वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट: देश के 773 जिलों से 1,244 उत्पादों का चयन

खबर सार :-

केंद्र सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत 773 जिलों में 1,244 उत्पादों की पहचान की है। जानिए स्थानीय उद्योगों और निर्यात को बढ़ावा देने की पूरी योजना।
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट: देश के 773 जिलों से 1,244 उत्पादों का चयन

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश के सभी हिस्सों में स्थानीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और क्षेत्रीय हुनर को नई पहचान दिलाने के मकसद से एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP Scheme News) योजना के अंतर्गत देश के 773 जिलों में कुल 1,244 विशिष्ट उत्पादों की पहचान की है। इस दूरगामी नीति का मुख्य लक्ष्य हर जिले की अपनी एक अलग पहचान वाले सामान को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनाना और भारत के निर्यात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान करना है। शुक्रवार को राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने सदन को बताया कि जमीनी स्तर पर व्यापार और निर्यात की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए 'डिस्ट्रिक्ट्स ऐज एक्सपोर्ट हब्स' पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत अब तक 734 जिलों में निर्यात के लिए उपयुक्त उत्पादों और सेवाओं को सूचीबद्ध किया जा चुका है।

आपूर्ति शृंखला को सुचारू बनाने के लिए बनीं समितियां

ओडीओपी योजना (ODOP Scheme News) को सही तरीके से लागू करने और सप्लाई चेन से जुड़ी रोजमर्रा की दिक्कतों को खत्म करने के लिए व्यापक प्रशासनिक ढांचा तैयार किया गया है। देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'स्टेट एक्सपोर्ट प्रमोशन कमेटी' (SEPC) तथा 'डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट प्रमोशन कमेटी' (DEPC) का गठन पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए 249 'डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट एक्शन प्लान' (DEAP) अपनाए गए हैं। ये कार्य योजनाएं उत्पादन की शुरुआती प्रक्रिया से लेकर अंतिम रूप से विदेश भेजे जाने वाले सामान की पूरी वैल्यू चेन को पारदर्शी और सरल बनाने में मदद कर रही हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और जेम स्टोरफ्रंट से बढ़ी बिक्री

बदलते दौर में डिजिटल बाजार की अहमियत को देखते हुए सरकार ने ओडीओपी (ODOP Scheme News) से जुड़े कारीगरों को बड़ा मंच दिया है। 'गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस' (GeM) पर एक विशेष 'ओडीओपी स्टोरफ्रंट' की शुरुआत की गई है। इस डिजिटल दुकान पर वर्तमान में 500 से ज्यादा उत्पाद श्रेणियों के तहत 1,300 से अधिक स्थानीय सामान बिक्री के लिए सूचीबद्ध हैं। सरकारी प्रयासों के अलावा 10 से अधिक राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर भी ई-कॉमर्स पोर्टल तैयार किए हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय प्रदर्शनियों, शिल्प मेलों और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयोजनों में इन कारीगरों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का मौका दिया जा रहा है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) राज्य सरकारों के सहयोग से इन उत्पादों का चयन, पैकेजिंग और वैश्विक ब्रांडिंग सुनिश्चित कर रहा है।

पीएम एकता मॉल और पीएमएफएमई योजना से बल

स्थानीय उत्पादों की बिक्री को एक जगह पर केंद्रित करने के लिए सरकार 'पीएम एकता मॉल' (यूनिटी मॉल) की स्थापना कर रही है। इसके तहत राज्यों को 50 साल के लिए बिना ब्याज के 200 करोड़ रुपये तक का विशेष वित्तीय ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इन मॉल्स में ओडीओपी और जीआई टैग वाले सामानों को एक ही छत के नीचे ग्राहकों के सामने लाया जाएगा। दूसरी ओर, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को गति देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की 'पीएमएफएमई' योजना भी ओडीओपी (ODOP Scheme News) मॉडल पर काम कर रही है। इसमें नई इकाइयों के लिए 35 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम 10 लाख रुपये), स्व-सहायता समूहों के सदस्यों के लिए सीड कैपिटल और इन्क्यूबेशन सेंटर जैसी मदद शामिल है। उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने और ब्रांडिंग के लिए सरकार 50 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है, जिससे भारतीय हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी पहचान मजबूत कर सकें।

इसे भी पढ़ेंः-मोदी कैबिनेट की पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी, 10 साल की सजा से करोड़ों रुपये के जुर्माने तक का प्रावधान

अन्य प्रमुख खबरें