सजेगा आस्था का शाही दरबार, जलझूलनी एकादशी पर निकलेगी ठाकुरजी के बेवाणों की भव्य शोभायात्रा
खबर सार :-
शाहपुरा में 22 सितंबर को जलझूलनी एकादशी पर ठाकुरजी के बेवाणों की भव्य सामूहिक शोभायात्रा निकलेगी। पिवणियां तालाब पर जलविहार, महाआरती, जीवंत झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
खबर विस्तार : -
शाहपुरा: भक्ति, आस्था, लोक संस्कृति और शाहपुरा की समृद्ध धार्मिक परंपराओं का अनूठा संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा। 22 सितंबर को जलझूलनी एकादशी के अवसर पर शाहपुरा नगर में ठाकुरजी के बेवाणों की भव्य सामूहिक शोभायात्रा निकाली जाएगी। श्री चारभुजानाथ भक्त मंडल के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस धार्मिक महोत्सव को इस बार विशेष आकर्षणों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ शाही स्वरूप दिया जा रहा है। नगर के विभिन्न मंदिरों से ठाकुरजी सजे-धजे बेवाणों में विराजित होकर शोभायात्रा में शामिल होंगे और पिवणियां तालाब पहुंचकर जलविहार करेंगे।
जलझूलनी एकादशी शाहपुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख पर्व है। इस दिन भगवान के विग्रह को बेवाण में विराजित कर जलविहार कराने की परंपरा लंबे समय से लोक आस्था का हिस्सा रही है। इस अवसर पर पूरा नगर धार्मिक उल्लास में शामिल होता है। इस वर्ष आयोजन को भव्य बनाने के लिए चारभुजानाथ भक्त मंडल और श्रद्धालुओं की ओर से विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
फूलों और रोशनी से सज रहा नगर
जलझूलनी एकादशी को लेकर शाहपुरा में उत्सव का माहौल बनने लगा है। नगर के प्रमुख मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से सजाया जा रहा है। शोभायात्रा के मार्ग पर भी आकर्षक सजावट की जा रही है। नगर पालिका प्रशासन की ओर से मार्ग की साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है, ताकि धार्मिक जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। आयोजन समिति ने इस बार धार्मिक झांकियों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी विशेष महत्व दिया है। त्रिमूर्ति चौराहे पर पहली बार जीवंत झांकियों का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए करीब 12 गुणा 15 फीट का मंच तैयार किया जा रहा है। यहां वराह अवतार और सौमुखी कालिका की जीवंत झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
महलों के चौक में एकत्र होंगे ठाकुरजी के बेवाण
जलझूलनी एकादशी के दिन मंगलवार को नगर के विभिन्न मंदिरों से ठाकुरजी के सजे-धजे बेवाण दोपहर तक महलों के चौक में एकत्र होंगे। यहां से अपराह्न 3 बजे शाही लवाजमे के साथ सामूहिक शोभायात्रा रवाना होगी। शोभायात्रा में धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और पारंपरिक वाद्ययंत्रों का संगम देखने को मिलेगा। बैंड-बाजों के साथ ढोल, शंखध्वनि, नगाड़े और शहनाई की स्वर लहरियां वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी। उज्जैन का प्रसिद्ध गणेश बैंड भी अपनी विशेष प्रस्तुतियां देगा, जिसे इस बार शोभायात्रा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया है। बैंड की प्रस्तुतियों के दौरान युवाओं और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिलेगा। वहीं बालिकाओं का अखाड़ा प्रदर्शन भी इस वर्ष विशेष आकर्षण रहेगा। बालिकाएं अखाड़ा कला और पारंपरिक कौशल का प्रदर्शन करेंगी। आयोजकों के अनुसार यह प्रस्तुति धार्मिक आयोजन में संस्कृति, परंपरा और बालिकाओं की सहभागिता का विशेष संदेश देगी।
धार्मिक झांकियां बढ़ाएंगी शोभायात्रा की भव्यता
शोभायात्रा में कान तारा, वराह अवतार, हाइड्रोलिक गणेश भगवान और श्मशान रथ भूत यात्रा सहित विभिन्न आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। इनके माध्यम से धार्मिक प्रसंगों और लोक आस्था से जुड़े विषयों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा डमरू नृत्य और सामूहिक आरती भी शोभायात्रा को विशेष धार्मिक रंग प्रदान करेंगे। शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं की ओर से ठाकुरजी के बेवाणों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। इलेक्ट्रिक फव्वारों के माध्यम से इत्र का छिड़काव किए जाने की भी व्यवस्था की गई है। इससे पूरे मार्ग पर उत्सवी माहौल और अधिक आकर्षक नजर आएगा। त्रिमूर्ति चौराहे पर जीवंत झांकियों के प्रदर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को धार्मिक कथाओं और प्रसंगों का सजीव रूप देखने को मिलेगा। आयोजन समिति का मानना है कि इस तरह की प्रस्तुतियां नई पीढ़ी को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बन सकती हैं।
पिवणियां तालाब पर होगा ठाकुरजी का जलविहार
महलों के चौक से रवाना होने वाली शोभायात्रा सदर बाजार और त्रिमूर्ति चौराहा होते हुए पिवणियां तालाब पहुंचेगी। यहां सरोवर के तट पर पुजारियों द्वारा विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार ठाकुरजी के बेवाणों का जलविहार कराया जाएगा। जलझूलनी एकादशी का यह प्रमुख धार्मिक क्षण होगा। ठाकुरजी के जलविहार के दर्शन के लिए शाहपुरा नगर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। जलविहार के बाद सामूहिक महाआरती का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु दीप प्रज्वलित कर भगवान की आरती में सहभागी बनेंगे।
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