श्री चम्पेश्वर महादेव मंदिर में भव्य सहस्रघट अभिषेक, 3000 लीटर पंचामृत से 81 जोड़ों ने किया अभिषेक

खबर सार :-

श्री चम्पेश्वर महादेव मंदिर में चतुर्थ अनुष्ठान के तहत 3000 लीटर पंचामृत से 81 जोड़ों ने सहस्रघट अभिषेक किया। हवन, आरती और श्रृंगार दर्शन के साथ आयोजन का समापन होगा।
चम्पेश्वर महादेव मंदिर में पंचामृत से सहस्रघट अभिषेक, भगवान शिव का अभिषेक

खबर विस्तार : -

जयपुरः कस्बे में स्थित प्रसिद्ध श्री चम्पेश्वर महादेव मंदिर में रविवार को चतुर्थ अनुष्ठान के तहत भव्य सहस्रघट अभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक आयोजन में इस वर्ष करीब 3000 लीटर पंचामृत से 81 जोड़े भगवान चम्पेश्वर महादेव का अभिषेक कर रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में शामिल होकर भगवान महादेव के दर्शन कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्था

आयोजन की शुरुआत सुबह मंडल पूजन के साथ हुई। इसके बाद पंचामृत से सहस्रघट अभिषेक शुरू किया गया। मंदिर समिति और महिला मंडल की ओर से आयोजन को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं से भी समय पर मंदिर पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया गया है। कार्यक्रम संयोजक श्याम सोनी सुनालिया और सह-संयोजक एडवोकेट विक्रम गौगरा ने बताया कि भगवान चम्पेश्वर महादेव का सहस्रघट अभिषेक हर वर्ष नई श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 3000 लीटर पंचामृत से 81 जोड़ों द्वारा भगवान शिव का अभिषेक किया जा रहा है। आयोजन में श्रद्धालुओं की भागीदारी को देखते हुए मंदिर परिसर में विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं।

आयोजन समिति के अनुसार अभिषेक के बाद दोपहर 1 बजकर 15 मिनट से शाम 4 बजकर 15 मिनट तक धार्मिक कार्यक्रम जारी रहेंगे। इसके बाद शाम 4 बजकर 15 मिनट से 5 बजकर 15 मिनट तक हवन एवं आरती का आयोजन किया जाएगा। शाम 6 बजकर 15 मिनट से प्रसादी का कार्यक्रम रखा गया है। धार्मिक आयोजन का समापन भगवान चम्पेश्वर महादेव के भव्य श्रृंगार दर्शन के साथ होगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष रामकिशोर बैराडिया, सचिव दिनेश शर्मा, कोषाध्यक्ष मीतालाल शर्मा, व्यवस्थापक गजानंद शर्मा और धर्मराज शर्मा, महिला मंडल प्रमुख निधि जैन तथा सदस्य शंभू दयाल सोनी सहित समिति के पदाधिकारी आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।

लगातार बढ़ रहा आयोजन का स्वरूप

 महिला मंडल प्रमुख निधि जैन के अनुसार श्री चम्पेश्वर महादेव मंदिर में सहस्रघट अभिषेक की परंपरा पिछले तीन वर्षों से लगातार नए स्वरूप में आयोजित की जा रही है। वर्ष 2023 में ऋषिकेश से मंगवाए गए 13 हजार लीटर शुद्ध गंगाजल के टैंकर से 51 जोड़ों ने अभिषेक किया था। इसके बाद 2024 में 3000 लीटर गाय के दूध से 61 जोड़ों ने सहस्रघट अभिषेक किया। वर्ष 2025 में 3500 लीटर गन्ने के रस से 71 जोड़ों ने भगवान चम्पेश्वर महादेव का पूजन-अभिषेक किया था। इस वर्ष आयोजन में 3000 लीटर पंचामृत और 81 जोड़ों को शामिल किया गया है। समिति के अनुसार हर वर्ष अभिषेक के माध्यम और इसमें शामिल होने वाले जोड़ों की संख्या में बदलाव के साथ आयोजन का स्वरूप भी विस्तृत होता जा रहा है।

 मंदिर परिसर में चल रहे इस धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालु भगवान चम्पेश्वर महादेव के दर्शन और अभिषेक में शामिल हो रहे हैं। शाम को हवन-आरती और भव्य श्रृंगार दर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

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