झांसी में 9 अगस्त को होगी प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी मुख्य परीक्षा, 18 केंद्रों पर 7,176 अभ्यर्थी होंगे शामिल

खबर सार :-

झांसी में 9 अगस्त 2026 को यूपीएसएसएससी प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी मुख्य परीक्षा 18 केंद्रों पर आयोजित होगी। 7,176 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सीसीटीवी, वॉइस रिकॉर्डर और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच परीक्षा नकलविहीन कराई जाएगी।
झांसीः प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी मुख्य परीक्षा के लिए बनाए गए 18 केंद्र

खबर विस्तार : -

झांसी: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की ओर से आयोजित प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी मुख्य परीक्षा 9 अगस्त 2026 को झांसी जिले के 18 परीक्षा केंद्रों पर एक ही पाली में आयोजित की जाएगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होने वाली इस परीक्षा में जिले के कुल 7,176 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

सीसीटीवी से होगी निगरानी

परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा और अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) शिव प्रताप शुक्ल ने स्टैटिक एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों तथा परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी और पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की शिकायत या जांच की स्थिति में उसका उपयोग किया जा सके।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में नकल या डुप्लीकेट अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की गहन जांच की जाएगी। कक्ष निरीक्षकों को अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित करने के साथ-साथ परीक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अपर जिलाधिकारी ने दिए दिशा-निर्देश

अपर जिलाधिकारी ने सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वॉइस रिकॉर्डर, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छ शौचालय और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए रैंप जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, एंड्रॉयड फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। परीक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारी भी मोबाइल फोन लेकर परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं करेंगे।

महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए गए कि उनकी तलाशी केवल महिला शिक्षिकाओं द्वारा ही ली जाएगी। इसके अलावा अभ्यर्थियों के बैग, मोबाइल और अन्य सामान को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। परीक्षा के दौरान सभी स्टैटिक एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने केंद्रों पर मौजूद रहेंगे तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

बैठक में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य राजवंत सिंह यादव ने कहा कि आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता परीक्षा को पूरी सुचिता, पारदर्शिता और नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराना है। उन्होंने रेलवे और परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समय पर परिवहन संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पर भी विशेष जोर दिया।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रश्नपत्र खोलने की निर्धारित प्रक्रिया, उत्तर पुस्तिकाओं की पैकिंग, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, परीक्षा सामग्री की सुरक्षा तथा अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों को दी गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।

अभ्यर्थियों के लिए गाइडलाइन जारी

बैठक में एसपी सिटी प्रीति सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक रति वर्मा, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक तथा विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचें, अपने साथ वैध प्रवेश पत्र और पहचान पत्र अवश्य लाएं तथा आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित सामग्री के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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