Vaishali : नाव हादसाः मत पूछो माताओं का हाल, 13 अर्थियां देख पत्थर भी पिघल गए

खबर सार :-

बिहार के Vaishali जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र की रामपुर श्याम चंद पंचायत में नाव पलटने की घटना हर किसी को झकझोर देने वाली है। बुधवार को जब गांव में बच्चों की आर्थियां उठीं तो माताओं के कलेजे फट गए। पिताओं की सिसकियां उनके गम को छुपा नहीं पा रही थी। गांव की गलियों से बच्चे दौड़ते हुए चले आ रहे थे। ऐसा गमगीन माहौल शायद कभी देखा गया हो। कोई दिशा नहीं बच रही थी, जिधर से लोग आ नहीं रहे थे।
Vaishali : जिनको कभी उदास नहीं देखा, आज फूट-फूटकर रोए, गंगा में जब डूबी नाव...

खबर विस्तार : -

वैशाली : गांव में आज मातम पसरा हुआ है। कई घरों में चूल्हे नहीं जले हैं। यह हृदय विदारक घटना और द्रवित करने वाली तस्वीर का सामना कर पाना बहुत ही कठिन है। हादसे के बाद तो अस्पताल में भी जैसे शोक की लहर छा गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। नाव पलटने की घटना की जानकारी 10 या 20 कोस ही नहीं, पूरी दुनिया में पहुंच चुकी है। 

मंगाई गई कई अस्पतालों की एंबुलेंस

लोग फोन पर एक दूसरे से नाव पलटने के कारण पूछ रहे हैं। कोई उन माताओं का हाल पूछ रहा है, जो अपने लाल खोए हैं। गंगा से जब डूबे हुए लोगों को निकाला जा रहा था, तब पर्याप्त उजाला भी नहीं था। मोबाइल की रोशनी में एक-एक कर करीब 20 लोगों को निकाला गया। इन सभी को आननफानन गाड़ियों में अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन तक खबर पहुंच चुकी थी। चीख पुकार तो गंगा के तट से ही शुरू हो गई थी, क्योंकि हालात बहुत नाजुक थे। सभी लोग पानी से निकाले गए थे। जब अस्पताल सभी लोगों को पहुंचाया गया तो वहां भी मुस्किलों का सामना करना पड़ा। इसका कारण यही कि एक साथ 20 पेशेंट और वह सभी गंभीर हालत में थें। स्थानीय अस्पतालों में वह सुविधा नहीं होती है जो बडे शहरों में रहती है। बहरहाल इलाज शुरू किया गया।

अस्पताल में घनघनाते रहे रातभर फोन

इस दौरान सैकड़ो फोन आने शुरू हो गए। तरह तरह के सवाल उठाए जा रहे थे। क्या चल रहा है? कैसी किसकी हालत है? यह जानकारी पाने के लिए परिजनों के जानने वाले एक दूसरे का मोबाइल मांग-मांग कर बार-बार फोन कर रहे थे। किसकी हालत कैसी है? कौन बता दे। कितने लोगों की जान जा चुकी है, यह बताने का साहस भला किसमें था। कतार में शव देखकर हर कोई टूट रहा था। धीरे-धीरे जानकारी पहुंच गई। आखिर बताना तो था ही।

बताया गया कि एक परिवार में पांच लोगों की मौत हुई, दूसरे में 7 लोगों की और एक परिवार में एक मौत हुई है। सात लोगों की हालत ठीक नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राघोपुर फतेहपुर में व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं होने के कारण तीन गंभीर लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया है। गांव से अस्पताल तक में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट चुकी थी।

फफक-फफक कर रो पड़े बच्चों के बाप

 प्रशासन की मुस्तैदी दोनों जगह थी। मामला गंभीर था, इसलिए एंबुलेंस कई और अस्पतालों से मंगवा ली गई थी। पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा और जिलाधिकारी वर्षा सिंह भी मौके पर पहुंची थी। अस्पताल से जब मृतक बच्चों को घर ले जाया गया तो रोने पीटने की आवाज सुनकर वहां भी भीड़ जमा हो गई। चारों तरफ कोहराम मच गया। रात काटना मुश्किल हो गया। बच्चों की माता का रो रो-कर बुरा हाल था। कई घर इस हादसे में उजड़ गए हैं। कई घरों में तो आज चूल्हे भी नहीं जले हैं। समझाने बुझाने के लिए कई नेताओं ने भी गांव का दौरा किया है। जिन लागों को कभी उदास नहीं देखा गया, आज वह फफक-फफक कर रो रहे थे।

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