दिल्ली के कई इलाकों में AQI 450 के पार, नोएडा और गाजियाबाद में हवा की गुणवत्ता गंभीर स्थिति में

खबर सार :-

दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्थिति में है। जहांगीरपुरी में एक्यूआई 450 दर्ज किया गया, जबकि गाजियाबाद और नोएडा में भी वायु प्रदूषण गंभीर स्थिति में है।
दिल्ली में जहरीली हुई हवा! जहांगीरपुरी में AQI 450 पर पहुंचा

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मौसम बदलने लगा है। दिन के मुकाबले अब रातें ठंडी होने लगी हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान 15°C से गिरकर 14°C तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि 4 नवंबर से 9 नवंबर तक आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा; हालांकि, हवा की गुणवत्ता (एयर क्वालिटी) यहां के निवासियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि राजधानी दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है।

दिल्ली के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400–450 के स्तर को पार कर गया है, जो इसे 'गंभीर' (severe) श्रेणी में रखता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, जहांगीरपुरी में AQI 450 दर्ज किया गया है। अन्य इलाकों में दर्ज किए गए AQI स्तरों में IIT दिल्ली में 453, अलीपुर में 422, ITO में 421 और बवाना में 411 शामिल हैं। इसके अलावा, आनंद विहार (302), अशोक विहार (348), आया नगर (382), बुराड़ी क्रॉसिंग (393) और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (411) जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। 

नोएडा-गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता 'खराब'

पड़ोसी शहरों नोएडा और गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता चिंता का विषय है। नोएडा के सेक्टर-62 में AQI 426 तक पहुंच गया है, जबकि सेक्टर-150, 110 और 39 में क्रमशः 351, 349 और 321 का स्तर दर्ज किया गया है। हालांकि सेक्टर-125 (243) और सेक्टर-116 (261) में स्थिति थोड़ी बेहतर है, लेकिन फिर भी यहां की हवा की गुणवत्ता 'खराब' (poor) श्रेणी में ही आती है। गाजियाबाद में, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लोनी में 304, संजय नगर में 308 और वेव सिटी में 312 दर्ज किया गया है। नोएडा में बढ़ते प्रदूषण के स्तर के पीछे सड़क निर्माण कार्य एक बड़ा कारण है। 

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निर्माणाधीन कार्यों की वजह से सड़कों पर धूल

शहर के कई हिस्सों में अभी भी ऐसा काम चल रहा है, जिसकी वजह से सड़कें धूल से ढकी हुई हैं। हवा में उड़ने वाली यह धूल वातावरण में मिल जाती है, जिससे AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) और भी खराब हो जाता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि न तो नोएडा अथॉरिटी और न ही नोएडा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) इस स्थिति को काबू में लाने के लिए कोई ठोस कदम उठाते दिख रहे हैं। IMD के आंकड़ों के अनुसार, 4 नवंबर को अधिकतम तापमान 28°C और न्यूनतम तापमान 15°C रहेगा। 5 और 6 नवंबर को तापमान 29°C तक पहुंच सकता है। 7 नवंबर से तापमान में फिर से गिरावट आने की उम्मीद है, जिसमें न्यूनतम तापमान 15°C तक आ जाएगा। 9 नवंबर तक न्यूनतम तापमान 14°C तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल NCR के निवासी जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। डॉक्टरों के अनुसार, इस स्तर का प्रदूषण बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा या दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है।

FAQ

1- AQI क्या है?

एक्यूआई का अर्थ वायु गुणवत्ता सूचकांक है। इस पैमाने का इस्तेमाल किसी शहर में वायु की शुद्धता की जांच के लिए किया जाता है।

2- एक्यूआई के कितने स्तर होते हैं?

एक्यूआई के 4 स्तर होते हैं। 0 से 500 तक स्तर पर वायु की शुद्धता मापी जा सकती है।

3- दिल्ली के प्रमुख इलाकों में वायु प्रदूषण की स्थिति क्या है?

जहांगीरपुरी में AQI 450, IIT दिल्ली में 453, अलीपुर में 422, ITO में 421, बवाना में 411, आनंद विहार में 302, अशोक विहार में 348, आया नगर में 382, बुराड़ी क्रॉसिंग में 393 और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 411 दर्ज किया गया।


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