ब्रिक्स संसदीय फोरम और लिकटेंस्टीन प्रिंस की यात्रा पर देश की नजर

खबर सार :-

नई दिल्ली में ब्रिक्स संसदीय फोरम का आयोजन एवं लिकटेंस्टीन के राजकुमार एलोइस की भारत यात्रा को लेकर राजनयिक स्तर पर व्यस्तता बनी रहेगी।
लिकटेंस्टीन के राजकुमार आएंगे भारत, ऑस्ट्रेलिया के साथ होगा सैन्य अभ्यास

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली,  26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक नई दिल्ली में ब्रिक्स संसदीय फोरम का आयोजन होगा। इसी दौरान लिकटेंस्टीन के राजकुमार एलोइस भी भारत यात्रा पर रहेंगे। एक और आयोजन में भारत और ऑस्ट्रेलिया की सेनाएं केरल में संयुक्त सैन्य अभ्यास ऑस्ट्राहिंद के पांचवें संस्करण में प्रदर्शन करती नजर आएंगी। इस लिहाज से भारत के लिए अगला सप्ताह काफी महत्वपूर्ण है। 

 26 और 27 अक्टूबर को 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम के आयोजन की तैयारी लगभग की जा चुकी हैं। ऑस्ट्रेलिया के बीच भारत के मैत्रीपूर्ण संबंध हमेशा से बेहतर रहे हैं। अब नए सिरे से रक्षा क्षेत्र में व्यापक स्तर पर सहयोग बनाए स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों देशों के संयुक्त प्रयास से एवं भारत की डिप्लोमेसी के लिहाज से यह काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई दिल्ली में 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक संसदीय फोरम का आयोजन होगा।

एलोइस 28 तक भारत की राजकीय यात्रा पर

इसी दौरान लिकटेंस्टीन के वंशानुगत राजकुमार और कार्यकारी राष्ट्राध्यक्ष एलोइस 25 से 28 अक्टूबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया की सेना के बीच सैन्य अभ्यास भी होने वाला है। सैन्य सहयोग के मोर्चे पर भारत और ऑस्ट्रेलिया की सेनाएं केरल में संयुक्त अभ्यास ऑस्ट्राहिंद 2026 के पांचवें संस्करण में हिस्सा ले रही हैं। यह अभ्यास तिरुवनंतपुरम में होगा। यहां फॉरेन ट्रेनिंग नोड प्रसिद्ध है। इसमें आयोजित किया जा रहा है। तैयारी है कि यह 1 नवंबर तक जारी रहेगा।

इसमें दोनों देशों के लगभग 240 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं। यह सीन केरल में संयुक्त अभ्यास का हिस्सा बनेगी। दोनों देशों के बीच होने वाले वृहद संसदीय फोरम का विषय जन केंद्रित विकास के लिए सांसदों को सशक्त बनाना है। नई दिल्ली में 12वें संसदीय फोरम का सम्मेलन 26 और 27 अक्टूबर को किया जाएगा। दोनों देशों के बीच कई प्रकार से राष्ट्रीय स्तर पर साझेदारी के प्रयास किया जा रहे हैं। इनमें सदस्य देशों और साझेदार देश के संसदीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में विमर्श किया जाएगा।

संवाद स्थापित करने के लिए मौका मिल रहा

यह विभिन्न मुद्दों पर आधारित हो सकते है। इनमें बहु मंचीय सहयोग के लिए हम प्रयास कर सकते हैं और विकास के लिए किन प्राथमिकताओं को चर्चा में शामिल किया जाए? जिसे भविष्य की उम्मीद बनाई जा सके। अच्छा है कि भारत को सदस्य देशों के साथ संसदीय स्तर पर संवाद स्थापित करने के लिए मौका मिल रहा है। इसमें कई देशों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे और उनके साथ भारत भी विकास कल्याण अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े विषयों के बारे में अपना पक्ष साझा कर सकेगा।

इसके अलावा सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के दिए गए सुझाव और अनुभव को भी अभिलेखों में शामिल कर सकते हैं। द्विपक्षीय बैठकों के जरिए भाग लेने वाले देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए यह मजबूत प्रयास है। राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने और आर्थिक दृष्टि से तलाशे जाने वाली संभावनाओं के लिहाज से दोनों पक्षों के बीच महत्वपूर्ण भी हैं। इसमें निवेश और आर्थिक क्षेत्र पर आगे भविष्य में चर्चाएं की जा सकती हैं।

केरल में संयुक्त अभ्यास का हिस्सा बन रही

यूरोप के छोटे, लेकिन आर्थिक रूप से संपन्न देश लिकटेस्टीन के साथ भारत के संबंधों में आर्थिक और कारोबारी सहयोग की अहम भूमिका है। दोनों देशों के बीच आर्थिक और सैन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत और ऑस्ट्रेलिया की सेनाएं केरल में संयुक्त अभ्यास का हिस्सा बन रही है। निरंतर दो सप्ताह तक दोनों देशों की सेनाएं अभ्यास में लीन रहेंगी। अपनी क्षमताओं को मजबूती के साथ प्रस्तुत करेंगी। इस दौरान भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अपने अनुभव साझा करेंगे।

आयोजन का एक और मकसद, संयुक्त अभ्यास से जुड़े कौशल पर भी ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों की सेनाओं को एक दूसरे के संचालन की प्रक्रियाओं को समझने का अच्छा अवसर मिलेगा। साथ ही पूर्व एवं भविष्य की चुनौतियों को नजर रखते हुए सवाल और सुझाव के मौके भी मिलेंगे। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में रक्षा सहयोग भी बेहतर रहा है। इनके सैनिकों के बीच संयुक्त कार्रवाई की क्षमता को समझने के लिए संयुक्त सैन्य अभ्यास भी किए जाएंगे।

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