राघव चड्ढा का भगवंत मान सरकार पर हमला, बोले- पंजाब में चरमराई कानून-व्यवस्था, कोई सुरक्षित नहीं

खबर सार :-

राघव चड्ढा ने पंजाब में नशे के कारोबार और नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा। कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी अभियान पर उठाए सवाल।
राघव चड्ढा का भगवंत मान सरकार पर हमला, नशे के कारोबार को लेकर उठाए सवाल

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब में नशे के कथित बढ़ते कारोबार और नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर राज्य की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो गई है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग भी सुरक्षित नहीं हैं। चड्ढा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार की नशा विरोधी मुहिम पर भी सवाल उठाए हैं।

राघव चड्ढा का तंज

राघव चड्ढा ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पंजाब अब 'नशा बेचने में आसानी के सूचकांक' में पहले स्थान पर पहुंच गया है। चड्ढा ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह आसपास की दुकान से सामान खरीदना या घर बैठे कुछ ही मिनटों में डिलीवरी प्राप्त करना आसान हो गया है, उसी तरह पंजाब में नशा भी आसानी से उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने इस टिप्पणी के जरिए राज्य में कथित तौर पर सक्रिय नशा तस्करी के नेटवर्क और उसकी रोकथाम के लिए सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।

हत्या को लेकर सरकार पर निशाना

चड्ढा ने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या को गंभीर मामला बताया। उनके अनुसार, यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं है, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल खड़े करती है। चड्ढा ने दावा किया कि झोटा की एक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद उन्हें गोली मार दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि घटना कैमरे में दर्ज हुई थी। हालांकि, घटना के कारणों और आरोपों की पुष्टि जांच तथा आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए। राघव चड्ढा के मुताबिक, परविंदर सिंह झोटा कई वर्षों से पंजाब में 'चिट्टा' यानी नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद राज्य में नशे के नेटवर्क का विस्तार हुआ है। ये आरोप चड्ढा की ओर से लगाए गए हैं।

बेटे के अंतिम संस्कार को लेकर पिता का रुख

राघव चड्ढा ने अपने पोस्ट में यह भी दावा किया कि परविंदर सिंह झोटा के पिता ने आरोपियों और स्थानीय स्तर पर नशे की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होने तक बेटे का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। चड्ढा के अनुसार, मृतक के पिता ने अपने बेटे की मौत के लिए आम आदमी पार्टी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यदि नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले व्यक्ति के परिवार को सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से गुहार लगानी पड़े, तो यह पंजाब की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता का विषय है। इस बयान के जरिए उन्होंने राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था और नशा विरोधी कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।

'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान पर भी सवाल

चड्ढा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से शुरू किए गए अभियान 'युद्ध नशे के विरुद्ध' पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के कारोबार को खत्म करने का दावा करने वाली सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री जारी है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, नशे का कारोबार जारी है और पंजाब के युवाओं को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। चड्ढा ने सरकार से नशे के नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

पंजाब में नशे का मुद्दा फिर चर्चा में

परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला पंजाब में नशे के कारोबार, नागरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। राघव चड्ढा के बयान ने राज्य सरकार की नशा विरोधी नीति और उसके क्रियान्वयन पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, सरकार की विफलता, नशे के कारोबार के विस्तार और हत्या के पीछे बताए गए कारणों से जुड़े आरोपों का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है। मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई से ही घटना की परिस्थितियों तथा जिम्मेदार लोगों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

FAQ

1. राघव चड्ढा ने भगवंत मान सरकार पर निशाना क्यों साधा?

राघव चड्ढा ने पंजाब में नशे के कथित बढ़ते कारोबार और नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर भगवंत मान सरकार की आलोचना की। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

2. परविंदर सिंह झोटा कौन थे?

परविंदर सिंह झोटा पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता थे। राघव चड्ढा के अनुसार, वह कई वर्षों से राज्य में चिट्टे के अवैध कारोबार के खिलाफ सक्रिय थे।

3. परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर क्या दावा किया गया है?

राघव चड्ढा ने दावा किया कि नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर एक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ विवाद के बाद झोटा को गोली मार दी गई। घटना के कारणों की पुष्टि आधिकारिक जांच से होनी चाहिए।

4. राघव चड्ढा ने पंजाब में नशे की स्थिति पर क्या कहा?

उन्होंने तंज कसते हुए दावा किया कि पंजाब में नशा आसानी से उपलब्ध है और राज्य 'नशा बेचने में आसानी के सूचकांक' में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
 

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