'जल संचय जन भागीदारी' अभियान से भू-जल रिचार्ज को मिली मजबूती, 1.55 करोड़ से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण
खबर सार :-
देश में 'जल संचय जन भागीदारी' अभियान से ग्राउंड वॉटर रिचार्ज को बड़ी मजबूती मिली है। इस अभियान से 1.55 करोड़ से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण हुआ है। यह पहल देश में जल संरक्षण की दिशा में एक मज़बूत नींव रख रही है।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: देश में पानी बचाने और ग्राउंड वॉटर रिचार्ज को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे 'जल संचय जन भागीदारी' (जेएसजेबी) अभियान के तहत अब तक 1.55 करोड़ से ज़्यादा आर्टिफिशियल वॉटर रिचार्ज और वॉटर स्टोरेज स्ट्रक्चर बनाए जा चुके हैं। सोमवार को जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के मुताबिक, जून से दिसंबर 2025 के बीच बारिश के डेटा के आधार पर 23 लाख जल संरचनाओं से लगभग 2.43 बिलियन क्यूबिक मीटर ग्राउंड वॉटर रिचार्ज होने का अनुमान है।
अभियान को कैच द रेन प्रोग्राम के साथ जोड़ा गया है
सरकार के मुताबिक, सामुदायिक भागीदारी, संसाधनों के समन्वित उपयोग, डिजिटल निगरानी और जल संरचनाओं के निर्माण बनाने को मिलाकर यह पहल देश में जल संरक्षण की दिशा में एक मज़बूत नींव रख रही है। 'जल संचय जन भागीदारी' को जल शक्ति अभियान: कैच द रेन प्रोग्राम के साथ जोड़ा गया है, जिसका मकसद रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, ग्राउंड वॉटर रिचार्ज, वॉटर कंज़र्वेशन, वॉटर एसेट्स बनाना और जनसहभागिता को बढ़ावा देना है।
अभियान से मिला कम लागत वाले तरीकों को बढ़ावा
यह अभियान क्षेत्रीय हालात के हिसाब से कम लागत वाले तरीकों को बढ़ावा देता है, जिससे सस्टेनेबल वॉटर मैनेजमेंट के ज़रिए मौसम में बदलाव से निपटने की क्षमता मज़बूत होती है। पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकाय, महिला समूह, युवा संगठन, शैक्षणिक संस्थान, नागरिक समाज संगठन और स्थानीय समुदाय ने इस पहल में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है। सभी जल संरक्षण योजना को बनाने, लागू करने और समदुाय की भागीदारी को बढ़ावा देने में योगदान दे रहे हैं। सरकार ने कहा कि 'जल संचय जन भागीदारी': कैच द रेन पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन ने पारदर्शिता बढ़ाने, मॉनिटरिंग को मज़बूत करने और पब्लिक फ़ीडबैक पाने में अहम भूमिका निभाई है।
जल शक्ति अभियान की सफलता पर बना यह कैंपेन
यह अभियान 2019 में शुरू किए गए जल शक्ति अभियान की सफलता पर बना है, जिसने देश के 256 ज़िलों के 1,592 पानी की कमी वाले ब्लॉक्स में वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, जल निकायों के पुनर्जीवन, वनीकरण और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया। फैक्टशीट में आगे कहा गया है कि जल संरक्षण अब सिर्फ़ एक सरकारी प्रोग्राम नहीं रहा, बल्कि यह समुदाय आधारित मास मूवमेंट बन गया है। "कैच द रेन" और "जल संचय जन भागीदारी" जैसी पहल बारिश के पानी को जमा करने, ग्राउंडवाटर रिचार्ज करने और पानी के पुराने सोर्स को फिर से शुरू करने को बढ़ावा दे रही हैं। सरकार का कहना है कि वैज्ञानिक योजना, स्थानीय स्वामित्व और विभिन्न संसाधनों का असरदार तालमेल पानी की सुरक्षा को मज़बूत कर रहा है, गांवों में रहने वालों की मदद कर रहा है और मौसम से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने की ताकत बढ़ा रहा है।
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