कांग्रेस और उसके सहयोगी दल सीएम के निशाने पर, योगी ने कहा मांफी मांगनी चाहिए
खबर सार :-
काग्रेस और उसके सहयोगी दलों के प्रदर्शनों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे देश से माफी मांगने की सलाह दी है। कहा है कि कांग्रस ने देश को भ्रमित करने का पाप किया है।
खबर विस्तार : -
लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस पर जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कांग्रेस कोशिश कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री के निशाने पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आरजेडी के अलावा इंडी गठबंधन की सहयोगी थी।
दरअसल, इंडी गठबंधन लगातार चुनाव आयोग को निशाने पर लेकर देशभर में प्रदर्शन कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन्हीं कोशिशों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा है की पहली बार एसआईआर देश में नहीं हुआ है, इससे पहले भी एसआईआर कांग्रेस सरकार में कराया जा चुका है।
कांग्रेस के कार्यकाल में एसआईआर की दिलाई याद
चुनाव आयोग को कई तरह से निशाने में लेने वाली विपक्षी पार्टियों को जवाब देते हुए कहा कि जो मामला विपक्ष बना रहा है, उस संबंध में तीनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ ही स्थिति स्पष्ट की है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल बाल की खाल निकाल रहे हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रम फैलाने का जो काम कांग्रेस ने किया, उन्हें माफी़ मांगनी चाहिए। भारत की संवैधानिक प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अंदर कांग्रेस की सरकार के समय में भी एसआईआर हुए हैं। 1952, 1957, 1961, 1966, और 2003 में भी एसआईआर की प्रक्रिया पूर्ण की गई है। पिछले दिनों चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए गए। राजनीतिक दलों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के अलावा उनके सहयोगी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है।
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योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को जमकर घेरा
देश की राजनीति में यह पहली बार हो रहा है, जिसमें संवैधानिक संस्था के प्रमुख के खिलाफ ऐसे आरोप लगाए गए हैं। इसमें कई आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रेस कांफ्रेंस में कहां की अगर यह लोग चुनाव जीत जाएं तो सब ठीक है, अगर चुनाव हार जाएं तो सब बेईमान हैं। इन दलों को स्वयं अपना चिंतन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर जनता जनार्दन इन्हें खारिज करती है तो उसके लिए आयोग को जिम्मेदार ठहराते हैं।
सीएम ने कहा कि लगातार भारत की हर वैधानिक संस्था को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास होता है। बता दें कि यह केवल चुनाव आयोग का मामला नहीं है। इससे पहले भी निष्पक्षता पर न्यायपालिका को भी कांग्रेस कटघरे में खड़ा कर चुकी है। सीएम ने हवाला देते हुए कहा कि कैंब्रिज में राहुल गांधी ने न्यायपालिका पर सवाल उठाया था। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत की न्यायपालिका की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़ा किया। 2019 में राफेल के मुद्दे पर अपना ऑब्जर्वर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस इस पर भी सवाल खड़े कर चुकी है।
कांग्रेस ईवीएम पर उठाती रही सवाल
देश के विभिन्न चुनाव में जब कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा, तब भी ईवीएम को निशाने पर खड़ा किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव प्रणाली पर सवाल खड़े करना दुर्भाग्य पूर्ण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की सरकार में लगाई गई इमरजेंसी का जिक्र किया और कहां की लाखों भारतीयों की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया। उन्होंने कहा कि असंवैधानिक तरीके से सरकारों को गिराने का पाप किया। उन्होंने कहा कि इनका लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है। कांग्रेस को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। कांग्रेस के नेता भारत सरकार से पाकिस्तान पर किए गए हमले का सबूत मांग रहे थे।
निर्वाचन आयोग ने दी फार्म नंबर छह भरने की छूट
सीएम ने कहा कि पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के बहादुर जवानों के आक्रमण पर सवाल खड़े करना देशभक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के मामले में निर्वाचन आयोग ने पहले भी प्रेस कांफ्रेंस करके छूट की बात कही है। फॉर्म 6 को लेकर उच्चतम न्यायालय ने चुनाव आयोग की कार्रवाई को उचित ठहराया, फिर भी कांग्रेस चुनाव आयोग को घेरने की बार-बार कोशिश करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करने की चेष्ठा वाली कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों का कृत्य अत्यंत हैरान करने वाला है।
संवैधानिक प्रक्रिया पर उठाए सवाल
दरअसल, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की घटनाओं के समय कांग्रेस का व्यवहार सवालों से घिरा रहा है। कारण है कि जब दूसरे राज्यों से वही मामला जुड़ा, तो कांग्रेस शांत रही। इस विषय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में तोड़फोड़, दुष्प्रचार की कोई जगह नहीं है। संवैधानिक प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न उठाना, लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने जैसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व सहयोगी दलों को अपने कृत्य के लिए आमजन व देश की संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगनी चाहिए।
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