हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज वाले बयान पर सियासत तेज, बृज भूषण शरण सिंह ने सीएम योगी के दावे को बताया गलत

खबर सार :-

पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने सीएम योगी के उस बयान को नकार दिया है जिसमें ये कहा गया था कि पिछली सरकारों में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी जाती थी। उनके इस बयान के बाद लोग इसे कई अलग-अलग तरीके से देख रहे हैं।
हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज वाले बयान पर सियासत तेज, बृज भूषण शरण सिंह ने सीएम योगी के दावे को बताया गलत

खबर विस्तार : -

गोंडा: अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने मुख्यमंत्री के बयान से अलग रुख अपनाते हुए कहा कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। उन्होंने इस दावे को गलत बताया।

गोंडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब बृज भूषण शरण सिंह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि वह किसी नेता के बयान पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन तथ्य यही है कि हनुमानगढ़ी पर नमाज पढ़ने की बात सही नहीं है।

उन्होंने कहा, “हनुमानगढ़ी पर नमाज नहीं पढ़ी गई। जो लोग ऐसा कहते हैं, उन्हें जानकारी होनी चाहिए कि हनुमानगढ़ी का निर्माण बाराबंकी के एक मुस्लिम व्यक्ति ने करवाया था। उसका नाम आज भी पत्थर पर अंकित है।” बृज भूषण शरण सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि उनका बयान सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दावे से अलग नजर आ रहा है।

सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा था निशाना

गौरतलब है कि अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए 2003 की एक घटना का जिक्र किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि जो लोग आज धर्म और संस्कृति की बात करते हैं, उन्हीं के शासनकाल में हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी।

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा था कि उस समय रामभक्तों पर गोली चलाने वाली सरकार थी और हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाना भी एक “पाप” था। उन्होंने कहा था कि वर्तमान सरकार ने अयोध्या को सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने का काम किया है।

सीएम योगी ने कहा था कि अब अयोध्या में सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ विकास कार्य हो रहे हैं और शहर की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।

रामपुर बुलडोजर कार्रवाई पर भी बोले बृज भूषण

पत्रकारों से बातचीत के दौरान बृज भूषण शरण सिंह ने रामपुर में चल रही बुलडोजर कार्रवाई पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की सीमित जानकारी है। उन्होंने बताया कि कई इमारतों को अवैध बताया जा रहा है और यदि कोई निर्माण नियमों के खिलाफ होगा तो प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई कानून के अनुसार होती है और इस मामले में वास्तविक स्थिति प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

भगवान कृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया

भगवान कृष्ण को पांच वक्त का नमाजी बताए जाने वाले विवादित बयान पर भी बृज भूषण शरण सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एक नई प्रवृत्ति देखने को मिल रही है, जिसमें लोग एक-दूसरे को उकसाने या चुभने वाली बातें कहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के बारे में ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है, क्योंकि यह उनकी व्यक्तिगत सोच और मानसिकता को दर्शाता है।

सोनम वांगचुक के प्रदर्शन पर रखी राय

लद्दाख के मुद्दों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और विरोध प्रदर्शन पर भी पूर्व सांसद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की बात पूरे देश तक पहुंच चुकी है और सरकार भी इस मामले से अवगत है। उन्होंने सुझाव दिया कि अब उन्हें धरना समाप्त कर सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों का इंतजार करना चाहिए।

बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस

हनुमानगढ़ी और नमाज से जुड़े इस मुद्दे ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर जहां विपक्ष सवाल उठा रहा है, वहीं बृज भूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना अहम होगा कि इस मुद्दे पर भाजपा और विपक्षी दलों की ओर से आगे क्या प्रतिक्रियाएं आती हैं। फिलहाल अयोध्या से जुड़े धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर बयानबाजी जारी है।

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