ENG vs PAK: डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह बनाना चाहेगा इंग्लैंड, जो रूट पर कप्तानी क्षमता साबित करने का होगा दबाव

खबर सार :-

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज बुधवार से लीड्स में हो रहा है। इंग्लैंड टीम के दोबारा बनाए गए टेस्ट कप्तान जो रूट पर अपनी कप्तानी क्षमता साबित करने का दबाव होगा। इंग्लैंड टीम के खेल में सुधार का भी दबाव रूट पर रहेगा।
रूट पर होगा टेस्ट फॉर्मेट में इंग्लैंड के प्रदर्शन में सुधार का दबाव

खबर विस्तार : -

ENG vs PAK Test Series: इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज बुधवार से लीड्स में हो रहा है। इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच सीरीज का इंतजार क्रिकेट फैंस को लंबे समय से था। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने के लिए दोनों टीमों के लिए यह सीरीज बेहद अहम है। मेजबान इंग्लैंड घर में  हो रही सीरीज में जीत दर्ज कर डब्ल्यूटीसी फाइनल 2027 के लिए दावा मजबूत करना चाहेगी। जो रूट इस सीरीज से दूसरी बार बतौर कप्तान अपने सफर का आगाज कर रहे हैं। टेस्ट फॉर्मेट में इंग्लैंड के प्रदर्शन में बीते कुछ समय से गिरावट आई है। इंग्लैंड टीम के खेल में सुधार और जीत दर्ज करने का भारी दबाव जो रूट पर रहेगा। 

पाक के खिलाफ जो रूट का शानदार है टेस्ट रिकॉर्ड  

रूट मौजूदा समय में टेस्ट क्रिकेट में दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं। वह अकेले दम पर पारी को खींचने और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में सक्षम हैं, और ऐसा वह अपने करियर में करते रहे हैं। पाकिस्तान सीरीज में भी उनसे इंग्लैंड टीम मैनेजमेंट और स्थानीय फैंस आकर्षक पारियों की उम्मीद करेंगे। पूर्व में 65 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की कप्तानी कर चुके जो रूट का पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट में अच्छा रिकॉर्ड रहा है। वह पाकिस्तान के खिलाफ 2015 से 2024 के बीच 18 मैचों की 31 पारियों में 1,487 रन बना चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 7 अर्धशतक लगाए हैं। उनका सर्वाधिक स्कोर 262 रन है। यह उनके टेस्ट करियर का सर्वाधिक स्कोर भी है। रूट का पाकिस्तान के खिलाफ औसत 53.10 रहा है। कप्तान के रूप में वापसी कर रहे रूट एक बल्लेबाज के तौर पर भी पाकिस्तान सीरीज को यादगार बनाने की कोशिश करेंगे। 

जो रूट पर होगा कप्तान के तौर पर अपनी क्षमता साबित करने का दबाव 

बेन स्टोक्स और ब्रैंडन मैकुमल के कप्तान और कोच वाली जोड़ी का सफर खत्म हो चुका है। ऐसे में देखना होगा कि इंग्लैंड अपने खेल के अंदाज में बदलाव करती है या नहीं। 35 साल के रूट के लिए पाकिस्तान के खिलाफ इस टेस्ट सीरीज में खुद को एक बार फिर कप्तान के तौर पर अपनी क्षमता साबित करनी होगी। साथ ही, एक बल्लेबाज के तौर पर भी उनकी भूमिका बेहद अहम होने वाली है। लीड्स टेस्ट से पहले अपनी कप्तानी पर रूट ने कहा, "मैंने जब पहली बार कप्तानी संभाली थी, तब की तुलना में मैं एक अलग खिलाड़ी और इंसान हूं। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं, अनोखी जगह पर हूं, जहां मुझे पीछे मुड़कर देखने के लिए 60 से ज्यादा मैचों का अनुभव है। कुछ चीजें हैं जिन्हें मैं बदलना चाहूंगा और थोड़ा अलग तरीके से करूंगा। 

टेस्ट क्रिकेट खेलने का कोई एक तरीका नहीं है

लीड्स टेस्ट से पहले इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने टीम के खेलने के अंदाज पर कहा, "मुझे नहीं लगता कि हमें बहुत कुछ बदलने की जरूरत है। छोटी-छोटी चीजें ही बड़ा बदलाव ला सकती हैं। मुझे लगता है कि यह उन अच्छी चीजों को बनाए रखने के बारे में है जो हम कुछ समय से कर रहे हैं, वो चीजें जो बेन (स्टोक्स) और बाज (मैकुलम) ने लंबे समय तक बनाई हैं। मुझे नहीं लगता कि टेस्ट क्रिकेट खेलने का कोई एक तरीका है।

उन्होंने कहा, "आपको एडजस्ट करने लायक होना होगा और सिचुएशन के हिसाब से खेलना होगा। पांच दिनों तक यह कभी एक जैसा नहीं रहता, अलग-अलग चुनौतियां होती हैं और आपको पूरे समय उतार-चढ़ाव के साथ एडजस्ट करना होता है। उन्होंने कहा, "मेरे पास एक कदम पीछे हटने, एक अलग माहौल, अलग कोच, अलग कप्तान के साथ खेलने और गेम को एक अलग नजरिए से देखने का समय था। कई मायनों में मैं किसी भी दूसरे इंग्लैंड कप्तान जितना ही तैयार महसूस करता हूं जो पहले रहा हो, और इतना अनुभव होना बहुत कीमती है।

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