राहुल गांधी के रांची में जलेंगे पुतले, राज्य सरकार में कांग्रेस का है गठबंधन !

खबर सार :-

रांची: सांसद राहुल गांधी के खिलाफ रांची के छात्रों ने नाराजगी जताई है। छात्रों ने कहा कि कांग्रेस का रांची सरकार में गठबंधन है। इसीलिए वह चुप हैं।
छात्रों ने शुरू की घेराबंदी, लगाया आरोप, खेल-खेल रहे हैं राहुल गांधी

खबर विस्तार : -


रांची: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामले में केंद्र सरकार को घेर रही कांग्रेस रांची में द घिरती नजर आ रही है। अभी तक युवाओं के पक्षधर बने रहे विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केवल केंद्र सरकार को घेरा, लेकिन रांची मामले पर वह चुुप हैं। उनके बयान और उनकी पार्टी के राज्य सरकार में मंत्रियों के बयानों में विरोधाभाष नजर आता है। इसलिए ऐसा महसूस हो रहा है कि कांग्रेस और झामुमो छात्रों के साथ खेल रहे हैं।

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कई सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मीडिया के लोगों से कहा कि राहुल गांधी दिल्ली में अपनी छवि बनाने में लगे रहे। उन्होंने संसद की कार्यवाही बाधित कर रखी थी, लेकिन अब रांची के छात्रों की पीड़ा नहीं दिख रही है। परीक्षाओं से जुड़े मामले में छात्रों ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा है कि अब वह आंदोलन का स्वरूप बदलेंगे। जितना ही झामुमो दोषी है, उतनी ही कांग्रेस पार्टी भी। परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक के मामले में रांची में छात्रों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी रहा।

राज्य सरकार में कांग्रेस से है गठबंधन

रविवार को छात्र अपनी मांगों को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। छात्रों ने 18 अगस्त तक सरकार को समय दिया है।छत्रों ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर सहनभूति पूर्वक सरकार विचार नहीं करती है तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेर जाएगा। इसके लिए प्रदेश के युवाओं को एकजुट करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। युवा छात्र नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सिर्फ छात्रों के साथ होने का आश्वासन तो दे रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी सरकार में है। उनके मंत्री गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।

प्रदर्शन में छात्र अब लाएंगे गरमाहट

प्रदर्शनकारियों में रविंद्र कुमार पासवान ने कहा है कि अब वह अपने आंदोलन को अलग तरीके से शुरू करेंगे। इसके लिए उन्होंने सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। छात्रों ने कहा कि 22 दिन में गांधीवादी तरीके से बहुत कुछ सीख लिया, लेकिन अब ऐसा लगता है कि उनको आंदोलन का रुख बदलना पड़ेगा। शांतिपूर्वक तरीके से सरकार मानने वाली नहीं है। उनको यह तरीका पसंद नहीं आ रहा है। छात्र नेताओं ने कहा है कि सरकार ऐसा रास्ता बना रही है कि छात्रों को शहीद भगत सिंह के रास्ते पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अब आरपार की लड़ाई होगी।  छात्रों ने कहा कि पूरे प्रदेश के युवकों में आक्रोश है।

सरकार और कांग्रेस के जलाएंगे पुतले

उनका कहना है कि 22 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया जा रहा है, लेकिन सरकार और उनको समर्थन दे रहे लोग उस पीड़ा को नहीं समझ रहे हैं। झारखंड में कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा है। राहुल गांधी भी हमारे लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। वह भी उतने ही जिम्मेदार हैं? जितनी जेएमएम। छात्रों ने बताया कि राहुल ने एक पोस्ट के माध्यम से आश्वासन दिया था कि वह साथ हैं। उनके आश्वासन सिर्फ आश्वासन ही रह गए। छात्रों ने सवाल किया कि राहुल गांधी हमारी मदद क्यों नहीं कर रहे हैं? दिल्ली में बैठकर किस तरह से अपने आश्वासन के लिए काम करेंगे। उनके मंत्रियों की जुबान पर कोई नियंत्रण नहीं है। युवाओं ने कहा कि राहुल गांधी के नियंत्रण में उनकी पार्टी के नेता नहीं हैं। राहुल गांधी कुछ कहते हैं तो उनके मंत्री कुछ और बोलते हैं। छात्रों ने कहा कि झारखंड में इन दोनों का खेल समझ चुके हैं।

चुप हैं सभी विपक्षी दलों के लोग

नीट पेपर मामले पर केंद्र सरकार को घेर रही कांग्रेस पार्टी की ओर से राहुल गांधी ने शिक्षामंत्री से इस्तीफा की मांग की थी। इसके बाद सवाल उठाया था कि छात्रों पर बल प्रयोग क्यों किया गया। बता दें कि रांची में भी छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटरकेनन प्रयोग किया गया था। इस दौरान भाजपा ने इसे मुद्दा बना लिया। इसके बाद कांग्रेस पार्टी के नेता चुप हैं। यही नहीं विपक्ष का कोई नेता रांची प्रकरण पर नहीं बोल रहा है। कारण है कि वहां गठबंधन से सरकार चल रही है। इसीलिए छात्र अब केंद्र सरकार में विपक्ष को घेर रहे हैं। 

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