'डॉक्टरों से मिलने नहीं दिया, मेडिकल रिपोर्ट भी नहीं दी', सोनम वांगचुक की पत्नी का बड़ा दावा

खबर सार :-

सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस द्वारा उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती किया गया। उनकी पत्नी गातींजलि जे. अंगमों का आरोप है कि उन्हें उनके पति की जांच कर रहे डॉक्टरों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने पत्र लिखकर दूसरे अस्पताल में भर्ती कराए जाने की भी मांग की है।
'डॉक्टरों से मिलने नहीं दिया, मेडिकल रिपोर्ट भी नहीं दी', सोनम वांगचुक की पत्नी का बड़ा दावा

खबर विस्तार : -

Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक के लगातार 20 दिन भूख हड़ताल पर बैठे रहने के कारण 21वें दिन उनकी तबीयत बिगड़ गई। दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। इस पर उनकी पत्नी गीतांजली जे. अंगमो की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि उन्हें सोनम वांगचुक की जांच कर रहे डॉक्टरों से मिलने नहीं दिया जा रहा है, उन्होंने अस्पताल प्रशासन को बकायदा पत्र लिखकर उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सोनम की मेडिकल रिपोर्ट नहीं दी जा रही है और उन्हें मिलने भी नहीें दिया जा रहा है। गीतांजलि ने पोटैशियम स्तर 4.3 और 2.9 होने पर भी सवाल उठाया है। 

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमों ने अस्पताल पर लगाया आरोप

सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमों ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है। उन्होंने मेडिकल सुपरिटेंडेंट को पत्र लिखकर बताया कि टीम से सुबह उन्हें पता चला कि सोनम का पोटैशियम स्तर गिरकर 2.9 पर आ गया है। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह काफी हैरानी वाली बात है क्योंकि 17 जुलाई की शाम 4 बजकर 16 मिनट पर उनका पोटैशियम स्तर 4.3 था। गीतांजलि ने यह  भी कहा कि अस्पताल की टीम से रिपोर्ट को डिजिटल या कागजी तौर पर देने को कहा, लेकिन अस्पताल ने मना कर दिया। उन्होंने आगे बताया कि, जो डॉक्टर पिछले कई दिनों से सोनम की सेहत की जांच कर रहे थे, उनसे भी नहीं मिलने दिया जा रहा है। उन्होंने पत्र में लिखा कि इस तरह के व्यवहार ने अस्पताल पर उनके भरोसे को तोड़कर रख दिया है। इस कारण उन्होंने सोनम को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है।

अस्पताल ले जाने की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुसार नहीं- गीतांजलि जे. अंगमों

उन्होंने अस्पताल प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द सोनम के डिस्चार्ज से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएं, जिससे उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश में कहीं भी अस्पताल में भर्ती कराने को अनिवार्य नहीं बताया गया था। उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट द्वारा ये आदेश दिया गया था कि किसी व्यक्ति की सेहत सबसे ज्यादा जरुरी होता है, जिस पर बराबर नजर रखी जानी चाहिए। कोर्ट ने अस्पताल में भर्ती कराने का कोई आदेश नहीं दिया। उनका कहना है कि इस लिहाज से देखा जाए तो अस्पताल ले जाने की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुसार नहीं है।

सोनम का इलाज नहीं हो रहा है- गीतांजलि

गीतांजलि ने यह भी बताया कि फिलहाल सोनम का इलाज नहीं चल रहा है, उन्हें सिर्फ निगरानी में रखा गया है, जहां उनकी जांच चल रही है। हम उनका टेस्ट किसी दूसरी जगह कराना चाहते हैं। पोटैशियम का स्तर चिंताजनक है और उन्हें फिलहाल के लिए कोई भी दवा देने से पहले इन आंकड़ों की पुष्टि किसी दूसरे लैब से कराना चाहते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सोनम का उपवास अभी भी जारी है, और वो शक्कर नहीं ले रहे हैं, सिर्फ नमक वाला पानी ही पी रहे, जिसका इस्तेमाल वो अब तक कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि वो सरकार की इस बात के लिए आभार व्यक्त करती हैं, लेकिन आगे की जिम्मेदारी उनका परिवार उठाएगा, इसमें सरकार से किसी तरह की मदद की जरुरत नहीं है। बता दें कि शनिवार को दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम को अस्पताल ले गई, जिसके बाद सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने भूख हड़ताल का ऐलान किया है।

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