आदित्य ठाकरे के फार्महाउस के लिए काटे सरकारी पेड़, भाजपा प्रवक्ता ने उठाए सवाल

खबर सार :-

महाराष्ट्र के मुबई में भारतीय जनता पार्टी की ओर से शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ मोर्चा खोला गया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि आदित्य ठाकरे बताएं कि उनके फार्म हाउस के लिए कितने सरकारी पेड़ काटे गए थे। ठाकरे पर आरोप है कि उन्होंने एक कंपनी से चंदे के रूप में बड़ी रकम ली है।
Maharashtra में सियासी पारा चढ़ा: भाजपा खोल रही ठाकरे का पोल

खबर विस्तार : -

मुंबई,  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नवनाथ बन ने आदित्य ठाकरे को कई मामले में घेरा है। दरअसल शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे ने सवाल खड़ा किया था कि टोरेंट परियोजना की मंजूरी से राज्य को क्या फायदा होने वाला है? इस पर भाजपा ने कहा कि उन्हें यह भी बताना चाहिए कि कर्जत स्थित उनके फार्म हाउस के निर्माण के लिए कितने पेड़ काटे गए। यह मामला अब तूल पकड़ने लगा है, क्योंकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जिस कंपनी को बिजली के काम बढ़ाने के लिए जिम्मेदारी दी है उस पर यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाए हैं।

भाजपा की ओर से प्रवक्ता नवनाथ बन ने प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्जत में टोरेंट परियोजना को मंजूरी दी है। यह परियोजना महाराष्ट्र के हर घर तक बिजली पहुंचाने का काम करेगी। इसके अलावा राज्य में लोड सेटिंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए भी इसी कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इतिहास में लवण में जंगलों और पहाड़ियों की कटाई की, आज वही मुख्यमंत्री पर सवाल उठा रहे हैं। उनको पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि उन पर कितने दाग लगे हैं।

यह भी पढें : Pakistan पूरी ताकत के साथ सऊदी अरब की रक्षा करेगा: ख्वाजा आसिफ

टोरेंट परियोजना के आने से राज्य में हंगामा शुरू हो गया

भाजपा की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य को बिजली की दिक्कतों से मुक्त करना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी परियोजना का विरोध तब शुरू होता है, जब वह राज्य से चली जाती है। जब सरकार किसी तरह परियोजना को राज्य में लाकर उस पर काम करवाने का प्रयास करती है, तब विरोध शुरू हो जाता है। आज वही काम आदित्य ठाकरे कर रहे हैं। बन ने सवाल किया की टोरेंट परियोजना के आने से राज्य में हंगामा शुरू हो गया है।

उन्होंने बताया कि जब यशवंत राव चौहान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब सह्याद्रि पर्वतमाला की कोयना परियोजना शुरू हुई थी। उस परियोजना से अब राज्य को बड़े पैमाने पर बिजली मिल रही है। उन्होंने याद दिलाया कि तब भी उनका बड़ा विरोध किया गया था, होता यही आया है कि जब कभी भी अच्छा काम होना शुरू होता है, तब लोग विरोध करना शुरू कर देते हैं। उन्होंने बताया कि संभव है कि राज्य को इस जल विद्युत परियोजना का लाभ नहीं मिल पाता, इसी तरह विकास परियोजना महाराष्ट्र की बिजली संबंधी जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

परियोजना से लगभग 3000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा

उन्होंने दावा किया है कि टोरेंट परियोजना से लगभग 3000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।  इस परियोजना से 16 लाख टन कोयले के उपयोग से बचा जा सकेगा। यह सभी लोग जानते हैं कि कोयला जलने से कितना प्रदूषण और ताप बढ़ता है। इसके बदले में वातावरण में लगभग एक करोड़ 15 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इतनी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने के लिए बड़े पैमाने पर हरियाली की जरूरत पड़ेगी। इसमें लगभग 22 से 24 करोड़ पेड़ों की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य इस बात पर है कि लोग परियोजना का विरोध कर रहे हैं। उन्हें यह मालूम है कि इससे राज्य के लिए बड़ा लाभ मिलने वाला है। आदित्य ठाकरे से सवाल करते हुए कहा कि टोरंट कंपनी से उन्होंने पार्टी के लिए चांदी के रूप में कितने रुपए लिए? क्या यह बात बताने के लिए तैयार हैं? दावा किया कि उनकी जानकारी में पिछले पांच वर्षों में टोरेंट कंपनी ने आदित्य ठाकरे की पार्टी को करोड़ों रुपए का चंदा दिया है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो आप इस कंपनी से लाभ लेने के लिए तत्पर रहते हैं, दूसरी ओर कंपनी की ओर से प्रगतिशील कार्य का विरोध करते हैं।

यह भी पढें : आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह फिलीपींस रवाना

अन्य प्रमुख खबरें