भोपालः आवासीय भवनों में चल रहीं 15 से अधिक दुकानें सील, नगर निगम अधिकारियों से पूर्व पार्षद की झड़प
खबर सार :-
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपल में आवासीय परिसरों में चल रहीं दुकानों व होटलों को नगर निगम ने शनिवार को सील कर दिया है। इस दौरान बावड़िया कलां में इस कार्रवाई के विरोध में निगम की टीम और पूर्व पार्षद रामबाबू पाटीदार के बीच बहस हो गई।
खबर विस्तार : -
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम ने शनिवार को रिहायशी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। अरेरा कॉलोनी, बावड़िया कलां और रोहित नगर जैसे कई इलाकों में कार्रवाई की गई, जिसके तहत दोपहर तक 15 से ज्यादा दुकानों, शोरूम, होटलों और अन्य कमर्शियल प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया।
निगम ने कई इमारतों के बाहर बोर्ड भी लगाए, जिन पर लिखा था कि उनमें कमर्शियल गतिविधियां रोक दी गई हैं। नगर निगम के अनुसार, अब तक पूरे शहर में 1,018 नोटिस जारी किए जा चुके हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
निगम की टीम से पूर्व पार्षद की झड़प
अभियान के दौरान, बावड़िया कलां (वार्ड 52) में एक टैटू शॉप को सील करने पहुंची निगम की टीम की बहस पूर्व पार्षद और मौजूदा बीजेपी पार्षद के पति रामबाबू पाटीदार से हो गई। निगम के कदम का विरोध करते हुए पाटीदार ने इस कार्रवाई को व्यापारियों के साथ अन्यायपूर्ण बताया। मौके पर मौजूद एक कर्मचारी के साथ भी उनकी तीखी बहस हुई; बाद में जोन प्रभारी नीलेश श्रीवास्तव ने मामले को शांत कराया। रामबाबू पाटीदार का तर्क था कि व्यापारियों को रातों-रात नोटिस दिए गए, जिससे उनमें भ्रम और डर का माहौल बन गया। उन्होंने आगे कहा कि अगर नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है, तो इसे चुनिंदा इलाकों तक सीमित रखने के बजाय पूरे शहर में एक समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
निगम का रुख: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और नियमों के अनुसार जारी नोटिसों के पालन में की जा रही है। डिप्टी कमिश्नर भुवन गुप्ता ने बताया कि सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को पहले ही नोटिस और नियमों का पालन करने के लिए समय दिया गया था। कई कारोबारियों ने स्वेच्छा से अपना कमर्शियल कामकाज बंद कर दिया है। अगले आदेश तक इन जगहों पर कमर्शियल गतिविधियां नहीं की जा सकतीं।
निवासियों की शिकायतों के बाद कार्रवाई तेज
शहर के कई रिहायशी इलाकों में सालों से चल रही कमर्शियल गतिविधियों के कारण ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और अन्य दिक्कतें हो रही थीं, जिनकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। अरेरा कॉलोनी समेत कई इलाकों के निवासियों ने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में याचिकाएं भी दायर की हैं। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद नगर निगम ने अपने अभियान को तेज कर दिया है। इस मुहिम के तहत, शनिवार को अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां में 19 बड़े शोरूम और रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की गई; इन्हें पहले ही 24 घंटे के अंदर बंद करने का नोटिस दिया गया था।
61 और प्रतिष्ठानों पर होगी कार्रवाई
नगर निगम के अनुसार, यह अभियान जारी रहेगा। जल्द ही कुल 61 और कमर्शियल जगहों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिनमें अरेरा कॉलोनी के 9 और बावड़ियाकलां के 10 प्रतिष्ठान शामिल हैं। निगम का कहना है कि रिहायशी प्लॉट का कमर्शियल इस्तेमाल किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ये भी पढ़ेंः- भोपाल में हजारों किसान सड़कों पर, सीएम आवास घेरने की तैयारी, नर्मदापुरम रोड के स्कूल आज बंद
व्यापारियों का सवाल: "हमारी क्या गलती है?"
