परिचित कराया जा रहा है। छात्राओं को भवन तक ले जाकर लोकतंत्र और संविधान की जानकारी दी जा रही हैं।
Rajasthan की छात्राओं ने विस अध्यक्ष से पूछा, सत्र में क्यों होता है हंगामा

खबर विस्तार : -

जयपुर, लोकतंत्र को करीब से जानने की इच्छा हर किसी में होती है। किताबों में तो यह जानकारी रहती ही है। उसकी कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर वहीं जा कर देखने के बाद ही मिल पाता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की राजस्थान विश्वविद्यालय इकाई ने कुछ ऐसा ठाना है कि हर छात्रा लोकतंत्र से परिचित हो।

10 दिनों के लिए दिया जा रहा छात्राओं को मौका

इसमें सबसे पहले अभियान के अंतर्गत  विश्वविद्यालय की 1000 छात्राओं शामिल किया गया। इनको बताया गया कि वह कैसे देश संभाल सकती हैं। लोकतंत्र और देश का रिश्ता क्या है? राजस्थान विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण करवाने के संकल्प को काफी कामयाबी भी मिल रही है। अब तक करीब एक हजार छात्राओं ने इस व्यवस्था को समझा है। 27 अक्टूबर से यह अभियान शुरू किया गया था। आज 29 अक्टूबर तक 10 दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत लगातार देश की भावनाओं को समझने का अवसर इनको दिया जा रहा है।

वह कई सवाल भी इनकी ओर से उठाए जाते हैं, जो उनकी भावनाएं प्रदर्शित करती हैं। महारानी महाविद्यालय की लगभग 500 छात्राएं विधानसभा का भ्रमण कर चुकी हैं। यह पल इनके लिए गर्व करने वाले होते हैं। हर कोई नेता नहीं बनना चाहता है। लेकिन उसकी भूमिका नेता बनाने की होती है। वह जिसे वोट बहुमत में दे दें, समझो सरकार बना दी। हर छात्राओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था, विधायी प्रक्रिया और संसदीय कार्यप्रणाली को समझने की इच्छा होती है। यहां पहुंचकर जानकारी देने वाले विशेषज्ञ भी मौजूद रहते हैं।

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लोकतांत्रिक व्यवस्था में है कानून निर्माण का बड़ा महत्व

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी इस प्रयास की सराहना की है। वह सवालों पर सवाल कर रहे थे। पर आज की जनरेशन काफी जागरूक भी है। छात्राओं को विधानसभा की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की भूमिका विधानसभा अध्यक्ष ने बताया। पर सवाल छात्राओं के ही वास्तव में सवाल थें। उन्होंने पूछा कि आखिर अक्सर विधानसभा में हंगामा क्यों होता रहता है। यहां पर संवाद के दौरान छात्राओं को यह समझने का अवसर मिला कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून निर्माण का बड़ा महत्व होता है।

यह निर्माण करने में विधानसभा की बड़ी भूमिका होती है। छात्राओं ने जनहित के मुद्दों पर बात की। उनका सवाल था कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों का कितना महत्व है? उनको इसका जवाब भी मिला। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं में संवैधानिक मूल्यों को समझना और उनका पालन करना है। सभा में बैठने और अनुशासन के बारे में भी उनकी बातचीत हुई। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री शुभेंद्र सिंह निर्वाण की बड़ी भूमिका रही। उनका कहना था कि केवल कक्षा-कक्ष तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

शैक्षणिक पहल का लाभ उठाएंगी छात्राएं

देश के प्रति और संविधान के प्रति जागरूक रहना चाहिए। यह आयोजन दस दिनों तक चलेगा और इसमें कोशिश होगी कि परिषद आगामी दिनों में शेष छात्राओं को भी विधानसभा ले जाए। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार भ्रमण कराया जा रहा है। कुल 1000 छात्राएं इस शैक्षणिक पहल का लाभ उठा उठाएंगी। इस दौरान राजनीति की छात्राओं से सवाल किया कि इस व्यवस्था में राजनीति की शिक्षा पाए लोगों को ही क्यों नहीं लाया जाता है? कुछ छात्राओं ने कहा कि कुछ आंदोलन बड़ी भीड़ वाले होते हैं, लेकिन बाद में चुनाव के बाद पता चलता है कि वही हार का कारण बना। छात्राओं ने कहा कि इसपर चर्चा क्यों नहीं कराई जाती है।

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