पेपर लीक विवाद पर सियासी संग्राम तेज, प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा
खबर सार :-
देशभर में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है, लेकिन विपक्ष का पलटवार अभी भी जारी है।
खबर विस्तार : -
Priyanka Gandhi: पेपर लीक का मुद्दा अब सड़क से उठकर संसद तक पहुंच गया है। छात्र अपनी मांग को लेकर लगातार प्रद्रशन कर रहे हैं। इस बीच खबर है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक मामले की सुनवाई को लेकर फास्ट ट्रैक गठित करने का ऐलान किया है, लेकिन विपक्ष लगातार उन पर हमला बोल रहा है। विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
पेपर लीक को लेकर विपक्ष का पलटवार
नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फास्ट ट्रैक गठन करने की बात कही है। हालांकि पीएम के इस ऐलान के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कड़े सवाल किए हैं। उनका कहना है कि देश में पेपर लीक की घटनाएं लगातार हो रही है, लेकिन सरकार इसमें किसी तरह का ठोस कदम नहीं उठा रही है। इस व्यवस्था से बच्चों का विश्वास उठ गया है, 'अब सरकार के भरोसे का क्या करें?' उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को जब सिस्टम पर भरोसा ही नहीं रहेगा तो उससे मिलने वाले समाधान को बच्चे कैसे स्वीकार करेगें। प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि छात्रों के मां-बाप को यह बात समझ में आ रही है और प्रधानमंत्री को भी यह समझना चाहिए। उनका कहना है कि अगर समाधान चाहिए तो पहले बच्चों की बात सुनें इसके बाद उनकी मांग पूरी करें।
सड़क से संसद तक प्रदर्शन
उनका कहना है कि आज देश में हजारों से ज्यादा छात्र सड़कों पर उतरे हैं, इंडिया गेट पर हैं, जंतर-मंतर पर हैं और पूरे देश में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस स्थिति में नेताओं को जनता की बात सुननी पड़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि छात्रों पर प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज हुआ, जिसमें कई बच्चे घायल हो गए। बीती रात उन्हें पीटा गया और सुबह होने के बाद सोशल मीडिया पर ट्वीट करके कहा जा रहा है कि बच्चों की चिंता है। उन्होंने कहा कि अगर सच में उनकी चिंता होती तो उन पर लाठियां क्यों चलाई जाती और उन पर आंसू गैस के गोले क्यों छोड़े जाते। प्रियंका का कहना है कि बच्चों को बुलाया जाए और उनसे बात की जाए। अगर सरकार उनका अपना भरोसा वापस जीतना चाहती है, तो सिस्टम से बाहर निकलकर उनकी बात सुनिए और उचित कदम उठाए। जिसमें पहला कदम धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल हो।
छात्रों का प्रदर्शन जारी
पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक गठन के बयान के बाद भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था पर पूरा कब्जा करने और उसे बर्बाद करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इसे बढ़ावा भी दिया गया है और इसके जिम्मेदार व्यक्ति को पनाह दी है। राहुल गांधी ने छात्रों की मांगो को लेकर कहा कि उन्हें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों से माफी मांगने और मार्च के दौरान हुई हिंसा के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी है, जो लगातार आंदोलन में शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
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