मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया बांग्लादेशी घुसपैठिया, फर्जी दस्तावेजों से बनवाया पासपोर्ट, नेटवर्क की जांच शुरू
खबर सार :-
मुंबई एयरपोर्ट पर एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है। एयरपोर्ट पर उसके दस्तावेजों की जांच करते समय अधिकारियों को उसकी बोली पर शक हुआ। पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह 10 साल पहले अपने परिवार के साथ गैरकानूनी तरीके से भारत आया था। उसने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाए और इनके आधार पर पासपोर्ट भी बनवा लिया। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई है।
खबर विस्तार : -
मुंबई: मुंबई पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 36 साल के एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। उस पर धोखाधड़ी से हासिल किए गए भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल करके यात्रा करने का आरोप है।
आरोपी की पहचान बाबू बिस्वास, उर्फ तापस बिस्वास के तौर पर हुई है। इमिग्रेशन अधिकारियों को उसके भारतीय पासपोर्ट पर तब शक हुआ जब उन्होंने देखा कि उसके बोलने का लहजा बांग्लादेश में बोली जाने वाली बोली से काफी मिलता-जुलता था।
कोलकाता में 7 साल तक की मजदूरी
पुलिस के मुताबिक, बिस्वास 2016 में अपनी पत्नी और परिवार के साथ पश्चिम बंगाल बॉर्डर से गैर-कानूनी तरीके से भारत में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में बस गया और कोलकाता में लगभग सात साल तक दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम किया।
फर्जी दस्तावेजों से बनाया पासपोर्ट
पुलिस ने बताया कि भारत आने के बाद आरोपी ने आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल किए। इन्हीं दस्तावेज़ों के आधार पर उसने 2019 में कोलकाता पासपोर्ट ऑफिस से भारतीय पासपोर्ट बनवाया। जांच में पता चला कि उसने इस पासपोर्ट का इस्तेमाल इंटरनेशनल यात्रा के लिए भी किया था; उसने 2023 में बिना किसी शक के दो बार मालदीव और कम से कम एक बार कोलंबो की यात्रा की थी।
एजेंटों की पहचान करने में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब जांच उन एजेंटों की पहचान करने पर केंद्रित है जिन्होंने आरोपी को धोखाधड़ी से भारतीय पहचान दस्तावेज और पासपोर्ट हासिल करने में मदद की थी। पुलिस उन सभी लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है जो इस मामले में शामिल हो सकते हैं। आरोपी को कोलंबो से मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने पर रोका गया। वह इमिग्रेशन क्लीयरेंस के लिए काउंटर पर पहुंचा था, जहां उसने अधिकारियों को अपना भारतीय पासपोर्ट और बोर्डिंग पास दिखाया।
एयरपोर्ट पर पूछताछ के दौरान खुली पोल
काउंटर नंबर 23 पर तैनात असिस्टेंट इमिग्रेशन ऑफिसर ने बताया कि यात्री सुबह करीब 3:30 बजे श्रीलंकन एयरलाइंस की फ़्लाइट UL-141 से मुंबई पहुंचा था। अधिकारी ने कहा, "भारतीय पासपोर्ट की जांच करते समय मुझे शक हुआ कि यात्री बांग्लादेश का रहने वाला है। मैंने उससे कुछ सवाल पूछे, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।" शुरुआती पूछताछ के बाद, यात्री को विस्तृत पूछताछ के लिए इमिग्रेशन ब्रांच के इंचार्ज अधिकारी और ड्यूटी पर मौजूद अन्य अधिकारियों के सामने पेश किया गया। पूछताछ में पता चला कि वह मूल रूप से बांग्लादेश के फरीदपुर का रहने वाला था।
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बांग्लादेश में जमीन के दस्तावेजों से हुई पुष्टि
पुलिस ने बताया कि उसकी बांग्लादेशी नागरिकता को लेकर शक तब और पक्का हो गया जब बिस्वास ने व्हाट्सएप के जरिए अपनी पत्नी से संपर्क किया और उससे अपनी पहचान की पुष्टि करने वाले दस्तावेज भेजने को कहा। इसके बाद, उसकी पत्नी ने बांग्लादेश में बिस्वास के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड जमीन के मालिकाना हक वाले दस्तावेज़ों की कॉपी भेजी। इन दस्तावेज़ों से पुष्टि हुई कि बिस्वास मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला था।
2016 में परिवार के साथ आया था भारत
सहार पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने माना कि वह 2016 में अपने परिवार के साथ गैर-कानूनी तरीके से भारत आया था। उसने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल में रहने के दौरान उसने एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाया था। बाद में, इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उसने भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया।
विदेश यात्रा में मदद करने वालों की पहचान
पुलिस अब उस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है जिसने आरोपी को नकली पहचान दस्तावेज हासिल करने में मदद की थी। वे उन लोगों की भी पहचान कर रहे हैं जिन्होंने उसे भारत में गैर-कानूनी रूप से रहने और भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल करके विदेश यात्रा करने में मदद की थी। इस बीच, मुंबई क्राइम ब्रांच ने हाल ही में घोषणा की है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में चलाए गए अभियानों के दौरान पकड़े गए 53 गैर-कानूनी बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस इस मामले की जांच जारी रखे हुए है।
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