'10 नंबर मार्केट' समेत कई इलाकों के व्यापारियों ने इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ट्रेडर्स फेडरेशन के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि व्यापारी सालों से कमर्शियल दरों पर बिजली बिल, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य शुल्क भर रहे हैं। उनके पास नगर निगम के ट्रेड लाइसेंस और GST रजिस्ट्रेशन भी हैं। उन्होंने बताया कि 2005 से कोई नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है, जिससे पर्याप्त कमर्शियल जोन नहीं बन पाए; नतीजतन, व्यापारी रिहायशी जगहों से कारोबार करने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से नया कानून बनाने या गुजरात मॉडल की तरह 'मिक्स्ड लैंड-यूज' पॉलिसी लागू करने की अपील की।
चैंबर ऑफ कॉमर्स भी व्यापारियों के समर्थन में
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) ने भी नगर निगम की कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग की है। चैंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल और सचिव अजय देवनानी ने कहा कि हजारों व्यापारी सालों से नियमों का पालन करते हुए टैक्स भर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नया मास्टर प्लान लागू न होने के कारण उन्हें वैकल्पिक कमर्शियल प्लॉट नहीं दिए गए। चैंबर ने इस बात पर जोर दिया कि इन इलाकों में सालों से अस्पताल, बैंक, शोरूम, क्लिनिक और अन्य संस्थान चल रहे हैं, जो सरकार को करोड़ों रुपये का टैक्स दे रहे हैं। इसलिए, बिना कोई व्यावहारिक विकल्प दिए सिर्फ 10 दिन का नोटिस देकर इन प्रतिष्ठानों को बंद करवाना न तो मुमकिन है और न ही सही। फिलहाल, नगर निगम का अभियान जारी है, जबकि व्यापारी संगठनों ने कार्रवाई रोकने और मिक्स्ड लैंड-यूज पॉलिसी लागू करने की अपनी मांग तेज कर दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
ये भी पढ़ेंः- भगवा रंग में नजर आएगी भोपाल-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस, यात्रियों को मिलेगा नया प्रीमियम अनुभव
अन्य प्रमुख खबरें
-
केरल में बाढ़ और भूस्खलन, तीन की मौत; सीएम ने की स्थिति की समीक्षा
2026-08-01
-
44 लाख के लिए पत्नी की हत्या, पति समेत 4 गिरफ्तार
2026-08-01
-
कावेरी जल विवादः तमिलनाडु सीएम जोसेफ विजय का कर्नाटक दौरा रद्द, बढ़ते तनाव के चलते लिया फैसला
2026-08-01
-
16 साल तक करता रहा गवाह का इंतजार, आखिरकार कोर्ट में खुद ही कबूल लिया गुनाह
2026-08-01
-
केरल के आठ जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, इडुक्की में भूस्खलन से महिला की मौत
2026-08-01
-
29 लाख की उधारी और आर्थिक तनाव में युवक ने पत्नी व दो बच्चों की हत्या कर खुद को भी मारी गोली
2026-08-01
-
तमिलनाडु में जनगणना का पहला चरण आज से शुरू, घर-घर जाकर कर्मचारी करेंगे डिजिटल सर्वे
2026-08-01
-
Pahunj River Conservation: झांसी में प्रशासन का कड़ा रुख, नदी क्षेत्र में नए निर्माण और नक्शों पर पूरी तरह रोक
2026-07-31
-
चाकसू मण्डालिया मैदा ग्राम सेवा सहकारी समिति में रामकिशन गुर्जर की विदाई बनी मिसाल, अनोखे अंदाज में हुआ सम्मान
2026-07-31
-
गाजियाबाद में कुत्ते को लेकर पड़ोसियों में विवाद, पुलिस ने दर्ज किया FIR
2026-07-31
-
38 वर्षीय महिला को 20 साल के युवक से हुआ प्यार, पति व तीन बच्चों को छोड़ पहुंची प्रेमी के घर
2026-07-31
-
आगरा में मृत घोषित महिला 17 घंटे बाद हुई जिंदा, अंतिम संस्कार से पहले पकड़ लिया भांजे का हाथ
2026-07-31
-
रेलवे का नया फरमान: 31 जुलाई से शुरू हुई लगेज की ऑनलाइन बुकिंग और सफर के बदलते मायने
2026-07-31
-
उरई में 4 करोड़ की जमीन के लिए अधेड़ की हत्या, 20 घंटे तक शव को लेकर जंगल में घूमते रहे दंपत्ति
2026-07-31
-
सुल्तानपुर के किसान ने बढ़ाया जिले का मान, राज्यपाल के सामने पेश किए अनोखे कृषि नवाचार
2026-07-30