भोपाल में हजारों किसान सड़कों पर, सीएम आवास घेरने की तैयारी, नर्मदापुरम रोड के स्कूल आज बंद

खबर सार :-

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे हजारों किसान होशंगाबाद रोड पर रात से एकजुट हुए हैं। मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद की आपूर्ति में सुधार की मांग को लेकर प्रशासन के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अब किसान बुधवार को सीएम हाउस का घेराव करने की तैयारी में हैं। किसानों के आंदोलन को देखते हुए डीएम ने नर्मदापुरम रोड पर सभी स्कूलों को आज बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
भोपाल में हजारों किसान सड़कों पर, सीएम आवास घेरने की तैयारी, नर्मदापुरम रोड के स्कूल आज बंद

खबर विस्तार : -

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद और बेहतर खाद सप्लाई की मांग को लेकर आए किसान मंगलवार देर रात होशंगाबाद रोड पर डेरा डाल दिया। प्रशासन के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसान बुधवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने पर अड़े हुए हैं। इस आंदोलन के कारण भोपाल कलेक्टर ने नर्मदापुरम रोड पर स्थित सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में आज छुट्टी की घोषणा की है।

सोमवार को नर्मदापुरम के बरखेड़ा से शुरू हुई 'किसान क्रांति पदयात्रा' ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11-मील बाईपास से होते हुए मंगलवार शाम राजधानी भोपाल की सीमा में दाखिल हुई। रात होते-होते करीब 2,000 किसानों ने होशंगाबाद रोड पर डेरा डाल दिया था। स्थिति को संभालने के लिए देर रात प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक लंबी बैठक हुई; हालांकि, कोई सहमति न बन पाने के कारण बातचीत पूरी तरह विफल रही। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे और बुधवार को मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे।

यातायात व्यवस्था चरमराई, सड़कों पर जाम

किसानों के सड़क पर डटे रहने और विरोध प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। कलेक्टर के आदेशानुसार, नर्मदापुरम रोड पर स्थित सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में बुधवार के लिए छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं, आंदोलन के कारण कल देर रात से ही नर्मदापुरम रोड, एम्स रोड, बंसल प्लाजा और कटारा हिल्स इलाकों में ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ट्रैफिक पुलिस को कई रूटों पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा है, जिससे सुबह से ही लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है।

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सीएम आवास के आस-पास भारी पुलिस बल तैनात

किसानों द्वारा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वीर सावरकर सेतु (हबीबगंज ओवरब्रिज) से पहले मुख्य सड़कों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। मुख्यमंत्री आवास और उसके आस-पास के इलाके को कई परतों वाली सुरक्षा व्यवस्था के तहत एक सुरक्षित जोन में बदल दिया गया है। यहां SAF (स्पेशल आर्म्ड फोर्स), RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) और भोपाल के 20 से ज्यादा पुलिस थानों के जवान तैनात हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मजबूत इंतजाम किए हैं, जिनमें वॉटर कैनन, 'वज्र' वाहन और दंगा-रोधी उपकरण शामिल हैं।

कृषि मंत्री ने किसान प्रतिनिधियों से की मुलाकात

चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने मंगलवार रात किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनकी चिंताओं को पूरी गंभीरता से सुना। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी जायज मांगों को लेकर संवेदनशील है और सभी मुद्दों को जल्द और सकारात्मक तरीके से सुलझाने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। किसानों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की अपील करते हुए, मंत्री कंषाना ने जोर दिया कि सरकार और किसान समुदाय एक-दूसरे के सहयोगी हैं। 

किसानों की मांगों पर विचार करने का दिया भरोसा

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले और उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। बैठक के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों और शिकायतों को विस्तार से रखा; इसके जवाब में मंत्री कंषाना ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करेंगे और संबंधित विभागों के साथ मिलकर जल्द ही कोई फैसला लेंगे।

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