IND vs AFG : अफगानिस्तान पर भारत की शानदार जीत से खुश कप्तान गिल, कहा...'हमारा गेंदबाजी समूह कहीं भी 20 विकेट ले सकता है,'
खबर सार :-
भारत ने अफगानिस्तान को एकमात्र टेस्ट मैच में पारी और 300 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने इस शानदार जीत पर खुशी जाहिर की और इसे एक बेहतरीन जीत बताया। गिल ने कहा कि इस जीत से भारत के बॉलिंग अटैक की गहराई और बदलाव के दौर से गुजर रही युवा टीम की दिशा का पता चला। जीत से युवा प्लेयरों की कोर टीम के साथ भारत के भविष्य की झलक देखने को मिली।
खबर विस्तार : -
IND vs AFG : भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच को पारी और 300 रन के अंतर से अपने नाम किया। कप्तान शुभमन गिल ने भारत के ऑलराउंड प्रदर्शन को बेहतरीन बताया है। कप्तान का मानना है कि टीम इंडिया की इस शानदार जीत में 'सभी जरूरी चीजें सही कीं', जिससे भारत के बॉलिंग अटैक की गहराई और बदलाव के दौर से गुजर रही युवा टीम की दिशा का पता चला।
टीम के हर विभाग ने जीत में दिया योगदान
इस मुकाबले में भारत की कप्तानी करते हुए गिल की टीम ने 564/8 के स्कोर पर अपनी पहली पारी घोषित की, जिसके बाद अफगानिस्तान को 152 और 112 रन पर ऑलआउट किया। गिल इस बात से बहुत खुश नजर आए कि टीम के हर विभाग ने जीत में योगदान दिया है। मैच के बाद गिल ने कहा, "मुझे लगता है कि यह हमारी तरफ से एक शानदार जीत थी, हमने सभी जरूरी चीजें सही कीं। इसलिए मैं इससे बहुत खुश हूं।
ऐसा बैटिंग-बॉलिंग ग्रुप बनाना जो दुनिया में कहीं भी मैच जिता सके
इस जीत से युवा खिलाड़ियों की कोर टीम के साथ भारत के भविष्य की भी झलक मिली। कई सीनियर खिलाड़ियों की गैर-मौजूदगी और नई पीढ़ी के ज्यादा जिम्मेदारी संभालने के कारण, गिल ने माना कि बदलाव के दौर में अक्सर बल्लेबाजी विभाग पर ज्यादा नजर रखी जाती है। हालांकि, उनका मानना है कि टीम का आगे का रास्ता साफ है, एक ऐसा बैटिंग ग्रुप बनाना जो लगातार पहली पारी में बड़ा स्कोर बना सके और साथ ही ऐसे बॉलिंग अटैक पर भरोसा करना जो दुनिया में कहीं भी मैच जिता सके।
पहली पारी में हर बार 350 रन बनाने की कोशिश
गिल ने कहा, "यह काफी आसान है। जब आप पहली पारी में बल्लेबाजी कर रहे हों, तो हर बार 350 रन बनाने की कोशिश करें, चाहे हम कहीं भी खेल रहे हों या हालात कैसे भी हों। हमारे बॉलिंग ग्रुप पर इतना भरोसा है कि हम कहीं भी 20 विकेट ले सकते हैं। अफगानिस्तान को पहली पारी में महज 152 रन पर ऑलआउट करने के बाद, गिल और टीम मैनेजमेंट को यह तय करना था कि मुश्किल हालात में फॉलो-ऑन लागू किया जाए या नहीं? भारतीय कप्तान ने बताया कि यह फैसला खेल की स्थिति के साथ उनके गेंदबाजों की एनर्जी लेवल से भी प्रभावित था। तापमान बढ़ने के कारण, टीम ने अपने विकल्प खुले रखे थे और आखिर में अफगानिस्तान को दोबारा बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।
मैच में भारत के स्पिन अटैक की असरदार क्षमता नजर आई
गिल ने कहा, "बहुत गर्मी थी। हमने तय किया कि अगर लंच से पहले या ड्रिंक्स ब्रेक के तुरंत बाद हमें विकेट मिल जाते हैं, तो हम देखेंगे कि क्या हमारे गेंदबाज तरोताजा हैं; अगर हां, तो हम उन्हें फॉलोऑन देंगे। अगर नहीं, तो हम कुछ सेशन बल्लेबाजी करेंगे और शायद दिन के आखिर में उन्हें फिर से गेंदबाजी करने का मौका देंगे, लेकिन हमें जल्दी विकेट मिले, हम वापसी करने में कामयाब रहे।
जिस तरह से हमारे तेज गेंदबाजों ने गेंदबाजी की, सिराज ने हमें वह अहम विकेट दिलाया जब हमने उन्हें फॉलोऑन दिया था और प्रसिद्ध ने तीन जरूरी विकेट लिए। इस मैच में भारत के स्पिन अटैक की असरदार क्षमता नजर आई। डेब्यूटेंट मानव सुथार ने पहली पारी में 6 विकेट हासिल किए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने दूसरी पारी में 4 विकेट निकाले। कुलदीप यादव ने तीन विकेट चटकाए।
स्पिन ग्रुप के टैलेंट पर कभी कोई शक नहीं था
गिल ने कहा कि स्पिन ग्रुप के टैलेंट पर कभी कोई शक नहीं था, अनुभव उन्हें और भी खतरनाक बना देगा। कप्तान ने कहा, "मानव, वाशी और कुलदीप—इन तीनों में जिस तरह की गुणवत्ता है, उसे लेकर कभी कोई शक नहीं था। गिल के मुताबिक, स्पिनर्स के लिए अगला कदम लंबे स्पेल को मैनेज करना और अलग-अलग हालात के हिसाब से अपने तरीकों को ढालना सीखना है। उन्होंने कहा, "यह सब अनुभव हासिल करने और अधिक से अधिक ओवर फेंकने के बारे में है। साथ ही यह देखना है कि ऐसी पिचों पर बल्लेबाज को कैसे फंसाया जाए, गति में बदलाव कैसे किया जाए और अलग-अलग जगहों पर गेंद डालकर बल्लेबाज की परीक्षा कैसे ली जाए।
बदलाव के दौर में बल्लेबाजी समूह पर होता है ज्यादा दबाव
गिल ने स्वीकार किया है कि युवा बल्लेबाजी समूह को तैयार करने का काम अभी जारी है, लेकिन ध्यान इस बात पर है कि अलग-अलग हालात में सफल होने के लिए जरूरी तरीकों और स्टैंडर्ड्स को लेकर स्पष्टता लाई जाए। उन्होंने कहा, "जब भी बदलाव का दौर होता है, तो हमें लगता है कि बल्लेबाजी समूह पर ज्यादा दबाव होता है और हम अनुभव हासिल करने की कोशिश कर रहे होते हैं। हम यहां यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि बल्लेबाजी समूह के तौर पर, अलग-अलग हालात और स्थितियों में हमारे लिए किस तरह का खेल काम आ सकता है। हम आगे चलकर नियमित रूप से 350-400 रन का स्कोर कैसे बना सकते हैं।"
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