शरीर में हो रहे बदलावों को न करें नजरअंदाज, हर मिनट 4 महिलाओं को हो रहा ब्रेस्ट कैंसर; WHO ने जताई चिंता

खबर सार :-

महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक करने और इससे बचाव के उपाय बताने के लिए हर साल अक्टूबर को ‘ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ’ के रूप में मनाया जाता है।
हर मिनट 4 महिलाओं को हो रहा ‘ब्रेस्ट कैंसर’, जानें बचाव के तरीके

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं के लिए दुनियाभर में स्वास्थ्य की एक बड़ी चिंता बन गया है। हर मिनट चार महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का पता चलता है, जबकि हर मिनट एक महिला इस बीमारी से अपनी जान गंवा देती है। इस बीमारी के मामले लगातार लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इसीलिए अक्टूबर को 'ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ' (स्तन कैंसर जागरूकता माह) के तौर पर मनाया जाता है, जिसका मकसद लोगों को इसके खतरों, बचाव और बीमारी का जल्दी पता चलने के महत्व के बारे में जागरूक करना है।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने की अपील की है। ब्रेस्ट कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें ब्रेस्ट की असामान्य कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं और धीरे-धीरे ट्यूमर का रूप ले सकती हैं। यह आमतौर पर दूध बनाने वाले लोब्यूल्स या दूध की नलिकाओं (डक्ट्स) में शुरू होता है। अगर समय रहते इस बीमारी का पता न चले और इलाज न हो, तो कैंसर आसपास के टिश्यू, लिम्फ नोड्स और शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है। ऐसे मामलों में स्थिति गंभीर और जानलेवा हो सकती है।

शरीर में हो रहे बदलावों को न करें नजरअंदाज

हालांकि, अच्छी बात यह है कि अगर ब्रेस्ट कैंसर का पता शुरुआती स्टेज में चल जाए, तो इलाज के नतीजे बेहतर होते हैं और मरीज के बचने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, शरीर में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में दुनियाभर में लगभग 24 लाख महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का पता चला और लगभग 6,94,000 महिलाओं की इस बीमारी से मौत हो गई। ब्रेस्ट कैंसर दुनिया के लगभग हर देश में महिलाओं को प्रभावित करता है। उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ता है; हालांकि, यह बीमारी कम उम्र की महिलाओं को भी हो सकती है।

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कैंसर के खतरे को कम करने के लिए उपाय

संयुक्त राष्ट्र ने ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करने के लिए कुछ जरूरी आदतों पर ध्यान देने की सलाह दी है। इनमें सबसे अहम सलाह है धूम्रपान से बचना। धूम्रपान कई तरह से सेहत के लिए नुकसानदायक है और कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। इसलिए, सिगरेट, बीड़ी और तंबाकू से बनी दूसरी चीजों से दूर रहना ही बेहतर है। इसके अलावा, शराब के सेवन से भी बचना चाहिए। रोजाना की गतिविधियां जैसे टहलना, योग, साइकिल चलाना या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। नियमित शारीरिक गतिविधि वजन को कंट्रोल करने और ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है। अगर आपको ब्रेस्ट में कोई नई गांठ, ब्रेस्ट के आकार या त्वचा में बदलाव, निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना या असामान्य स्राव जैसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लें। हर गांठ कैंसर वाली नहीं होती, लेकिन इसकी जांच करवाना जरूरी है। किसी भी उम्र में ऐसे बदलावों को अनदेखा न करें।

पुरुषों को भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर

पुरुष भी इस बीमारी से प्रभावित हो सकते हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर के लगभग 99 प्रतिशत मामले महिलाओं में होते हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा लगभग 0.5 से 1 प्रतिशत होता है। भले ही ये संख्या कम हो, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पुरुषों में इस बीमारी के जोखिम को नजरअंदाज किया जाए। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले काफी कम होते हैं; इसलिए, पुरुष अक्सर शरीर में होने वाले बदलावों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। ब्रेस्ट में गांठ, निप्पल के आस-पास बदलाव, निप्पल से डिस्चार्ज या त्वचा में असामान्य बदलाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज 

सबसे जरूरी बात यह है कि पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज उन्हीं तरीकों से किया जाता है जो महिलाओं के लिए अपनाए जाते हैं। WHO के अनुसार, पुरुषों के लिए इलाज के तरीके वही होते हैं जो महिलाओं के लिए अपनाए जाते हैं। इसलिए, पुरुषों के लिए डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना बहुत जरूरी है। ब्रेस्ट कैंसर से लड़ने में बीमारी का जल्दी पता चलना सबसे अहम माना जाता है। अगर बीमारी का पता शुरुआती स्टेज में चल जाए, तो समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है। इससे यह बात साफ होती है कि लोगों को अपने शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को लेकर सतर्क रहना चाहिए।

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