आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी!, प्रबंधन को 15 दिन का नोटिस
खबर सार :-
उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार में वरिष्ठ मंत्री रहे आजम खान की यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाए जाने की तैयारी चल रही है। प्रशासन ने इसके मैनेजमेंट के लिए 15 दिन का समय दिया है।
खबर विस्तार : -
Jauhar University: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाने की तैयारी चल रही है। प्रशासन ने इसके लिए मैनेजमेंट को 15 दिन का समय भी दिया है। बुधवार को जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी ने खास सुनवाई में प्रबंधन के तर्कों को खारिज कर दिया था, जिस कारण यूनिवर्सिटी गिराने की प्रक्रिया चल रही है।
आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है। उनके विश्वविद्यालय मौलाना मोहम्मद अली जौहर पर बुलडोजर चलाने की प्रक्रिया शुरु हो गई है। बता दें कि बुधवार को जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी ने अहम सुनवाई में प्रबंधन के तर्कों को सिरे से नकार दिया है। जिसके बाद विश्वविद्यालय पर ध्वस्तीकरण का काम शुरु कर दिया गया है। दरअसल यूनिवर्सिटी को लेकर आरडीए की जांच हुई, जिसमें पाया गया कि परिसर में निर्मित कुल 40 भवन में से केवल दो के पास ही स्वीकृत वाले नक्शे थे और बाकी के 38 भवन बिना किसी नक्शे के बनाए गए थे, जिसके आधार पर प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्पष्टीकरण मांगते हुए सख्त नोटिस जारी किया था।
17 नवंबर 2025 से जेल में हैं आजम खान व उनके बेटे
इस कार्रवाई पर डीएम अजय कुमार द्विवेदी का कहना है कि नियमों के अनुसार संस्था को इस अवैध निर्माण को स्वंय हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यदि ऐसा नहीं होता है तो आरडीए स्वयं कार्रवाई करेगा और इस अवैध निर्माण को हटा देगा। उन्होंने आगे कहा, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला खान को 17 नवंबर 2025 से जेल में रखा गया है। रामपुर की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने उन्हें दो पैन कार्ड रखने के मामले में 7 साल की सजा सुनाई थी। आजम की पत्नी तनजीन फातिमा जमानत पर बाहर हैं। प्रशासन ने तर्क दिया कि इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रबंधन को नियमों से पूरी जानकारी थी, क्योंकि उन्होंने दो भवनों के नक्शे पहले ही जिला पंचायत से पास कराए थे।
पूरा समय देने के बाद ही यह कानूनी कदम उठाया- जिला प्रशासन
इस पर उन्होंने आगे कहा कि बाकी 38 भवनों के लिए नक्शा न लेना एक बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। इस पर जिला प्रशासन का कहना है कि सुनवाई का पूरा समय देने के बाद ही यह कानूनी कदम उठाया गया है। बता दें कि आजम खान उत्तर प्रदेश के एक रसूखदार राजनेता और समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक माने जाते हैं। रामपुर विधानसभा क्षेत्र से वे 10 बार विधायक रह चुके हैं। इसके साथ ही यूपी सरकार में कद्दावर कैबिनेट मंत्री और सांसद की भूमिका भी निभा चुके हैं। रामपुर में ‘मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय’ उनके प्रमुख प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है।
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