लखनऊ में 11 जनवरी से 28 जनवरी तक होंगी अग्निवीर भर्तियां, पांच और जिलों में हो रही हैं व्यापक तैयारियां

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश के छह जिलों में अग्निवीर भर्ती होनी हैं। इसके लिए स्थान और समय भी तय कर दिया गया है। अब बैठक कर भर्ती प्रकिया को गति दी जा रही है। विभागों को उनकी जिम्मेदारियां देकर तैयारियां पूूरी करने के लिए कहा जा रहा है।
छह चरणों में यूपी में होंगी अग्निवीर भर्तियां, अभ्यर्थियों की सुविधाओं के लिए चल रहा बैठकों का दौर

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अग्निवीर भर्ती की तैयारियां तेज हो गई हैं। भर्ती को लेकर बैठकों का दौर चल रहा है। बड़े पैमाने पर भर्तियां की जानी हैं, इसलिए प्रदेश में छह जिलों में भर्ती से संबंधित काम निपटाए जा रहे हैं। जिन जिलों में भर्तियां की जानी हैं, उनमें मेरठ में 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक, बरेली में 14 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक, लखनऊ में 11 जनवरी से 28 जनवरी 2027 तक, वाराणसी में 2 फरवरी से 27 फरवरी 2027 तक, आगरा में 4 मार्च से 24 मार्च 2027 तक तथा अयोध्या में 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक भर्ती रैलियां आयोजित की जाएंगी।

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों के साथ बैठक की

प्रदेश के उपर्युक्त सबंधित छह जिलों में आयोजित होने वाली अग्निवीर भर्ती रैलियों को लेकर आज मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कई विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। सोमवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी रही। इसके साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती स्थलों पर आवागमन, ठहरने, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा और यातायात समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा कि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो। 

उत्तर प्रदेश में अग्निवीर भर्ती की है यह तीसरी रैली

उत्तर प्रदेश में अग्निवीर भर्ती की यह तीसरी रैली होने वाली है। इसमंे भी बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। अभी तक जो निर्देष दिए गए हैं, उनमें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखना होगा। यह विभाग ही तैयारियों को निर्धारित समय-सीमा में पूरी करेंगे। यह जिम्मेदारी संबंधित सभी जिलों को दी गई है। उन्होंने कहा कि भर्ती स्थलों पर अभ्यर्थियों के आवागमन और ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था के साथ पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन के संबंध में व्यवस्था प्रभावी ढंग से सुनिश्चित कर ले।भर्ती से पहले ही अभ्यर्थियों की सुविधाओं पर बारीकी से ध्यान दिया जा रहा है। जिन चीजों की जरूरत पड़ती है, या पड़ सकती है, उन सभी व्यवस्थाओं की समय रहते समीक्षा करना होगा। यदि कहीं कोई कमी रह जाती है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा। 

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यातायात व्यवस्था में न हो गड़बड़ी

भर्ती प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था में चार चांद लगाने हैं। यह ऐसी जरूरतें हैं जो कहीं भी किसी भी कार्य में बाधा डाल देती हैं। इनको सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारी को आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर लेना है। साथ ही उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा। मुख्य सचिव ने आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सकीय और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या रहेगी। इसको देखते हुए सभी जिलों में समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित करना होगा। इससे भर्ती स्थलों पर भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही यातायात संचालन में भी दिक्कत नहीं आएगी। 

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