एक नवंबर तक पूरे हों सीवर-पेयजल पाइपलाइन के अधूरे कार्य, खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मतः सीएम धामी

खबर सार :-

उत्तराखंड के सीएम ने एक नवंबर तक विकास कार्य पूरे करने की चेतावनी दी है। इसके लिए करीब चार घंटा मैराथन बैठक चली। इसमें पुष्कर सिंह धामी का कहना था कि वह एक निश्चित तारीख के बाद सड़कों पर जाकर विकास कार्य देखेंगे।
चार घंटा चली मैराथन बैठक में पुष्कर सिंह धामी का फैसला, कागज पर नहीं, सड़क पर चलकर देखेंगे काम

खबर विस्तार : -

देहरादून, अधिकारियों को अगर डाल पर चलना आता है तो मुख्यमंत्री को पत्तों पर चलना आता है। कहावत है, तू डाल-डाल में पात-पात, लेकिन इस बार दोनों जगह पर केवल मुख्यमंत्री ही होंगे। अधिकारियों का काम उनकी जुबान से पूरा हुआ नहीं माना जाएगा। अपने कागज पर वह जो काम दिखाएंगे, वह भी नहीं माना जाएगा।

जिस स्थान का होगा, मौके पर जाकर उसका निरीक्षण किया जाएगा। यह काम खुद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। जहां नहीं पहुंच पाएंगे, वहां पर अपने किसी खास व्यक्ति को भेजेंगे। उन्होंने बड़े अधिकारियों को अपने दफ्तर में बुलाकर कह दिया है कि एक डेडलाइन देता हूं और इस पर काम पूरा हो जाना चाहिए। मैं एक-एक काम को प्रदेश की सड़कों पर जाकर देखूंगा। पुष्कर सिंह धामी की इस चेतावनी के बाद सभी विभागों के अधिकारियों में खलबली मची हुई है।

जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को बुलाया 

मुख्यमंत्री आवास में देर रात तक प्रदेश के सभी जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को बुलाया गया था। इस बैठक में चार घंटे तक लगातार मुख्यमंत्री एक-एक बिंदु पर सुझाव देते रहे और अधिकारियों के भी सुझाव लिये। एक मैराथन उच्च स्तरीय बैठक उत्तराखंड में पहली बार हुई है। जिसमें मुख्यमंत्री ने अपना पक्ष सभी अधिकारियों को सुना दिया है। प्रदेश में विकास कार्यों की प्रगति, जन सुविधाओं, कानून व्यवस्था, आगामी त्यौहार की तैयारी, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन संबंधी कार्य जिला योजना, के प्रभावी क्रियान्वयन, हरिद्वार की तैयारी बैठक के मुख्य बिंदु थे।

इन सभी पर विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में गृह सचिव गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल की आयुक्त तथा दोनों पुलिस परिक्षेत्र की पुलिस महानिदेशकों के सहित वरिष्ठ अधिकारी भी बुलाए गए थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपने मन की सारी बातें बता दी हैं और कहा है की समय पर पूरा काम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण होंगे। यह जनहित के कार्य हैं और इनमें किसी प्रकार की लापरवाही या देरी नहीं चलेगी। इसके लिए आप सीधे जिम्मेदार होंगे। बचने की प्रवृत्ति नहीं रहेगी। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समस्याओं को पड़ा रहने देने की आदत छोड़ दें

मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता जनता की सेवा करना है। लोगों की समस्याओं को पड़ा रहने देने की आदत छोड़ दें। प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करना है। कार्यालय में बैठकर काम करने से ज्यादा फील्ड में जाकर उनका आकलन करना है। बहुत से कार्य ऐसे भी होते हैं, जो मौके पर ही निस्तारित किए जाते हैं, लेकिन वह पेंडिंग में डालकर कागज पर दौड़ते रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा की सड़कों की हालत में सुधार होना चाहिए। इनको मौके पर जाकर देखिए, जहां कहीं भी खराब है, इन्हें गड्ढा मुक्त करें।

सड़के देखने के लिए मैं खुद सड़कों पर जाऊंगा। एक-एक सड़क का मैं निरीक्षण करूंगा और इनमें गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पूरे प्रदेश में टूटी हुई सड़के सुधार दी जाएं। मैं प्रभु पूरे प्रदेश में दौरा करूंगा। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार होंगे, अगर कमी मिली तो मैं उनसे सवाल करूंगा। सभी विभागों में दिए जाने वाले कार्य मौके पर धरातल पर होने चाहिए। कागज से ज्यादा काम मौके पर जाकर करें। सभी विभागों के कार्यों की जिम्मेदारी जिलाधिकारी के पास है। इसलिए वह उनसे सामन्जस्य स्थापित कर प्राथमिकता से पूरा कराएं।

 मुख्यमंत्री ने कहा है की पानी की सप्लाई के लिए पाइपलाइन डाली जानी है। इनको नवंबर कि पहले सप्ताह में सारा काम संपन्न करके सड़कों को सही कर दें। आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा है की शीतकालीन पर्यटन यात्रा सीजन को देखते हुए मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश सहित प्रमुख पर्यटन स्थल और धार्मिक स्थलों को सुविधा अनुसार तैयार किया जाए। यहां पर आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस की तैनाती करें

सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस की तैनाती करें। पार्कों की व्यवस्था देख लें। यहां पर वाहनों की लिए पार्किंग होना जरूरी है। उन्होंने कहा है कि अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाएं। धार्मिक स्थल और पर्यटन स्थलों को संवेदनशील मानते हुए यहां निगरानी बढ़ाएं। पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि अवैध पार्किंग अतिक्रमण इनके खिलाफ नियमित निगरानी करें। अनावश्यक कब्जे हटाएं। उन्होंने कहा है की राजस्व से संबंधित मामले अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। पटवारी और तहसीलदार अपने स्तर पर मामलों का नियमानुसार समय से करें।

बार-बार एक ही काम के लिए किसी व्यक्ति को चक्कर नहीं काटना पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व मामले में पारदर्शिता और जवाब देही होनी चाहिए। लोगों की शिकायतें मिलती रहती हैं, यह सब उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सामन्जस्य बनाकर काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर के अंतर्गत मतदाता सूची से संबंधित कार्य पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने और अपात्र मत प्रविष्टियों के नियम अनुसार निस्तारित की प्रक्रिया में पूरी सावधानी रखें।

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