अयोध्या की स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी मजबूती, 300 बेड के अस्पताल का निर्माण जारी

खबर सार :-

अयोध्या में 163.71 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा सात मंजिला चिकित्सालय लोगों को कई नई सुविधाएं देगा। यहां पर आपातकालीन सुविधाएं और आईसीयू का भी बंदोबस्त रहेगा। अस्पताल में नवजात शिशुओं की देखभाल करने केे लिए एसएनसीयू, एमएनसीयू व एनआईसीयू के लिए पहले से ही प्रयास चल रहे थे। अस्पताल में ज्यादा से ज्यादा डाक्टरों की मौजूदगी रहे, इसलिए चिकित्सा से सगबंधित सभी अधिकारी और कर्मचारियों के लिए आवास भी बनाए जा रहे हैं।
163.71 करोड़ खर्च कर अयोध्या में बन रहा 300 बेड का अस्पताल, स्टॉफ के लिए बनाए जा रहे 64 आवास

खबर विस्तार : -

अयोध्या, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की मनमानी अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है। अयोध्या जिले में इसकी शुरूआत कर दी गई है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ऐसे उपाय किए जा रहे हैं। इस नई व्यवस्था में डॉक्टरों के साथ पूरे स्टॉफ को अस्पताल में ही रहने का बंदोबस्त किया जा रहा है।अयोध्या में इसे साकार करने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना पर काम चल रहा है।

रामपथ पर बन रहा सात मंजिला अत्याधुनिक चिकित्सालय 

रामपथ पर रीडगंज के निकट 300 बेड क्षमता वाले सात मंजिला आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण कराया जा रहा है। इस योजना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद निगरानी बनाए हुए हैं। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं की शिकायत न हो, इसलिए इनका विस्तार किया जा रहा है। अस्ताल के गतिशील होने से अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सरकार इसको अपनी उपलब्धि मान रही है। जब अस्पताल में ही सरकारी सारी सुविधाएं दे रही है, तो फिर स्टॉॅफ को बाहर रहने की जरूरत नहीं होगी। उनकी सुविधाओं और आवास को अत्याधुनिक बनाने के लिए पर्याप्त बजट खर्च किया जा रहा है। अयोध्या के इस कार्य को स्वास्थ्य विभाग पूरा करवा रहा है। इसके पूरा हो जाने पर बेड की व्यवस्था विभाग की ओर से की जाएगी।

 अयोध्या की इस नई योजना में बताया गया है कि अस्पताल में 300 बेड रखे जाएंगे। योजना में करीब 163.71 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का लक्ष्य बनाया गया है। यह अस्पताल सात मंजिल का होगा। इसमें चिकित्सालय, आपातकालीन सुविधाओं से लेकर आईसीयू तक उपयोग में आने वाले उपकरण का बंदोबस्त किया जा रहा है। यहां पर नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए एसएनसीयू, एमएनसीयू और एनआईसीयू की पर्याप्त व्यवस्था कराई जाएगी। 

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बुजुर्ग और बच्चों को भी मिलेंगी सारी मेडिकल सुविधाएं 

300 वेड वाले अत्याधुनिक अस्ताल का निर्माण कार्य 27 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इसके निर्माण कराने का लक्ष्य 26 अगस्त 2027 तय किया गया है। इस दिनांक तक पूरा अस्पताल और आवास बना लिए जाने हैं। लोक निर्माण विभाग, खंड-2 के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र ने बताया कि अस्पताल का निर्माण करीब 25 फीसदी पूर कर लिया गया है। अभी काम मिले ज्यादा समय नहीं बीता है।

पीसीसी का काम प्रगति पर है। अस्पताल के टाइप-2 और टाइप-3 आवासों का निर्माण भी जारी है। यहां के बाउंड्रीवॉल, गेट एवं गार्ड रूम, अंडरग्राउंड टैंक (यूजीटी), सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) का निर्माण खूबसूरती के साथ किया जा रहा है। इसके साथ ही रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सबस्टेशन, फायर फाइटिंग सिस्टम, साइनेज, सड़क, लैंडस्केपिंग और बाहरी विद्युतीकरण का काम भी चल रहा है। 

इमरजेंसी को आईसीयू रूम से अटैच किया जाएग

वार्डाें में मरीज या डॉक्टर के लिए ज्यादा दौड़ न लगानी पड़, इसका बराबर ध्यान रखा जा रह है। इसीलिए अपर ग्राउंड फ्लोर पर 26 बेड क्षमता वाला आपातकालीन विभाग बनाया जा रहा है। इसी जगह प्रथम तल पर ओपीडी विकसित की जा रही है। मरीजों को जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए कही और वार्ड या भवन में नहीं जाना होगा।

ओपीडी, आपातकालीन विभाग, रेडियोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू एक ही परिसर में विकसित किए जा रहे हैं। इन विभागों मेें आने वालों के लिए पार्किंग भी बनाई जा रही है। मुख्य चिकित्सालय भवन के बेसमेंट में 225 कारों की पार्किंग बनाई जा रही है। इसीलिए लोअर बेसमेंट में रेडियोलॉजी, मेडिकल सर्विसेज के लिए भी पार्किंग होगी।

अस्पताल में बनाए जा रहे 64 आवासों में नर्सों को भी जगह

अस्पताल में आवासीय भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है। इसमें 64 आवास होंगे। यहां पर नर्स हॉस्टल बनाया जाएगा। इसमें 22 बेड की क्षमता होगी। आवासों को कटेगरी में बांटा गया है। डॉक्टरों के आवास ज्यादा आधुनिक और बजट वाले हैं। बाकी स्टॉफ कम बजट वाले हैं। परिसर में आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा कर्मियों को कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा मिल सकेगी। अयोध्या को विकसित करने में यह अस्पताल भी काफी महत्व रखेगा। शहर में धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह उपयोगी होगा। 

यह अस्पताल रामपथ पर बनाया जा  रहा है। इसमें सामान्य उपचार से लेकर आपातकालीन सेवाओं, नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल, आईसीयू, रेडियोलॉजी और ऑपरेशन थिएटर तक की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके पूरा होने से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को कहीं भटकना नहीं पड़ेंगा। प्रशासन की तैयारी है कि अस्पताल में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं रहेंगी। 

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