बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की पिकनिक शुरू, पांच दिन तक करेंगे आराम

खबर सार :-

भोपाल, मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौज है। यहां वह अरंडी के तेल से मालिश करवा रहे हैं। खाने में फल मिल रहे हैं। उनकी खातिरदारी जमकर की जा रही है।
मध्य प्रदेशः अरंडी के तेल से मालिश करवा रहे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी

खबर विस्तार : -

भोपालः मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में इन दिनों हाथियों की मौज है। यहां पर स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इनके लिए बेहतरीन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। गुरुवार से पालतू हाथियों की पांच दिवसीय पिकनिक इसी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे शुरू किया गया है।

चंदन का टीका लगाकर खिला रहे हैं गुण

पिकनिक कार्यक्रम के दौरान हाथियों को काम से पूरी तरह आराम दिया जा रहा है। उनकोे यहां टेंशन फ्री रहना है। हाथी को नहलाने के साथ उनकी अरंडी के तेल से मालिश करने वाले लोग लगे हुए हैं। इनको चंदन का टीका कर उनका सम्मान किया जा रहा है। हर कोई इनको कुछ खिलाना चाह रहा है। इनको खिलाने के लिए आपने साथ लोग गन्ना भी ला रहे हैैं। इनको गन्ना, गुड़, सेब और नारियल भोजन के रूप में दिया जा रहा है। हाथी भी खूब इठलाकर इनको  खा रहे हैं।  

पांच दिन चलती रहेगी हाथियों की पिकनिक

दरअसल, विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पालतू हाथियों की पांच दिवसीय पिकनिक का आयोजन चल रहा है। यह पिकनिक इन दिनों यहां के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस पिकनिक का आयोजन धमोखर बफर के जंगल  में किया गया है। यह हाथी अभी तक जंगल की सुरक्षा करते आए हैं। इनको वन विभाग कर्मी अपने साथ महत्वपूर्ण कार्यों में लगाए रहते हैं। इनकी भूमिका सुरक्षा के लिहाज में महत्वपूर्ण मानी गई है। इन हाथियों को पांच दिनों के लिए पूरी तरह आराम देने का निश्चय किया गया है। इस दौरान उनसे किसी भी तरह का काम नहीं लिया जा रहा है और जमकर खातिरदारी की जा रही है।

अपनी मर्जी की चीज ही खा रहे हैं हाथी

इनके नहाने की व्यवस्था की गई है। नहलाने वाले लोग भी हैं। पिकनिक के दौरान हाथियों को नहलाने मेें भी खास चीजें इस्तेमाल की जा रही हैं। इनके नहाने के बाद अरंडी के तेल से मालिश की जाती हैै। इनकी सेवा में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाती है। चंदन लगाकर इनका सम्मान भी किया जा रहा है। इनके भोजन की अलग व्यवस्था की गई है। खास इंतजाम में हाथियों को गन्ना, गुड़, सेब और नारियल इनकी रुचि के अनुसार दिया जा रहा है। यह हाथी अपनी मर्जी के अनुसार रह रहे हैं। इस खास मौके पर चार दिनों का विश्राम इनके लिए खास मौका है। इन पालतू हाथियों की पिकनिक किसी शाही मेहमाननवाजी से कम नहीं है।

शाही अंदाज में बिता रहे हैं समय 

पिकनिक में आए हाथी अपने पांच दिन शाही अंदाज में बिता रहेे हैं। इसीलिए इसको शाही पिकनिक भी कहते हैं।  बांधवगढ़ के हाथियों में कुछ खास भी हैं। यह लोगों के बीच चर्चा बन रहे हैं। इनमें कुछ तो लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां आये गौतम की अलग पहचान है। 1946 में इसका जन्म हुआ था। इसी तरह अनारकली की भी चर्चा हो रही है। इसका जन्म वर्ष 1964 बताया जा रहा है। यह यहां के खास हाथी हैं। इसके अलावा बांधवी, कृष्णगज, पूनम और बरखा नाम के वन प्राणी यहां पिकनिक का आनंद ले रहे हैं। बांधवगढ़ के जंगलों में आम दिनों में यही हाथी वन अमले के साथ गश्त, निगरानी और वन्यजीवों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में सहयोग करते हैं। कई हाथी इनमें काफी उम्र के हैं। यहां का गौतम और अनारकली से लेकर उनके बच्चों तक कई प्रकार से चर्चा बन रहे हैं। सभी इस खास आयोजन में आकर्षण तो बने ही हैं, लुभा भी रहे हैं। 

हेल्थ चेकअप के लिए आते हैं डॉक्टर

यहां इनके साथ महावत भी हैं। यह पुरानी परंपरा निभा रहे हैं। हाथी को लेकर एक महावत ने कहा कि सुबह इन हाथियों को नहलाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। इनको लेकर जाते हैं और नहलाने के बाद हाथियों के पैरों में नीम का तेल लगाते हैं। इसके बाद सभी को सजाया जाता है। इस दौरान इनके आराम की पूरी व्यवस्था दी जाती है। किसी सामान लाने या अन्य प्रकार का काम नहीं लिया जाता है। इस दौरान मनपसंद खाना खिलाया जाता है। हाथी का स्वास्थ्य भी देखा जा रहा है। समय-समय पर हेल्थ चेकअप के लिए चिकित्सक आते हैं और इनके यूरिन, ब्लड, आदि टेस्ट लिए जाते हैं। 

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