राहुल गांधी के देहरादून कार्यक्रम की तैयारी में हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत

खबर सार :-

देहरादून के बन्नू स्कूल ग्राउंड में कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा हदसा हो गया। बता दें कि 17 जुलाई को राहुल गांधी द्वारा देहरादून के बन्नू स्कूल ग्राउंड में प्रस्तावित छात्रों की गूंज कार्यक्रम होना था। मिली जानकारी के अनुसार कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान अमर मेहता के ऊपर लोहे का गाडर गिर गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
राहुल गांधी के देहरादून कार्यक्रम की तैयारी में हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत

खबर विस्तार : -

Rahu Gandhi: उत्तराखंड के देहरादून में राहुल गांधी के कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में एक कांग्रेस नेता की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार 17 जुलाई को बन्नू स्कूल ग्राउंड में प्रस्तावित छात्रों की गूंज कार्यक्रम होना था, जिसकी तैयारी चल रही थी। कार्यक्रम के तैयारियों के बीच अमर मेहता के ऊपर एक लोहे का गाडर गिर गया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके पहले यह कार्यक्रम परेड ग्राउंड में होने वाला था, लेकिन प्रशासनिक कारण और अनुमति विवाद के चलते इसे बन्नू स्कूल ग्राउंड में स्थानांतरित किया गया। 

कार्यक्रम की तैयारी के दौरान कांग्रेस नेता की मौत

देहरादून में राहुल गांधी के दौरे से पहले उनके प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की तैयारियों के बीच कांग्रेस नेता अमर मेहता के ऊपर लोहे का गाडर गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दरअसल 17 जुलाई को बन्नू स्कूल ग्राउंड में राहुल गांधी का प्रस्तावित कार्यक्रम होना था। कार्यक्रम में टेंट लगाने के दौरान अचानक बैलेंस बिगड़ गया और कांग्रेस नेता अमर मेहता के सिर पर लोहे का गाडर गिर गया। मौके पर मौजूद लोगोंं ने उन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा मंच निर्माण के दौरान हुआ। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर, हादसे के कारणों की जांच शुरु कर दी। 

परेशानी से बचने के लिए दूसरे मैदान का चुनाव

इसके पहले कार्यक्रम परेड ग्राउंड में होने वाला था। दरअसल, 17 जुलाई को प्रस्तावित छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर परेड ग्राउंड की अनुमति पर शुरु हुआ विवाद मंगलवार की देर रात धरना-प्रदर्शन में तब्दील हो गया। मिली जानकारी के अनुसार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा कार्यक्रम का नेतृत्व होना था। कार्यक्रम में शामिल कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा आधी रात को परेड ग्राउंड पहुंचकर राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद स्थिति को मद्देनजर रखते हुए कार्यक्रम की जगह बदलने का फैसला किया गया। राहुल गांधी ने परेड ग्राउंड के बजाय बन्नू स्कूल में छात्रों से बातचीत करने का फैसला किया। राहुल गांधी का कहना था कि छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा तथा कार्यक्रम में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए दूसरे मैदान का चुनाव किया गया।

कार्यकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन

मिली जानकारी के अनुसार परेड ग्राउंड में कार्यक्रम की तैयारी के लिए टेंट और बाकी सामग्री को लेकर पहुंचे ट्रकों को मैदान में प्रवेश नहीं मिलने के कारण कांग्रेस नेताओं ने देर रात विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत और प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव सहित काफी बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय से पैदल मार्च करते हुए परेड ग्राउंड में पहुंचे। इलाके के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच बहस भी हुई, जिसके बाद नेता और कार्यकर्ता परेड ग्राउंड में धरने पर बैठने का फैसला किया। 

सुरक्षा व्यवस्था पर काफी गंभीर सवाल 

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल का आरोप था कि कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए समय से आवेदन किया था और साथ ही परेड ग्राउंड में कार्यक्रम के लिए 1.77 लाख रुपये जमा भी किए गए थे। उनका दावा था कि कांग्रेस को 15, 16 और 17 जुलाई के लिए मैदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी मिल गई थी, लेकिन सरकारी दबाव में कार्यक्रम रोक दिया गया। उनका कहना था कि निर्धारित शुल्क करीब 65 हजार रुपये बताया जा रहा था, जबकि कांग्रेस ने उससे कहीं ज्यादा शुल्क जमा किया था। इसके बावजूद टेंट और दूसरे सामान से लदे ट्रकों को मैदान में प्रवेश नहीं मिला। फिलहाल कार्यक्रम से एक दिन पहले हुए हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर काफी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 

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