Sonam Wangchuk: 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, जानें PM मोदी के किस वादे पर किया यकीन

खबर सार :-

Sonam Wangchuk hunger strike end: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। वांगचुक ने बताया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मिलकर या उन्हें पत्र लिखकर भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया था।
Sonam Wangchuk: 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, जानें PM मोदी के किस वादे पर किया यकीन

खबर विस्तार : -

Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने CJP के विरोध-प्रदर्शन के बीच अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। वे CJP के नेतृत्व में हो रहे विरोध के समर्थन में 28 जून से अनशन पर थे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) और जितेंद्र सिंह (Jidendra Singh) की मौजूदगी में, सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में जूस पीकर अपनी 26 दिन लंबी भूख हड़ताल खत्म की। हालांकि, उनके और सरकार के बीच किन खास शर्तों पर सहमति बनी है, इसका अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। 

वांगचुक पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, फिर भी उन्होंने बिना इस्तीफे के ही अपना अनशन खत्म कर दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन्होंने अनशन क्यों खत्म किया? क्या सरकार ने उनकी सभी मांगें मान लीं? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसी घोषणा ने उनका दिल जीत लिया? या फिर वजह कोई और ही थी ?

सोनम वांगचुक ने क्यों तोड़ा अनशन 

Sonam Wangchuk ने अपना 26 दिन का अनशन खत्म करने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसका कैप्शन था: "भूख हड़ताल खत्म, जवाबदेही की शुरुआत!"  वीडियो मैसेज में वांगचुक कहते हैं, "आखिरकार मैंने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ दिया है। इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे व्यक्तिगत रूप से या पत्र के माध्यम से अनशन खत्म करने का आग्रह किया था और भरोसा दिलाया था कि संसद में NEET पेपर और परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।"

वांगचुक ने आगे कहा, "सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्रियों ने भी यह भरोसा दिलाया। लिखित आश्वासन की आवश्यकता को लेकर दो दिनों तक बातचीत चलती रही। इस प्रक्रिया में दो दिन लग गए, जिसके कारण मुझे दो दिन और अनशन करना पड़ा। आखिरकार, सरकार से लिखित आश्वासन मिल गया है।" मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने देने को लेकर बहुत सतर्क रहें।

सरकार और सोनम वांगचुक के बीच क्या हुई बात 

पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठ सोनम वांगचुक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग पर अड़े रहे। इसीलिए वे अपनी भूख हड़ताल खत्म नहीं कर रहे थे। सरकार उन्हें मनाने की लगातार कोशिश कर रही थी। हालांकि केंद्र की मोदी सरकार और सोनम वांगचुक के बीच हुई बातचीत की खास शर्तों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। उम्मीद है कि वे जल्द ही ये जानकारी देंगे। सूत्रों की माने तो उन्होंने सरकार की ओर से भरोसा दिलाया कि पेपर लीक मामले में न्याय होगा, दोषियों को सजा दी जाएगी, संसद में इस मामले पर चर्चा होगी, पेपर लीक से निपटने के लिए कानून बनाया जाएगा और CJP के साथ बातचीत की जाएगी। इसके बाद ही सोनम वांगचुक ने आधी रात को अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला किया।

गौरतलब है कि हाल ही में सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भूख हड़ताल के दौरान उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही थी। उन्हें पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो की गुज़ारिश पर दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर रखे हुए थे।

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सोनम वांगचुक को पीएम मोदी के किस वादे पर किया भरोसा

बता दें कि सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने के फैसले में पीएम मोदी के बयान ने अहम भूमिका निभाई। असल में, वांगचुक के उपवास खत्म करने से कुछ घंटे पहले ही पीएम नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी किया था। पीएम मोदी ने सीधे सोनम वांगचुक से बात की, उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की और उनसे भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया। 

इसके अलावा, पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए कड़े कानून लाएगी। इन उपायों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रावधान और दोषियों के लिए कड़ी सज़ा सुनिश्चित करना शामिल होगा। संसद में पेश किए जाने से पहले कैबिनेट में इस मसौदा प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। पीएम मोदी की इस घोषणा को पूरे घटनाक्रम में एक अहम मोड़ माना जा रहा है; इसके बाद ही सरकार और वांगचुक के बीच बातचीत तेज हुई, जिसका परिणाम सबसे समाने है।


FAQ...

1- क्या सरकार ने सोनम वांगचुक की सभी शर्तें मान ली है ?

सोनम वांगचुक ने साफ कर दिया है कि बातचीत कुछ शर्तों के आधार पर हुई थी, लेकिन उन शर्तों के बारे में अभी तक नहीं बताया गया है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही पूरी जानकारी देने के लिए एक वीडियो जारी करेंगे।

2- सोनम वांगचुक ने क्यों तोड़ा अनशन 

सोनम वांगचुक को सरकार की ओर से भरोसा दिलाया कि पेपर लीक मामले में न्याय होगा, दोषियों को सजा दी जाएगी। जिसके बाद उन्होंने जेपी केंद्रीय मंत्री नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ा 

3- अब आगे क्या होगा ? 

भले ही सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है, लेकिन सीजेपी ने अभी तक आंदोलन खत्म नहीं किया है। अब सबकी नज़रें केंद्र सरकार और CJP पर टिकी हैं। लोग सोनम वांगचुक के उस वीडियो का भी इंतजार कर रहे हैं, जिसमें वह पर्दे के पीछे हुई पूरी बातचीत और तय हुई शर्तों के बारे में बताएंगे।

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