पंजाब में ड्रग्स और हथियार तस्करी के 3 बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, 8 आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की हेरोइन-अफीम बरामद

खबर सार :-

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने ड्रग्स और हथियार तस्करी के 3 नेटवर्क का पर्दाफाश कर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 9.549 किलो हेरोइन, 5.459 किलो अफीम और पिस्तौल बरामद।
पंजाब में ड्रग्स और हथियार तस्करी के 3 नेटवर्क का पर्दाफाश, 8 गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

अमृतसर: पंजाब में ड्रग्स और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले तीन बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 9.549 किलोग्राम हेरोइन, 5.459 किलोग्राम अफीम और एक अवैध .30-बोर पिस्तौल बरामद की गई है।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने इस कार्रवाई की जानकारी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए साझा की। उन्होंने बताया कि अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने ड्रग्स और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े तीन नेटवर्क को तोड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस की इस कार्रवाई को सीमा पार से संचालित होने वाले तस्करी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

करोड़ों में आंकी जा रही बरामद ड्रग्स की कीमत

पुलिस के मुताबिक, बरामद की गई हेरोइन और अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी से तस्करी नेटवर्क के व्यापक स्तर पर सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नशीले पदार्थों की खेप कहां पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग काम कर रहे थे। शुरुआती जांच में आरोपियों के तार सीमा पार बैठे तस्करों से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन, अफीम और अवैध हथियारों की खेप मंगवाते थे। इसके बाद इन नशीले पदार्थों और हथियारों को पंजाब के अलग-अलग जिलों में सप्लाई किया जाता था।

ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से आती थी खेप

जांच में सामने आया है कि सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से तस्करी की जा रही थी। आरोपी ड्रोन के जरिए भेजी गई खेप को हासिल करने के बाद उसे आगे अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाते थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ड्रोन कहां से उड़ाए जाते थे और पंजाब में किन इलाकों में उनकी ड्रॉपिंग की जाती थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपियों का विदेशों में बैठे तस्करों और अन्य आपराधिक नेटवर्क से किस तरह का संपर्क था।

तीन थानों में दर्ज हुई अलग-अलग FIR

इस मामले में अमृतसर के कैंटोनमेंट, ए-डिवीजन और छेरटा पुलिस थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारियां और बरामदगी इस पूरे नेटवर्क की जांच की शुरुआत हैं। जांच का मकसद केवल आरोपियों तक सीमित रहना नहीं, बल्कि ड्रग्स और हथियारों की पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करना है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, कॉल डिटेल और संपर्कों की जांच कर रही है। इसके साथ ही उनके संभावित सहयोगियों और सप्लाई नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जांच इस दिशा में भी आगे बढ़ रही है कि नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप के पीछे कौन से विदेशी हैंडलर सक्रिय थे।

BSF के साथ मिलकर लगातार कार्रवाई

पंजाब में सीमा पार से ड्रोन के जरिए ड्रग्स और हथियारों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। पिछले कुछ महीनों में पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संयुक्त अभियानों के दौरान ऐसे कई मामलों का पता लगाया है। इन कार्रवाइयों में हेरोइन के साथ हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। पंजाब पुलिस का कहना है कि सीमा पार से होने वाली तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ड्रग्स की तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस की ताजा कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि जांच एजेंसियां अब केवल खेप पकड़ने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे सप्लाई नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन तक पहुंचने पर जोर दे रही हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी और अतिरिक्त बरामदगी की संभावना जताई जा रही है।

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