राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- पेपर लीक से करोड़ों छात्रों का भविष्य खतरे में

खबर सार :-

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर सीजेपी द्वारा हुए प्रोटेस्ट में छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा है।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- पेपर लीक से करोड़ों छात्रों का भविष्य खतरे में

खबर विस्तार : -

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान उनके साथ कथित मारपीट को लेकर कहा है कि छात्र किसी तरह का अपराध नहीं कर रहे थे, वे सिर्फ अपने हक के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। राहुल गांधी ने आगे कहा कि देश में निष्पक्ष और बेहतर शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, लेकिन किसी भी केस में न्याय नहीं मिला। 

छात्र अपने हक की मांग कर रहे हैं

लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरते हुए छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट को लेकर सवाल किया है। उनका कहना है कि छात्रों ने ऐसा क्या गलत किया है, जिसके लिए उनके साथ मारपीट और इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है। राहुल गांधी ने छात्रों के हित में कहा कि वे कोई अपराध नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने हक की मांग कर रहे हैं। इस बीच उन्होंने सरकार के सामने तीन मांगे भी रखी हैं। उन्होंने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश के हजारों छात्र आखिर क्या गलती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर सुरक्षा बलों की ओस से हथियार दिखाने, उन्हें पीटने और जलील करने की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि आखिर छात्रों के साथ इस तरह का बर्ताव क्यों किया जा रहा है। उनका कहना है कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से अपना अधिकार मांग रहे हैं। 

पिछले दस सालों में 152 पेपर लीक- राहुल गांधी का दावा

राहुल गांधी ने आगे कहा कि छात्र ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जो उनके लिए सही और निष्पक्ष तरीके से काम करे, लेकिन आज देश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि पेपर लीक की समस्या अब काफी चिंताजनक हो चुकी है। छात्र पहले से ही पेपर को लेकर तनाव का सामना करते हैं। कई बच्चों ने आत्महत्या कर ली है। छात्र और उनके परिवार काफी मुश्किलों से अपने बच्चों को शिक्षा दे पाते हैं, लेकिन परीक्षा में बैठने से पहले उन्हें पता चलता है कि पेपर लीक हो गया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि पिछले 10 सालों में देश में 152 पेपर लीक की घटना सामने आई, लेकिन इनमें से एक भी मामले में कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि इससे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार बुरी तरह प्रभावित हुए और इसमें भी ज्यादातर मिडिल क्लास और गरीब परिवार के लोग शामिल हैं। 

एजुकेशन सिस्टम निष्पक्ष बनाने की मांग

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कोई व्यक्ति या लोगों का समूह देश की शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर रहा है, जिससे छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। उन्होंने युवाओं द्वारा किए गए प्रदर्शन को सही ठहराते हुए केंद्र सरकार से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एजुकेशन सिस्टम को निष्पक्ष बनाने की मांग की है। उन्होंने आगे कहा समस्या यह नहीं है कि शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी है, बल्कि व्यवस्था अब मिडिल क्लास और गरीब परिवारों के पहुंच से बाहर होती जा रही है। इस आंकड़े से हर कोई परेशान हैं, लेकिन भारत सरकार इसे समझने को तैयार नही है। उन्होंने दावा किया कि देश का शिक्षा बजट करीब 1.4 लाख करोड़ रुपये है, जबकि हर साल नीट परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के परिवार करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं। उनका कहना है कि यह लूट है। 

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